असम सरकार ने राज्य में पर्यावरण सुरक्षा, रोजगार और प्रशासनिक सुधारों को लेकर कई अहम नीतियों पर मुहर लगाई है। लोक सेवा भवन में आयोजित कैबिनेट बैठक के बाद लिए गए निर्णयों की जानकारी साझा की गई, जिनमें पूर्व अग्निवीरों को राज्य की वर्दीधारी सेवाओं में आरक्षण देने और पुरानी कारों के मालिकाना हक के हस्तांतरण पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की घोषणा शामिल है। इसके अलावा शहरी निकाय चुनावों और आधारभूत संरचना से जुड़े विभागों के कामकाज में भी बदलाव किए गए हैं।
पूर्व अग्निवीरों के लिए 12 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान
राज्य के युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान करने और सुरक्षा बलों में अनुभवी प्रतिभाओं को शामिल करने के उद्देश्य से असम के मूल निवासी पूर्व अग्निवीरों को 12 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया गया है। यह व्यवस्था पुलिस, एपीआरओ (APRO), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा, वन रक्षक और आबकारी विभाग सहित कुल 11 श्रेणियों की भर्तियों में लागू होगी। इस कदम से अनुशासित, तकनीकी रूप से दक्ष और कुशल युवाओं को दोबारा समाज की सेवा में लौटने का अवसर मिलेगा।
पुरानी गाड़ियों के ट्रांसफर पर 3,000 रुपये ग्रीन सेस
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए तीन साल से अधिक पुरानी कारों की खरीद या बिक्री के दौरान मालिकाना हक बदलने पर 3,000 रुपये का ग्रीन सेस वसूलने की मंजूरी दी गई है। हालांकि आम लोगों और पर्यावरण अनुकूल वाहनों को इस शुल्क से राहत दी गई है। इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), सीएनजी (CNG) से चलने वाले वाहन, दोपहिया और तिपहिया वाहनों पर यह ग्रीन सेस लागू नहीं होगा। इसके साथ ही यदि माता-पिता के निधन के बाद वाहन का स्वामित्व उनकी संतानों को हस्तांतरित किया जाता है, तो उस स्थिति में भी कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इस सेस से जमा होने वाले पूरे धन का उपयोग वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में किया जाएगा।
सड़क निर्माण विभाग और ब्रह्मपुत्र रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट में बदलाव
सड़क परियोजनाओं को अधिक सुचारू और प्रभावी बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग (भवन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग) से राष्ट्रीय राजमार्ग के प्रभाग को अलग कर पीडब्ल्यूडी (सड़क) विभाग में शामिल करने की मंजूरी दी गई है। इसके अतिरिक्त, ब्रह्मपुत्र रिवरफ्रंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के दूसरे चरण की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की जिम्मेदारी टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स लिमिटेड को सौंपी गई है। यह दूसरा चरण कचहरी बाजार से लेकर नीलाचल पहाड़ियों की तलहटी तक के हिस्से को कवर करेगा।
मधुपुर सत्र को सहायता और नगर निगम चुनाव नियम
सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री सार्वजनिक आपातकालीन योजना के तहत मधुपुर सत्र के संचालन हेतु हर महीने 1 लाख रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है। वहीं शहरी प्रशासन को मजबूती देने के लिए असम नगर निगम चुनाव (संशोधन) नियम, 2026 को मंजूरी दी गई है। इस नए नियम के तहत नगर निगम चुनाव से जुड़े विवादों और मामलों के निपटारे का अधिकार संबंधित जिला न्यायाधीश की अदालत को सौंपा गया है।



















