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ब्लूस्काई ने पेश किया नया एआई टूल, अब बिना कोडिंग के तैयार होंगे गेम और वेबसाइटऐप्स
18 अक्तू॰ 2026, 12:32 am (10 दिन पहले)· 1

ब्लूस्काई ने पेश किया नया एआई टूल, अब बिना कोडिंग के तैयार होंगे गेम और वेबसाइट

ब्लूस्काई ने अपने प्रायोगिक ऐप ऐटी का दायरा बढ़ाकर आम यूजर्स को वेबसाइट और गेम बनाने की सुविधा दी है, जो सीधे एटी प्रोटोकॉल नेटवर्क से जुड़ेंगे।

विकेंद्रीकृत सोशल नेटवर्क ब्लूस्काई अपने प्रायोगिक ऐप ऐटी (Attie) का दायरा बढ़ाते हुए आम यूजर्स के लिए सॉफ्टवेयर निर्माण को बेहद आसान बनाने में जुट गया है। पहले केवल कस्टम सोशल फीड तैयार करने तक सीमित रहा यह टूल अब हर किसी को अपनी पसंद की वेबसाइट, छोटे गेम और इंटरैक्टिव डिजिटल अनुभव गढ़ने की सुविधा दे रहा है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य उन तकनीकी कामों को आम इंटरनेट यूजर्स की पहुंच में लाना है, जिन्हें अब तक केवल पेशेवर सॉफ्टवेयर डेवलपर्स ही कोड लिखकर बना पाते थे।

एटी प्रोटोकॉल और एटमॉस्फियर नेटवर्क से सीधा जुड़ाव

ऐटी के जरिए तैयार की जाने वाली तमाम वेबसाइट, गेम और नए डिजिटल प्रयोग स्वतंत्र रूप से अलग-थलग नहीं रहेंगे। वे सभी उसी एटी प्रोटोकॉल (ATProto) पर काम करेंगे, जो ब्लूस्काई और उससे जुड़े अन्य विकेंद्रीकृत सोशल ऐप्स को शक्ति प्रदान करता है। इस पूरे विकेंद्रीकृत सोशल इकोसिस्टम को एटमॉस्फियर (Atmosphere) के नाम से जाना जाता है। जब भी कोई क्रिएटर इस प्लेटफॉर्म पर कुछ नया बनाएगा, तो वह सीधे उसकी एटी प्रोटोकॉल डिजिटल पहचान से जुड़ जाएगा। इसके अलावा यह सिस्टम यूजर की पब्लिक ब्लूस्काई प्रोफाइल को ध्यान में रखकर नए प्रोजेक्ट्स के सुझाव भी देगा।

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सहयोग और सामूहिक निर्माण पर जोर

ऑटोमैटिक के पूर्व सीईओ और ट्रू वेंचर्स के पार्टनर रह चुके श्नाइडर अब कंपनी की कमान संभाल रहे हैं। वे इससे पहले अंतरिम तौर पर कामकाज देख रहे थे, जब मार्च में पूर्व सीईओ जे ग्रेबर ने मुख्य नवाचार अधिकारी बनने के लिए अपना पद छोड़ा था। एआई के इस नए दौर में कंपनी का नेतृत्व करते हुए श्नाइडर ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में बिना गहन तकनीकी ज्ञान के सॉफ्टवेयर बनाना, जिसे अक्सर वाइब कोडिंग कहा जाता है, अकेले किया जाने वाला काम बनकर रह गया है।

आज के समय में वाइब कोडिंग एक तरह से अकेले किया जाने वाला अनुभव है।

श्नाइडर ने बताया कि वे ऐसा माहौल तैयार करना चाहते हैं जहां लोग मिलकर काम कर सकें या दोस्तों के समूहों के लिए चीजें बना सकें, और यह नया टूल इसी दिशा में काम करता है। उनका मानना है कि इंटरनेट पर हर समय पूरी दुनिया से संवाद करने की जरूरत नहीं होती, बल्कि दोस्तों के छोटे समूहों के लिए मजेदार सोशल प्रयोग होने चाहिए।

ओपन-वेट मॉडल्स और 4.7 करोड़ यूजर्स का डिस्ट्रीब्यूशन

इस टूल पर निर्माण करने के लिए यूजर्स अपने पसंदीदा एआई मॉडल को कनेक्ट कर सकते हैं या फिर ओपन-वेट विकल्पों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके जरिए बनाए गए गेम्स और साइट्स को सीधे तौर पर दर्शकों तक पहुंचाया जा सकेगा। कंपनी की मुख्य परिचालन अधिकारी रोज़ वांग ने बताया कि आज हर कोई कुछ न कुछ बना रहा है, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती यह तय करना है कि उन प्रोजेक्ट्स का इस्तेमाल कौन करेगा क्योंकि वितरण की समस्या अभी तक नहीं सुलझी है। उन्होंने रेखांकित किया कि ऐटी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे ब्लूस्काई के विशाल नेटवर्क का वितरण स्वतः मिल जाता है।

वर्तमान में इस पूरे सोशल नेटवर्क पर 4.7 करोड़ पंजीकृत यूजर्स मौजूद हैं। हालांकि शुरुआती उत्साह के बाद कुछ यूजर्स के एक्स पर वापस लौटने के कारण नेटवर्क की सक्रियता में गिरावट भी देखी गई है। ऐसे समय में यह टूल यूजर्स की भागीदारी को नए सिरे से बढ़ाने की बड़ी योजना का हिस्सा है।

प्राइवेट डेटा सपोर्ट और आने वाले बदलाव

आने वाले महीनों में डेवलपर्स और कम्युनिटीज को जोड़ने के लिए कई नए फीचर्स लाए जा रहे हैं। इनमें सबसे अहम बदलाव एटी प्रोटोकॉल में निजी डेटा के लिए सपोर्ट जोड़ना है, जो डेवलपर्स की सबसे पुरानी और बड़ी मांग रही है। श्नाइडर के अनुसार यह प्राइवेट डेटा फीचर फिलहाल अल्फा टेस्टिंग चरण में है और इसे साल के अंत तक सभी के लिए जारी करने की योजना बनाई गई है।

सवाल-जवाब

ऐटी ऐप मूल रूप से किस काम के लिए शुरू किया गया था?
यह शुरुआत में एक प्रायोगिक टूल था, जिसे एआई की मदद से कस्टम सोशल फीड तैयार करने के लिए पेश किया गया था।
क्या इस प्लेटफॉर्म पर गेम या वेबसाइट बनाने के लिए कोडिंग जानना जरूरी है?
नहीं, यह टूल आम यूजर्स को बिना पारंपरिक प्रोग्रामिंग ज्ञान के वेबसाइट और छोटे गेम बनाने की सुविधा देता है।
ब्लूस्काई नेटवर्क पर इस समय कितने रजिस्टर्ड यूजर्स हैं?
नेटवर्क पर इस समय 4.7 करोड़ (47 मिलियन) पंजीकृत यूजर्स मौजूद हैं।
प्राइवेट डेटा सपोर्ट कब तक शुरू होने की उम्मीद है?
प्राइवेट डेटा फीचर वर्तमान में अल्फा टेस्टिंग में है और इसे साल के अंत तक पूरी तरह रोल आउट करने की योजना है।
कंपनी के नेतृत्व में हाल ही में क्या बदलाव हुए हैं?
पूर्व सीईओ जे ग्रेबर के मुख्य नवाचार अधिकारी बनने के बाद श्नाइडर ने कंपनी के प्रमुख के रूप में जिम्मेदारी संभाली है।
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टिप्पणियाँ 5

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·10 दिन पहले

बिना कोडिंग के गेम और वेबसाइट बनाना वाकई मजेदार लग रहा है, खासकर तब जब इसे सीधे दोस्तों के साथ शेयर किया जा सके।

Ravikash Gupta@ravikash·10 दिन पहले

बिना कोडिंग के गेम और वेबसाइट बनाना अब सचमुच आसान हो गया है। सबसे अच्छी बात यह है कि ये सब सीधे एटी प्रोटोकॉल से जुड़ेंगे, जिससे इन्हें ढूंढना और दोस्तों के साथ शेयर करना बहुत आसान हो जाएगा।

Laxmi Gupta@laxmi-gupta·10 दिन पहले

रविकेश, आपकी बात सही है पर क्या यह तकनीक आगे चलकर हमारी असली सोशल बॉन्डिंग को कमज़ोर नहीं कर देगी?

Michael Anderson@michael-anderson·10 दिन पहले

बिना कोडिंग के गेम और वेबसाइट बनाना सुनने में तो बढ़िया है, पर मुझे शक है कि आम लोग वाकई इसका इस्तेमाल करेंगे या फिर ये सिर्फ तकनीकी शौकीनों के लिए ही खिलौना बनकर रह जाएगा।

Rohan Gupta@rohan-gupta·10 दिन पहले

माइकल, बात सही है आपकी, लेकिन एटी प्रोटोकॉल का साथ मिलने से शायद इस बार आम लोग भी सच में कुछ बना पाएंगे।

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