वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में केंद्रीय बैंकों की आगामी बैठकों को लेकर अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। जी10 (G10) मुद्राओं में मिला-जुला कारोबार दर्ज किया जा रहा है, जो बाजार में सीमित जोखिम उठाने की प्रवृत्ति को दर्शाता है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति समिति यानी एफओएमसी (FOMC) की महत्वपूर्ण बैठक से ठीक पहले निवेशकों की नजरें ब्याज दरों की दिशा पर टिकी हुई हैं। बाजार में फिलहाल अगली बैठक के लिए 3 आधार अंकों की बढ़ोतरी और दिसंबर तक 22 आधार अंकों के कसने की उम्मीद लगाई जा रही है।
डॉलर इंडेक्स और फेयर वैल्यू में बढ़ता अंतर
स्कॉटियाबैंक के मुद्रा विश्लेषकों के अध्ययन के अनुसार, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) और इसके उचित मूल्य (Fair Value) अनुमान के बीच का फासला लगातार चौड़ा होता जा रहा है। वर्तमान में DXY स्पॉट स्तर 102.2 के आसपास बना हुआ है, जबकि इसका फेयर वैल्यू अनुमान 100.5 के स्तर पर है। यह अंतर दर्शाता है कि हाल के दिनों में डॉलर को धारणा के आधार पर सहारा मिला है, जबकि ब्याज दरों का अंतर घटने से इसका मौलिक आधार कमजोर हुआ है।
यदि फेडरल रिजर्व की ओर से नीति को यथावत (न्यूट्रल होल्ड) रखने का निर्णय लिया जाता है, तो अमेरिकी डॉलर के लिए नीचे की तरफ जाने का जोखिम काफी बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में नीति निर्माता मुद्रास्फीति में आई गिरावट के रुझानों को स्वीकार कर सकते हैं, जिससे डॉलर की विनिमय दर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और जापानी येन में हलचल
एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) में बढ़त दर्ज की गई और यह चढ़कर 0.7030 के स्तर पर पहुंच गया। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा ब्याज दरों में सख्ती बनाए रखने की उम्मीदों के कारण ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को समर्थन मिल रहा है। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया के सितंबर महीने के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़ों और फेड के फैसले से पहले यह 100-दिवसीय साधारण गतिमान औसत (SMA) के महत्वपूर्ण प्रतिरोध स्तर से नीचे बना हुआ है।
दूसरी ओर, जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (USD/JPY) लगातार तीसरे दिन बढ़त बनाने में सफल रहा। बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा निकट भविष्य में आक्रामक रूप से ब्याज दरें बढ़ाने की कम संभावनाओं के चलते जापानी येन पर दबाव देखा जा रहा है। इसके कारण USD/JPY विनिमय दर लगभग दो सप्ताह के उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गई है।
सोना और क्रिप्टोकरेंसी बाजार का हाल
अमेरिकी कारोबारी सत्र में सोने की कीमतों में मामूली सुधार देखा गया। कच्चे तेल के दामों में आई हल्की गिरावट ने सोने को कुछ राहत दी, लेकिन अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने इसकी ऊपरी बढ़त को सीमित कर दिया। निवेशक बुधवार को होने वाली फेड नीति घोषणा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में मंगलवार को व्यापक बिकवाली का माहौल रहा। बिटकॉइन (BTC) गिरकर $80,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि बाद में लाइव सत्र के दौरान यह $80,538 के आसपास स्थिर हुआ। इथेरियम (ETH) में भी तटस्थ से मंदी का रुख देखने को मिला, वहीं रिपल (XRP) $1.30 के स्तर के करीब बना रहा।
वैश्विक कारक और सुरक्षित संपत्ति की मांग
अमेरिकी डॉलर सूचकांक (DXY) ने पिछले तीन दिनों में 0.6% की रैली की है और 102.00 के ऊपर दो सप्ताह के नए शिखर को छुआ है। बाजार सहभागियों को उम्मीद है कि फेड अपनी आगामी बैठक में सख्त रुख बनाए रख सकता है। इसके अलावा, अमेरिका और ईरान के बीच तत्काल शांति समझौते की उम्मीदें धूमिल होने से सुरक्षित संपत्ति के रूप में अमेरिकी डॉलर की मांग को अतिरिक्त समर्थन मिला है।





















