म्यूज़िक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म डीज़र ने इंसानी कलाकारों के संगीत को प्राथमिकता देने वाले यूज़र्स के लिए एक अहम कदम उठाया है। कंपनी ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि वह एक नए टॉगल बटन पर काम कर रही है, जिसकी मदद से यूज़र्स अपने प्लेटफॉर्म पर अपलोड किए गए एआई निर्मित संगीत को आसानी से फ़िल्टर कर बाहर कर सकेंगे। यह नया फीचर इसी साल के समाप्त होने से पहले सभी यूज़र्स के लिए उपलब्ध होने की उम्मीद है।
इस सुविधा के चालू होते ही यूज़र्स को सर्च नतीजों में किसी भी तरह के एआई जनरेटेड गाने, पूरे एल्बम और ऐसे कंप्यूटर जनित कलाकारों की प्रोफाइल दिखाई देना बंद हो जाएगी। कंपनी का मानना है कि इससे उन श्रोताओं को सीधा फ़ायदा होगा जो केवल वास्तविक कलाकारों की रचनाएं सुनना पसंद करते हैं।
श्रोताओं की मांग और मंच पर एआई गानों की बाढ़
डीज़र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलेक्सिस लैंटर्नियर ने इस बदलाव के पीछे ग्राहकों की भारी मांग को मुख्य वजह बताया। डीज़र के सीईओ एलेक्सिस लैंटर्नियर ने एक बयान में कहा, "हमने एआई संगीत को फ़िल्टर करने की साफ़ मांग देखी है, और अब हम सभी को अपने अनुभव से इसे पूरी तरह हटाने का विकल्प दे रहे हैं।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो लोग चाहें, वे अपना पूरा ध्यान केवल इंसानी रचनाकारों और उनके काम पर केंद्रित कर सकते हैं।
प्लेटफ़ॉर्म पर कृत्रिम रूप से तैयार संगीत की तादाद अचानक बढ़ना भी इस फीचर को लागू करने की बड़ी वजह बना। कंपनी ने पिछले साल के एक सर्वेक्षण का हवाला दिया, जिसमें पाया गया था कि डीज़र के लगभग 45% ग्राहक अपने फ़ीड से एआई संगीत को पूरी तरह साफ़ करने की सुविधा चाहते थे।
अपलोड में एआई गानों की हिस्सेदारी 50 फीसदी के पार
डीज़र ने पिछले साल एआई पहचान उपकरण पेश किए थे और तभी से वह अपने मंच पर आने वाले गानों की नियमित निगरानी कर रहा है। उस शुरुआती दौर में, प्लेटफॉर्म पर आने वाले दैनिक संगीत में एआई ट्रैक्स की हिस्सेदारी केवल 10% दर्ज की गई थी। इसके उलट, जुलाई के आंकड़ों के अनुसार दैनिक अपलोड में 50% से अधिक हिस्सा एआई ट्रैक्स का हो चुका था, जो औसतन 90,000 गाने प्रति दिन बैठता है।
अन्य स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स का रुख
सिंथेटिक ऑडियो को लेकर दुनिया भर की अन्य स्ट्रीमिंग सेवाएं भी अलग-अलग नीतियां अपना रही हैं। बैंडकैंप ने अपने मंच पर एआई गानों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है, जबकि टाइडल ने ऐसे संगीत को अपलोड करने वालों की कमाई बंद करने का रास्ता चुना है। इसके विपरीत, स्पॉटिफ़ाई ने अधिक लचीला रुख अपनाते हुए केवल एआई प्रोफाइल्स को प्रमुखता से लेबल करने और उन्हें रिकमेंडेशन से बाहर रखने तक सीमित रखा है। एप्पल म्यूज़िक भी साल के अंत तक कृत्रिम गानों पर लेबल लगाने की तैयारी में है, जबकि कई संगीत प्रेमी खुद स्वतंत्र ट्रैकिंग प्रणालियों की मदद से इन गानों की पहचान कर रहे हैं।


















