लोकसभा चुनाव के दौरान मतदान केंद्रों पर लगने वाली लंबी कतारों और धूप में घंटों खड़े रहने की परेशानी से मतदाताओं को राहत मिलने जा रही है। डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल करते हुए मतदाताओं की सुविधा के लिए एक अनूठी व्यवस्था बनाई गई है। इसके जरिए लोग घर बैठे अपने मोबाइल स्क्रीन पर यह देख सकेंगे कि उनके पोलिंग बूथ पर इस समय कितने लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। इस पहल का सीधा मकसद मतदान प्रतिशत बढ़ाना और नागरिकों के कीमती समय की बचत करना है।
नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर ने विकसित किया डिजिटल टूल
इस आधुनिक प्रणाली को नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर हरियाणा की टीम ने तैयार किया है। इस विशेष प्लेटफॉर्म को वोटर्स-इन-क्यू नाम दिया गया है, जिसे मोबाइल ऐप के साथ-साथ एक विशेष वेबसाइट के तौर पर भी लॉन्च किया गया है। कंप्यूटर या फोन ब्राउज़र के जरिए मतदाता www.eqmshry.nic.in पर जाकर भी सीधे कतार की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। देश में पहली बार किसी चुनाव में मतदाताओं की सहूलियत के लिए इस तरह का डिजिटल प्रयोग पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है।
बूथ लेवल अधिकारियों को मिला विशेष प्रशिक्षण
प्रणाली को धरातल पर सुचारू रूप से लागू करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। करनाल जिले में तैनात सभी बूथ लेवल अधिकारियों यानी बीएलओ को इस ऐप के तकनीकी संचालन का विधिवत प्रशिक्षण दिया जा चुका है। नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर के संयुक्त निदेशक कमल त्यागी के अनुसार, इस नए प्रयोग को हरियाणा राज्य चुनाव आयोग ने पूरी मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही भारत निर्वाचन आयोग ने भी चुनावी प्रक्रिया में इसे प्रायोगिक आधार पर शामिल करने के लिए अपनी सहमति प्रदान की है।
जानिए कैसे काम करेगी यह तकनीकी सुविधा
इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए मतदाताओं को एक बेहद सरल प्रक्रिया का पालन करना होगा। मोबाइल ऐप या वेबसाइट पर जाकर मतदाता को अपने क्षेत्र का विवरण, पोलिंग बूथ की संख्या व नाम और अपना मतदाता नाम दर्ज करना होगा। इसके बाद मतदाता के मोबाइल नंबर पर एक वन टाइम पासवर्ड यानी ओटीपी भेजा जाएगा। इस ओटीपी को दर्ज करते ही मतदाता का फोन सीधे संबंधित मतदान केंद्र के बीएलओ से डिजिटल माध्यम से जुड़ जाएगा।
मतदान केंद्र पर मौजूद बीएलओ की यह जिम्मेदारी तय की गई है कि वह हर तीस मिनट से एक घंटे के अंतराल पर कतार की वास्तविक स्थिति को सिस्टम में अपडेट करेंगे। इस लगातार मिलने वाली जानकारी के आधार पर लोग यह तय कर सकेंगे कि उन्हें वोट डालने के लिए घर से कब निकलना चाहिए। जैसे ही बूथ पर मतदाताओं की भीड़ कम होगी, नागरिक तुरंत पहुंचकर बिना किसी अनावश्यक देरी के अपने मताधिकार का उपयोग कर सकेंगे।
शुरुआती चरण में शामिल किए गए चुनिंदा विधानसभा क्षेत्र
इस पायलट प्रोजेक्ट को राज्य के लगभग ढाई दर्जन विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ आजमाया जा रहा है। प्रारंभिक ट्रायल के तहत जिन इलाकों को चुना गया है, उनमें करनाल, गुरुग्राम, रोहतक, बहादुरगढ़, कैथल, झज्जर, रेवाड़ी, नारनौल, नूंह, पलवल, फरीदाबाद और बड़खल शामिल हैं। इनके अलावा पंचकुला, अंबाला कैंट, अंबाला सिटी, यमुनानगर, थानेसर, पानीपत और सोनीपत विधानसभा क्षेत्रों में भी वोटर्स-इन-क्यू ऐप की सेवा सक्रिय की गई है।
प्रशासन का मानना है कि यदि यह पायलट परीक्षण सफल रहता है, तो आने वाले समय में इसे राज्य की सभी विधानसभा सीटों और अन्य चुनावों में भी व्यापक पैमाने पर लागू किया जाएगा। स्थानीय नागरिकों ने भी इस डिजिटल नवाचार का स्वागत किया है। आम मतदाताओं का कहना है कि लाइन की स्थिति पहले से पता चलने से समय की बचत होगी और बुजुर्गों तथा कामकाजी लोगों के लिए मतदान करना बेहद आसान हो जाएगा।



















