अरुणाचल प्रदेश के जंगलों की समृद्ध वनस्पति संपदा में एक और दुर्लभ कड़ी जुड़ गई है। केयी पन्योर जिले में वैज्ञानिकों के एक दल ने बेगोनिया पौधे की एक बिल्कुल नई प्रजाति की पहचान की है। इस नए पौधे को आधिकारिक तौर पर बेगोनिया नीलमोरम (Begonia neelamorum) नाम दिया गया है। इस खोज से संबंधित पूरा शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय समीक्षा प्राप्त वैज्ञानिक पत्रिका ताइवानिया (Taiwania) में प्रकाशित हुआ है। इस खोज की पुष्टि शुक्रवार को अधिकारियों द्वारा साझा की गई जानकारी में की गई।
स्थानीय समुदाय को समर्पित है नया नाम
इस वनस्पति की खोज शोधकर्ताओं की एक संयुक्त टीम ने की है, जिसमें दीपांकर बोराह, मधुसूदन खनाल, मोमांग ताराम और नीलम गैप शामिल थे। अध्ययन के अनुसार, इस नई प्रजाति का नाम नीशी समुदाय के नीलम कबीले के सम्मान में नीलमोरम रखा गया है। शोध अभियान के दौरान स्थानीय कबीले के सदस्यों ने दल को दुर्गम जंगलों में महत्वपूर्ण सहयोग और जमीनी सहायता प्रदान की थी। क्षेत्रीय स्तर पर स्थानीय लोग इस पौधे को 'कोबीइरहोपु बाब्रई' कहकर पुकारते हैं।
पौधे की शारीरिक संरचना और अनूठी विशेषताएं
अन्वेषण के दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि यह छोटा कंदयुक्त पौधा केयी नदी के किनारे स्थित अत्यंत खड़ी और नम दीवारों पर उगता है। यह क्षेत्र समुद्र तल से लगभग 1,000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। देखने में इस पौधे में केवल एक ही हल्का हरा पत्ता होता है जो सीधे तने से जुड़ा रहता है और इस पर सफेद रंग के नर और मादा फूल खिलते हैं। हालांकि पहली नज़र में यह बेगोनिया प्रोलिफेरा जैसा प्रतीत होता है, लेकिन सूक्ष्म परीक्षण के बाद इसमें कई अलग लक्षण पाए गए। इनमें ग्रंथियुक्त बाल, गोल तना, दोहरे दांतेदार किनारों वाले अंडाकार पत्ते, पुष्पक्रम की अनूठी संरचना और तुलनात्मक रूप से छोटी वर्तिकाएं शामिल हैं।
सीमित दायरा और संरक्षण की वर्तमान स्थिति
वर्तमान वैज्ञानिक आंकड़ों के अनुसार, यह नई प्रजाति केयी पन्योर जिले में केवल तीन वर्ग किलोमीटर के बेहद सीमित भौगोलिक दायरे में ही दर्ज की गई है। इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN) के तय मानकों के आधार पर बेगोनिया नीलमोरम को फिलहाल डेटा डेफिशिएंट (आंकड़ों की कमी) श्रेणी में रखा गया है, क्योंकि इसकी संपूर्ण आबादी और खतरे का सटीक मूल्यांकन करने के लिए अभी पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं है। इस नई खोज के साथ ही पूर्वोत्तर भारत में दर्ज बेगोनिया प्रजातियों की कुल संख्या बढ़कर 54 हो गई है। वैश्विक स्तर पर बेगोनिया वंश के तहत लगभग 2,200 स्वीकृत प्रजातियां हैं, जो मुख्य रूप से दुनिया भर के उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय इलाकों में पाई जाती हैं।























