अरुणाचल प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य प्रशासन ने महीने के अंत में होने वाली प्रस्तावित तीन दिवसीय बैंक हड़ताल के प्रभाव से बचने के लिए सितंबर माह के वेतन, भत्ते और पेंशन की अग्रिम निकासी को मंजूरी दे दी है। इस विशेष प्रबंध के तहत सभी पात्र लोगों के खातों में 25 सितंबर को ही राशि हस्तांतरित करने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
सभी संवर्ग के कर्मचारियों और पेंशनरों को मिलेगा लाभ
इस वित्तीय आदेश का दायरा व्यापक रखा गया है ताकि किसी भी वर्ग को असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके तहत नियमित सरकारी अमले के साथ-साथ आकस्मिक, आकस्मिकता निधि और अनुबंध पर कार्यरत कर्मियों को भी समय से पहले पारिश्रमिक दिया जाएगा। इसके अलावा सेवानिवृत्त बुजुर्गों की मासिक पेंशन और सेवानिवृत्ति से जुड़े अन्य लंबित देयों का भुगतान भी इसी निर्धारित तारीख को पूरा किया जाएगा।
वित्त मंत्रालय की चेतावनी के बाद जारी हुआ त्वरित आदेश
केंद्रीय वित्त मंत्रालय से मिले एक परामर्श पत्र के बाद राज्य सरकार ने यह कदम उठाया है, जिसमें 28 सितंबर से 30 सितंबर के बीच बैंकिंग कामकाज ठप रहने की आशंका जताई गई थी। इस परामर्श पर त्वरित संज्ञान लेते हुए संयुक्त सचिव (बजट) इकार बिरची ने गुरुवार को औपचारिक दिशा-निर्देश जारी किए। प्रशासन ने इस पूरी प्रक्रिया को अत्यंत आवश्यक श्रेणी में रखा है।
कोषागार और आहरण अधिकारियों को मिले कड़े निर्देश
आदेश के सुचारू क्रियान्वयन के लिए राज्य भर के कोषागार और उप-कोषागार अधिकारियों को सतर्क कर दिया गया है। साथ ही सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (DDO) और क्षेत्रीय बैंक प्रबंधकों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि वे तय समयसीमा के भीतर भुगतान की कागजी और तकनीकी प्रक्रिया पूरी करें, ताकि कर्मचारियों को बिना रुकावट राशि मिल सके।
पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग पर अड़ी हैं बैंक यूनियनें
देश भर में बैंकिंग सेवाओं को प्रभावित करने वाली इस हड़ताल का आह्वान यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने किया है, जो कई प्रमुख बैंक कर्मचारी संगठनों का संयुक्त मंच है। यूनियनों की मुख्य मांगों में सभी शनिवारों को अवकाश घोषित करते हुए पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करना शामिल है। उनका तर्क है कि भारतीय रिजर्व बैंक, केंद्र सरकार के दफ्तरों और बीमा क्षेत्र की तर्ज पर वाणिज्यिक बैंकों में भी समान कार्य प्रणाली लागू की जानी चाहिए।



















