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अरुणाचल प्रदेश में रचा गया स्वास्थ्य इतिहास, नाहरलगुन के TRIHMS में पहली सफल किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी संपन्नअरुणाचल प्रदेश
28 सित॰ 2026, 4:55 pm (21 मिनट पहले)· 0

अरुणाचल प्रदेश में रचा गया स्वास्थ्य इतिहास, नाहरलगुन के TRIHMS में पहली सफल किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी संपन्न

नाहरलगुन स्थित टोमो रीबा इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड मेडिकल साइंसेज में राज्य का पहला गुर्दा प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने अस्पताल पहुंचकर मरीज, अंगदाता बहन और पूरी चिकित्सा टीम को बधाई दी।

अरुणाचल प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की गई है। राज्य के नाहरलगुन स्थित टोमो रीबा इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड मेडिकल साइंसेज (TRIHMS) में पहला सफल किडनी ट्रांसप्लांट (गुर्दा प्रत्यारोपण) किया गया। यह जटिल सर्जरी स्थानीय चिकित्सा टीम द्वारा नई दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल के विशेषज्ञों के सहयोग से सफलतापूर्वक पूरी की गई, जिससे राज्य में ही उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक नया अध्याय शुरू हुआ है।

बहन ने भाई को दिया नया जीवन

इस ऐतिहासिक प्रक्रिया के दौरान एक बहन ने अपने छोटे भाई को नया जीवन देने के लिए अपनी एक किडनी दान की। सफल ऑपरेशन के बाद अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने खुद टोमो रीबा इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड मेडिकल साइंसेज का दौरा किया। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीज और उनकी बड़ी बहन से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य का हाल जाना और बहन के इस त्यागमय कदम की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने इस जटिल ऑपरेशन को अंजाम देने वाले डॉक्टरों, नर्सों, तकनीशियनों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की पूरी टीम से बातचीत की। उन्होंने चिकित्साकर्मियों के समर्पण और कड़ी मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि उनकी इस सफलता ने राज्य की चिकित्सा क्षमता को एक नई पहचान दी है।

तीन वर्षों के प्रशिक्षण और सहयोग का परिणाम

यह सफलता रातों-रात नहीं मिली, बल्कि इसके पीछे तीन साल की लंबी तैयारी और निरंतर प्रशिक्षण का हाथ रहा है। अरुणाचल प्रदेश सरकार पिछले तीन वर्षों से नई दिल्ली स्थित सर गंगा राम अस्पताल के साथ मिलकर काम कर रही थी। इसका उद्देश्य टोमो रीबा इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड मेडिकल साइंसेज के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की क्षमताओं का निर्माण करना था।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी संदेश में मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा कि सर गंगा राम अस्पताल की विशेषज्ञ टीम के मार्गदर्शन और हैंडहोल्डिंग की बदौलत ही संस्थान यह उपलब्धि हासिल कर सका है। उन्होंने कहा कि इस सहयोग से राज्य में अंग प्रत्यारोपण जैसी जटिल प्रक्रियाओं को संभव बनाया जा सका है।

विशेषज्ञों और सहयोगी संस्थाओं का आभार

मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ हर्षा जौहरी और सर गंगा राम अस्पताल की पूरी टीम के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि डॉ जौहरी के अनुभव, मार्गदर्शन और अटूट प्रतिबद्धता ने राज्य की स्थानीय टीम को इस स्तर तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके अलावा, उन्होंने डॉ रश्मी सलूजा और प्रोग्रो इंटरनेशनल को भी दोनों संस्थानों के बीच साझेदारी को मजबूत करने के लिए धन्यवाद दिया।

पेमा खांडू ने सर गंगा राम अस्पताल के प्रबंधन से अनुरोध किया कि वे इस हैंडहोल्डिंग कार्यक्रम को आगे भी जारी रखें, ताकि स्थानीय मेडिकल टीम धीरे-धीरे इन जटिल प्रक्रियाओं में पूर्ण विशेषज्ञता हासिल कर सके। इस सफल प्रत्यारोपण ने यह साबित कर दिया है कि राज्य के डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी अब अति-विशिष्ट चिकित्सा सेवाओं को देने में पूरी तरह सक्षम हैं।

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सवाल-जवाब

अरुणाचल प्रदेश में पहली किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी कहाँ आयोजित की गई?
यह ऐतिहासिक सर्जरी नाहरलगुन स्थित टोमो रीबा इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड मेडिकल साइंसेज (TRIHMS) में संपन्न हुई।
इस सफल ट्रांसप्लांट सर्जरी में किस अस्पताल ने सहयोग दिया?
नई दिल्ली स्थित सर गंगा राम अस्पताल की विशेषज्ञ टीम ने इस सर्जरी के लिए तकनीकी मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान किया।
मरीज के लिए किडनी किसने दान की?
मरीज की बड़ी बहन ने अपने भाई की जान बचाने के लिए अपनी एक किडनी दान की।
इस चिकित्सा अभियान के लिए डॉक्टरों को कितने समय से प्रशिक्षित किया जा रहा था?
अरुणाचल प्रदेश सरकार और सर गंगा राम अस्पताल के बीच पिछले तीन वर्षों से प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण का कार्यक्रम चल रहा था।
सर्जरी के बाद मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने क्या घोषणा की?
मुख्यमंत्री ने मेडिकल टीम को बधाई दी और सर गंगा राम अस्पताल से अनुरोध किया कि वे स्थानीय डॉक्टरों की पूर्ण विशेषज्ञता के लिए इस हैंडहोल्डिंग कार्यक्रम को आगे भी जारी रखें।
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टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·5 मिनट पहले

अरुणाचल में किडनी ट्रांसप्लांट होना वाकई बड़ी बात है, पर तीन साल का वक्त सिर्फ एक सर्जरी की तैयारी के लिए थोड़ा ज़्यादा नहीं लग रहा? बाकी डॉक्टरों की मेहनत को सलाम है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·5 मिनट पहले

रोहन, बात तो तुम्हारी सही है, पर क्या इतने साल सिर्फ ट्रेनिंग में लगे या अस्पताल के बुनियादी ढांचे को तैयार करने में भी वक्त गया?

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