असम पुलिस ने अंतरराज्यीय मादक पदार्थों की तस्करी के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश करते हुए कछार जिले में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, एक वाहन की तलाशी के दौरान लगभग 80,000 याबा टैबलेट्स जब्त की गईं, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 16 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस कार्रवाई से इलाके में ड्रग्स तस्करी के बड़े नेटवर्क को करारा झटका लगा है।
मोयनगरध इलाके में हुई कार्रवाई
यह सफल ऑपरेशन रविवार को मोयनगरध क्षेत्र में चलाया गया। स्थानीय पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि भारी मात्रा में नशीले पदार्थों की एक बड़ी खेप को इस जिले के रास्ते से कहीं और ले जाया जा रहा है। इसी पुख्ता इनपुट के आधार पर पुलिस दल ने सतर्कता बरतते हुए एक संदिग्ध लग्जरी वाहन को रास्ते में रोक लिया और उसकी गहन तलाशी ली।
वाहन के गुप्त खाने में छुपाई गई थीं गोलियां
तलाशी के दौरान पुलिस को वाहन के भीतर एक विशेष रूप से बनाए गए गुप्त चैंबर के बारे में पता चला। इन अवैध नशीली गोलियों को इसी तहखाने में बेहद शातिर तरीके से छिपाकर रखा गया था। शुरुआती जांच-पड़ताल में पुलिस को अंदेशा है कि इस प्रतिबंधित खेप को मिजोरम के रास्ते कछार लाया गया था और इसे किसी अन्य राज्य में सप्लाई करने की योजना थी।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस बड़ी बरामदगी की सराहना करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा किया। उन्होंने @cacharpolice की तारीफ करते हुए लिखा कि तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया गया है और @assampolice ने गुप्त तहखाने से 80,000 याबा टैबलेट्स बरामद कर एक आरोपी को दबोच लिया है। उनकी इस पोस्ट को अगस्त 30, 2026 को साझा किया गया था, जिसमें #AssamAgainstDrugs का भी जिक्र किया गया।
गिरफ्तारी और आगे की जांच
यह पूरी कार्रवाई कछार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पार्थ प्रोतिम दास के निर्देशन में पूरी की गई। पुलिस ने वाहन चला रहे ड्राइवर शम्सुल हुसैन लस्कर को नशीली दवाओं की ढुलाई में संलिप्तता के संदेह में गिरफ्तार कर लिया है। उसे हिरासत में लेकर लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन ड्रग्स का असली स्रोत कहां था और इन्हें अंतिम रूप से कहां पहुंचाया जाना था। जांचकर्ता वाहन की अन्य खूबियों और इस अवैध धंधे से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटे हैं।



















