असम के प्रसिद्ध और पारंपरिक आयोजनों में शुमार नलबाड़ी रास महोत्सव के 93वें संस्करण को लेकर प्रशासनिक और संगठनात्मक स्तर पर तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं। यह वार्षिक सांस्कृतिक व धार्मिक उत्सव इस वर्ष 24 नवंबर से शुरू होकर 6 दिसंबर तक चलेगा। पूरे 13 दिनों तक चलने वाले इस भव्य आयोजन को लेकर नलबाड़ी के ऐतिहासिक श्री श्री हरि मंदिर परिसर में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें उत्सव से जुड़ी सभी जरूरी व्यवस्थाओं की विस्तार से पड़ताल की गई।
समितियों के कामकाज की समीक्षा और दिशा-निर्देश
श्री श्री हरि मंदिर परिसर में आयोजित इस बैठक में विभिन्न उप-समितियों के संयोजकों, सह-संयोजकों और सदस्यों ने भाग लिया। बैठक के दौरान प्रत्येक समिति द्वारा अब तक किए गए कार्यों की प्रगति जांची गई और आयोजन को निर्बाध व व्यवस्थित रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। असम सरकार के मंत्री और नलबाड़ी के विधायक जयंत मल्ला बरुआ ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभी समितियों के बीच मजबूत आपसी समन्वय बनाए रखने पर खास जोर दिया, ताकि सभी प्रबंध तय समय सीमा के भीतर पूरे किए जा सकें।
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि उत्सव में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं और दर्शकों की सुविधा के लिए सभी स्तरों पर व्यवस्थाएं सुचारू होनी चाहिए। जयंत मल्ला बरुआ ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि नलबाड़ी की सांस्कृतिक पहचान का प्रिय प्रतीक यह रास महोत्सव सामूहिक प्रतिबद्धता की मांग करता है। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी पक्षों से इस उत्सव को सफल बनाने के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।
1933 से जारी है ऐतिहासिक परंपरा
नलबाड़ी का रास महोत्सव असम के सबसे विशाल और प्रतिष्ठित धार्मिक-सांस्कृतिक पर्वों में गिना जाता है। इस महोत्सव का इतिहास नौ दशकों से भी अधिक पुराना है। इसकी शुरुआत वर्ष 1933 में नलबाड़ी के ऐतिहासिक श्री श्री हरि मंदिर में हुई थी, और तब से लेकर आज तक हर साल यह परंपरा निरंतर जारी है।
भगवान श्रीकृष्ण की पारंपरिक रास लीला पर आधारित यह 13 दिवसीय महोत्सव केवल नलबाड़ी ही नहीं, बल्कि समूचे असम और राज्य के बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण केंद्र रहता है। इस वर्ष भी लाखों की संख्या में भक्तों और दर्शकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर और मेला परिसर के सभी बुनियादी इंतजामों को समय रहते दुरुस्त किया जा रहा है।



















