असम के मीडिया जगत के जाने-माने पत्रकार और गुवाहाटी स्थित मीडिया संस्थान जीप्लस के संपादक डॉ राहुल चंदा का सोमवार शाम 6.15 बजे निधन हो गया। उन्होंने गुवाहाटी के हयात अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे पिछले कुछ महीनों से अस्वस्थ थे और उनका उपचार चल रहा था। उनके परिवार में उनकी पत्नी, बेटा और मां हैं।
संपादकीय नेतृत्व और जीप्लस के साथ लंबा सफर
डॉ राहुल चंदा ने पत्रकारिता विषय में डॉक्टरेट की उपाधि हासिल की थी। वे पिछले 13 से अधिक वर्षों से जीप्लस से जुड़े हुए थे। जब वर्ष 2013 में इस मीडिया संस्थान की स्थापना हुई थी, तब वे इसकी शुरुआती संस्थापक टीम का अभिन्न हिस्सा थे। संस्थान में लंबे समय तक ब्यूरो चीफ के रूप में अपनी सेवाएं देने के बाद, उन्हें 2 जून 2026 को संपादक पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
पूर्वोत्तर की पत्रकारिता में महत्वपूर्ण योगदान
अपने पूरे करियर के दौरान डॉ चंदा ने जीप्लस की संपादकीय पहचान को गढ़ने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके प्रयासों ने इस संस्थान को क्षेत्र में एक विश्वसनीय, प्रासंगिक और प्रभावशाली मंच के रूप में स्थापित किया। वे अपनी निष्पक्ष रिपोर्टिंग, संपादकीय उत्कृष्टता और पत्रकारिता की मर्यादाओं के प्रति गहरी प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते थे। उन्होंने हमेशा असम और पूर्वोत्तर के लोगों से जुड़े जमीनी और अहम मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाया।
शिक्षा जगत से भी रहा गहरा जुड़ाव
जीप्लस की मुख्यधारा की पत्रकारिता में आने से पहले, डॉ राहुल चंदा ने टेलीविजन और प्रिंट पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में काम किया था। इसके अलावा वे अकादमिक क्षेत्र में भी सक्रिय रहे और उन्होंने रॉयल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। अपने पूरे कार्यकाल में उन्होंने कई युवा पत्रकारों को तराशा और संस्थान के निरंतर विकास में अपना अमूल्य योगदान दिया।
























