अक्टूबर में अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेज बढ़त, नए ऑर्डर्स और उत्पादन ने पकड़ी रफ्तारफेडरल रिजर्व के ब्याज दर बढ़ाने से नहीं थमेगी महंगाई, उत्पादन लागत और ईंधन का दबाव बना बड़ी चुनौतीमुंबई एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट यात्रियों का अनोखा प्रदर्शन, गोरखपुर उड़ान रद्द होने पर विमान के आगे रनवे पर ही बिछाए बैगकॉइनबेस प्रीमियम इंडेक्स में गिरावट के बीच एक्सआरपी 1.25 डॉलर पर स्थिर, मांग में सुस्तीग्रॉक बॉट के इस्तेमाल पर एलन मस्क ने लगाई लगाम, भारी खर्च को बताया मुख्य वजहकच्चे तेल में गिरावट और कूटनीतिक हलचल के बीच चांदी 50 डॉलर के पार, लेकिन तकनीकी मंदी का दबाव बरकरारअनंता रिसॉर्ट विवाद में राजस्थान सरकार की सख्ती, गोयल फैशन्स के तमाम आर्थिक पैकेज और रियायतों पर लगी रोकत्योहारी सीजन में घर पर बनाएं हलवाई जैसे खस्ता नमकपारे, जानें सही मोयन और तलने का पूरा तरीकाआईसीसी वनडे रैंकिंग के टॉप छह में पहुंची अफगानिस्तान क्रिकेट टीम, इंग्लैंड और श्रीलंका को पछाड़ाशाहरुख खान की फिल्म किंग में दिखेंगी करीना कपूर, जन्मदिन के पोस्ट और गौरी खान की टिप्पणी से मची हलचल
गुवाहाटी में वरिष्ठ पत्रकार डॉ राहुल चंदा का निधन, लंबे समय से चल रहे थे बीमारअसम
2 नव॰ 2026, 9:59 pm (1 घंटे पहले)· 0

गुवाहाटी में वरिष्ठ पत्रकार डॉ राहुल चंदा का निधन, लंबे समय से चल रहे थे बीमार

गुवाहाटी के मीडिया संस्थान जीप्लस के संपादक डॉ राहुल चंदा का सोमवार शाम हयात अस्पताल में निधन हो गया। वे पिछले कुछ महीनों से अस्वस्थ चल रहे थे।

असम के मीडिया जगत के जाने-माने पत्रकार और गुवाहाटी स्थित मीडिया संस्थान जीप्लस के संपादक डॉ राहुल चंदा का सोमवार शाम 6.15 बजे निधन हो गया। उन्होंने गुवाहाटी के हयात अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे पिछले कुछ महीनों से अस्वस्थ थे और उनका उपचार चल रहा था। उनके परिवार में उनकी पत्नी, बेटा और मां हैं।

संपादकीय नेतृत्व और जीप्लस के साथ लंबा सफर

डॉ राहुल चंदा ने पत्रकारिता विषय में डॉक्टरेट की उपाधि हासिल की थी। वे पिछले 13 से अधिक वर्षों से जीप्लस से जुड़े हुए थे। जब वर्ष 2013 में इस मीडिया संस्थान की स्थापना हुई थी, तब वे इसकी शुरुआती संस्थापक टीम का अभिन्न हिस्सा थे। संस्थान में लंबे समय तक ब्यूरो चीफ के रूप में अपनी सेवाएं देने के बाद, उन्हें 2 जून 2026 को संपादक पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

ये भी पढ़ें

पूर्वोत्तर की पत्रकारिता में महत्वपूर्ण योगदान

अपने पूरे करियर के दौरान डॉ चंदा ने जीप्लस की संपादकीय पहचान को गढ़ने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके प्रयासों ने इस संस्थान को क्षेत्र में एक विश्वसनीय, प्रासंगिक और प्रभावशाली मंच के रूप में स्थापित किया। वे अपनी निष्पक्ष रिपोर्टिंग, संपादकीय उत्कृष्टता और पत्रकारिता की मर्यादाओं के प्रति गहरी प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते थे। उन्होंने हमेशा असम और पूर्वोत्तर के लोगों से जुड़े जमीनी और अहम मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाया।

शिक्षा जगत से भी रहा गहरा जुड़ाव

जीप्लस की मुख्यधारा की पत्रकारिता में आने से पहले, डॉ राहुल चंदा ने टेलीविजन और प्रिंट पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में काम किया था। इसके अलावा वे अकादमिक क्षेत्र में भी सक्रिय रहे और उन्होंने रॉयल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। अपने पूरे कार्यकाल में उन्होंने कई युवा पत्रकारों को तराशा और संस्थान के निरंतर विकास में अपना अमूल्य योगदान दिया।

सवाल-जवाब

डॉ राहुल चंदा का निधन कब और कहां हुआ?
उनका निधन सोमवार शाम 6.15 बजे गुवाहाटी के हयात अस्पताल में हुआ।
डॉ राहुल चंदा किस मीडिया संस्थान के संपादक थे?
वे गुवाहाटी स्थित मीडिया संस्थान जीप्लस के संपादक थे।
वे जीप्लस से कब से जुड़े हुए थे?
वे 13 से अधिक वर्षों से जीप्लस से जुड़े थे और 2013 में इसकी संस्थापक टीम का हिस्सा थे।
उन्हें संपादक पद पर कब नियुक्त किया गया था?
उन्हें 2 जून 2026 को ब्यूरो चीफ से पदोन्नत कर संपादक बनाया गया था।
पत्रकारिता के अलावा वे किस विश्वविद्यालय में पढ़ाते थे?
वे रॉयल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके थे।
डॉ राहुल चंदा के परिवार में कौन-कौन हैं?
उनके परिवार में उनकी पत्नी, बेटा और मां हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Sneha Kulkarni@sneha-kulkarni·13 मिनट पहले

जीप्लस के साथ उनका तेरह साल का लंबा सफर वाकई बहुत बड़ी बात है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·40 मिनट पहले

पूर्वोत्तर की पत्रकारिता ने एक ऐसा स्तंभ खो दिया, जो हमेशा जमीनी मुद्दों के साथ खड़ा रहा। जीप्लस और अकादमिक जगत में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।

Li Wei@li-wei·40 मिनट पहले

अर्जुन जी, बिल्कुल सही कहा आपने। चीन में भी स्थानीय मुद्दों को उठाने वाले ऐसे समर्पित संपादकों की कमी खलती है जो ज़मीन से जुड़े हों।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

डॉ. राहुल चंदा के साथ गुवाहाटीप्रेस क्लब में कई बार मिलना हुआ था। उनकी शांत स्वभाव से बात करने की आदत आज भी याद है, पूर्वोत्तर की पत्रकारिता के लिए यह एक बड़ा नुकसान है।

Ravikash Gupta@ravikash·1 घंटे पहले

करण भाई, आपकी बात सही है। जब मैं एक बार गुवाहाटी गया था, तब प्रेस क्लब में उनसे मुलाकात हुई थी; उनका शांत और मिलनसार स्वभाव वाकई बहुत अलग था।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp