असम के बरपेटा जिले में जल परिवहन सुरक्षा को लेकर कड़ा कदम उठाया गया है। बहोरी घाट पर हाल ही में दो नावों के बीच हुई भीषण टक्कर में 15 यात्रियों के घायल होने की घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन ने शाम ढलने के बाद नौका आवागमन पूरी तरह बंद करने का फैसला किया है। बहोरी घाट पर हुए इस दर्दनाक हादसे ने नदी मार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था की कमियों को उजागर किया था, जिसके बाद जिले भर में नए दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं।
शाम 4 बजे की समयसीमा और तत्काल पाबंदी
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष और जिला आयुक्त नबदीप पाठक ने इस संबंध में औपचारिक निर्देश जारी किया है। यह पाबंदी तत्काल प्रभाव से प्रभावी हो गई है और आगामी सूचना तक पूरे जिले में जारी रहेगी। नए नियमों के मुताबिक जलमार्ग पर चलने वाली किसी भी नाव या नौका को दोपहर बाद सफर जारी रखने की अनुमति नहीं होगी। सभी ऑपरेटरों, पट्टेदारों और निजी नाव मालिकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके दैनिक फेरे निर्धारित 4 बजे से पहले ही समाप्त हो जाएं। किसी भी आकस्मिक अथवा आपात स्थिति में सक्षम अधिकारी की पूर्व मंजूरी मिलने पर ही तय समय के उपरांत किसी जलयान को संचालित किया जा सकेगा।
घने कोहरे और कम दृश्यता के बीच सुरक्षा प्राथमिकता
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि यह कदम विशेष रूप से देर शाम और रात के समय नदी में नौकायन से जुड़े गंभीर खतरों के मद्देनजर उठाया गया है। सर्दियों के मौसम में घना कोहरा छा जाने से दृश्यता काफी घट जाती है, जिससे जलमार्गों पर बड़े हादसे की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। दिशा-निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि दिन में भी कभी तेज बारिश, गरज-चमक के साथ आंधी, तेज हवाएं चलें अथवा दृश्यता न्यूनतम स्तर पर पहुंच जाए, तो मौसम विभाग या संबंधित प्राधिकरण की चेतावनी आते ही नौका संचालन तुरंत रोकना होगा।
अनिवार्य लाइसेंस और जीवनरक्षक उपकरण
दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए जिले के सभी नाव संचालकों को वैध परमिट और लाइसेंस हासिल करने का निर्देश दिया गया है। बिना वैध कागजात, अनफिट अथवा अधूरी सुरक्षा व्यवस्था वाले किसी भी जलयान को घाट से खुलने की इजाजत नहीं दी जाएगी। प्रत्येक नौका पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेट और अन्य अनिवार्य जीवनरक्षक उपकरणों की पर्याप्त मौजूदगी सुनिश्चित करना कानूनन जरूरी बना दिया गया है।
निगरानी तंत्र और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
इन नियमों का जमीनी स्तर पर अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अंतर्देशीय जल परिवहन विभाग के अधिकारियों, मंडल अधिकारियों और क्षेत्रीय प्रभारियों को संबंधित घाटों पर सीधी निगरानी का दायित्व सौंपा गया है। संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्राधिकार में दैनिक जांच करनी होगी और हर रोज बरपेटा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। आदेश का उल्लंघन करने वाले या नियमों के पालन में लापरवाही बरतने वाले किसी भी संचालक के खिलाफ आपदा प्रबंधन कानून, 2005 और अन्य प्रासंगिक वैधानिक धाराओं के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।



















