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असम के बरपेटा में बहोरी घाट हादसे के बाद शाम 4 बजे से नाव संचालन पर रोकअसम
2 नव॰ 2026, 5:04 pm (1 मिनट पहले)· 0

असम के बरपेटा में बहोरी घाट हादसे के बाद शाम 4 बजे से नाव संचालन पर रोक

बहोरी घाट पर नौका टक्कर में 15 लोगों के घायल होने के बाद बरपेटा जिला प्रशासन ने शाम 4 बजे के बाद सभी निजी और सरकारी नौका सेवाओं पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

असम के बरपेटा जिले में जल परिवहन सुरक्षा को लेकर कड़ा कदम उठाया गया है। बहोरी घाट पर हाल ही में दो नावों के बीच हुई भीषण टक्कर में 15 यात्रियों के घायल होने की घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन ने शाम ढलने के बाद नौका आवागमन पूरी तरह बंद करने का फैसला किया है। बहोरी घाट पर हुए इस दर्दनाक हादसे ने नदी मार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था की कमियों को उजागर किया था, जिसके बाद जिले भर में नए दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं।

शाम 4 बजे की समयसीमा और तत्काल पाबंदी

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष और जिला आयुक्त नबदीप पाठक ने इस संबंध में औपचारिक निर्देश जारी किया है। यह पाबंदी तत्काल प्रभाव से प्रभावी हो गई है और आगामी सूचना तक पूरे जिले में जारी रहेगी। नए नियमों के मुताबिक जलमार्ग पर चलने वाली किसी भी नाव या नौका को दोपहर बाद सफर जारी रखने की अनुमति नहीं होगी। सभी ऑपरेटरों, पट्टेदारों और निजी नाव मालिकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके दैनिक फेरे निर्धारित 4 बजे से पहले ही समाप्त हो जाएं। किसी भी आकस्मिक अथवा आपात स्थिति में सक्षम अधिकारी की पूर्व मंजूरी मिलने पर ही तय समय के उपरांत किसी जलयान को संचालित किया जा सकेगा।

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घने कोहरे और कम दृश्यता के बीच सुरक्षा प्राथमिकता

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि यह कदम विशेष रूप से देर शाम और रात के समय नदी में नौकायन से जुड़े गंभीर खतरों के मद्देनजर उठाया गया है। सर्दियों के मौसम में घना कोहरा छा जाने से दृश्यता काफी घट जाती है, जिससे जलमार्गों पर बड़े हादसे की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। दिशा-निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि दिन में भी कभी तेज बारिश, गरज-चमक के साथ आंधी, तेज हवाएं चलें अथवा दृश्यता न्यूनतम स्तर पर पहुंच जाए, तो मौसम विभाग या संबंधित प्राधिकरण की चेतावनी आते ही नौका संचालन तुरंत रोकना होगा।

अनिवार्य लाइसेंस और जीवनरक्षक उपकरण

दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए जिले के सभी नाव संचालकों को वैध परमिट और लाइसेंस हासिल करने का निर्देश दिया गया है। बिना वैध कागजात, अनफिट अथवा अधूरी सुरक्षा व्यवस्था वाले किसी भी जलयान को घाट से खुलने की इजाजत नहीं दी जाएगी। प्रत्येक नौका पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेट और अन्य अनिवार्य जीवनरक्षक उपकरणों की पर्याप्त मौजूदगी सुनिश्चित करना कानूनन जरूरी बना दिया गया है।

निगरानी तंत्र और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

इन नियमों का जमीनी स्तर पर अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अंतर्देशीय जल परिवहन विभाग के अधिकारियों, मंडल अधिकारियों और क्षेत्रीय प्रभारियों को संबंधित घाटों पर सीधी निगरानी का दायित्व सौंपा गया है। संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्राधिकार में दैनिक जांच करनी होगी और हर रोज बरपेटा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। आदेश का उल्लंघन करने वाले या नियमों के पालन में लापरवाही बरतने वाले किसी भी संचालक के खिलाफ आपदा प्रबंधन कानून, 2005 और अन्य प्रासंगिक वैधानिक धाराओं के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

सवाल-जवाब

बरपेटा में नाव संचालन बंद करने का नया समय क्या निर्धारित किया गया है?
प्रशासन के आदेश के अनुसार प्रतिदिन शाम 4 बजे के बाद सभी निजी और विभागीय नावों का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा।
प्रशासन ने नौकाओं पर यह पाबंदी क्यों लगाई है?
बहोरी घाट पर हुई नाव दुर्घटना में 15 लोगों के घायल होने और शाम के समय कम दृश्यता तथा कोहरे के खतरों को देखते हुए यह रोक लगाई गई है।
क्या आपातकालीन परिस्थितियों में 4 बजे के बाद नाव चलाई जा सकती है?
हां, विशेष और आकस्मिक मामलों में सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति लेकर ही नाव का संचालन किया जा सकेगा।
नाव संचालकों के लिए कौन से सुरक्षा नियम अनिवार्य किए गए हैं?
सभी नावों के पास वैध लाइसेंस होना चाहिए और उन पर यात्रियों के लिए पर्याप्त संख्या में लाइफ जैकेट तथा अन्य जीवनरक्षक उपकरण मौजूद होने जरूरी हैं।
खराब मौसम होने पर नौका संचालन को लेकर क्या दिशा-निर्देश हैं?
भारी बारिश, तूफान, तेज हवाओं या कम दृश्यता की स्थिति में दिन के समय भी नौका संचालन तुरंत निलंबित कर दिया जाएगा।
नियमों का उल्लंघन करने वाले नाव चालकों पर क्या कार्रवाई होगी?
आदेश का उल्लंघन करने पर आपदा प्रबंधन कानून, 2005 और अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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