राजस्थान के अजमेर जिले में स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल पुष्कर एक बार फिर लोक संस्कृति, पारंपरिक खेलों और पशु मेले के अनूठे संगम का गवाह बनने जा रहा है. 10 नवंबर से अंतरराष्ट्रीय पुष्कर मेले का अनौपचारिक आगाज होने जा रहा है. इस वार्षिक उत्सव में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को ऊंटों की चाल, घोड़ों के हैरतअंगेज करतब और पशुओं की दुर्लभ व आकर्षक नस्लें देखने को मिलेंगी. रंग-बिरंगे परिधान, राजस्थानी रीति-रिवाज और लोक परंपराएं इस पूरे आयोजन को बेहद खास बनाएंगी. आयोजन स्थल पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है.
मेले के प्रारंभिक दिनों में पशुओं की खरीद-फरोख्त और प्राथमिक गतिविधियां शुरू हो जाएंगी, जबकि पर्यटन विभाग के तत्वावधान में आयोजित होने वाले आधिकारिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं का सिलसिला 17 नवंबर से शुरू होकर 24 नवंबर तक चलेगा. इस पूरे सप्ताह में राजस्थानी संगीत, नृत्य, पारंपरिक खेल, पशु स्पर्धाएं और संगीत संध्याएं दर्शकों का मनोरंजन करेंगी.
17 नवंबर को ध्वजारोहण, महाआरती और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
पर्यटन विभाग के सांस्कृतिक आयोजनों की औपचारिक शुरुआत 17 नवंबर को सुबह 10 बजे मेला मैदान पर होगी. इस दौरान विशेष पूजा-अर्चना, ध्वजारोहण और नगाड़ा वादन किया जाएगा. पहले ही दिन स्कूली छात्राओं के बीच मांडना बनाने की प्रतियोगिता और समूह नृत्य के कार्यक्रम रखे गए हैं. इसके अलावा स्थानीय नागरिकों और विदेशी सैलानियों के बीच एक दोस्ताना फुटबॉल मैच खेला जाएगा. शाम 6 बजे पुष्कर सरोवर के पवित्र घाटों पर दीपदान, आकर्षक रंगोली और भव्य महाआरती की जाएगी. रात के समय मेला मैदान में स्थानीय व प्रदेश भर से आए लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे.
पारंपरिक खेल, ऊंट श्रृंगार और ग्रामीण स्पर्धाएं
आयोजन के दूसरे दिन 18 नवंबर को मेला मैदान में पारंपरिक देसी खेलों का रोमांच देखने को मिलेगा. यहां स्थानीय लोगों और विदेशी पर्यटकों के बीच लंगड़ी टांग, सतोलिया और गिल्ली डंडा जैसे मुकाबले होंगे. साथ ही ऊंटों का श्रृंगार और ऊंट नृत्य प्रतियोगिता मुख्य आकर्षण रहेंगी. 19 नवंबर का दिन ग्रामीण खेलकूद और पशु कौशल के नाम रहेगा. इस दिन अश्व नृत्य प्रतियोगिता के साथ-साथ कबड्डी मैच, रस्साकशी और वॉलीबॉल की रोमांचक ग्रामीण खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी.
शिल्पग्राम में फूड एंड क्राफ्ट, विदेशी मेहमानों के लिए मूंछ और पगड़ी स्पर्धा
20 नवंबर से पुष्कर के शिल्पग्राम में फूड एंड क्राफ्ट महोत्सव का शुभारंभ होगा, जहां हस्तशिल्प और क्षेत्रीय व्यंजनों के स्टॉल सजेंगे. शाम को सरोवर तट पर महाआरती के बाद मेला मैदान में कबीर कैफे बैंड अपनी सांगीतिक प्रस्तुति देगा. 21 नवंबर को विदेशी सैलानियों के लिए विशेष तौर पर पगड़ी बांधने, तिलक लगाने और मूंछ प्रतियोगिता का आयोजन रखा गया है. इसी दिन ग्रामीण खेलकूद प्रतियोगिताओं के अंतिम मुकाबले खेले जाएंगे. शाम को सरोवर पर महाआरती संपन्न होने के बाद पद्मश्री अनवर खान और गुलाबो समेत विख्यात राजस्थानी लोक कलाकार मंच संभालेंगे.
अमित मिश्रा और स्वरूप खान की संगीत संध्याएं, 'लगान' स्टाइल क्रिकेट मैच
22 नवंबर के दिन महिलाओं के लिए खास मटका दौड़ और म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिताएं रखी गई हैं. शाम की महाआरती के बाद मेला मैदान पर बॉलीवुड गायक अमित मिश्रा अपनी प्रस्तुति देंगे. 23 नवंबर को प्रसिद्ध फिल्म लगान की शैली पर आधारित पारंपरिक क्रिकेट मैच खेला जाएगा, जिसमें रोचक वेशभूषा और नियम देखने को मिलेंगे. इसी दिन शाम को लोक प्रस्तुतियों के साथ बॉलीवुड गायक स्वरूप खान अपनी गायकी का जादू बिखेरेंगे.
24 नवंबर को प्रतियोगिताओं का समापन और पुरस्कार वितरण
आठ दिवसीय इस सांस्कृतिक महाकुंभ का समापन 24 नवंबर को मेला मैदान पर औपचारिक समारोह के साथ होगा. अंतिम दिन कला जत्था यात्रा, समूह नृत्य, मटका दौड़, रस्साकशी और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम संपन्न होंगे. विभिन्न आयोजनों और प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को मंच पर पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे. शाम के समय पुष्कर सरोवर के घाटों पर होने वाली भव्य महाआरती के साथ पर्यटन विभाग के सभी सांस्कृतिक आयोजनों का विधिवत समापन हो जाएगा.


















