राजस्थान में रेगिस्तान के जहाज को बचाने और डेयरी से आजीविका संवारने को दो बड़े संस्थान आए साथउपवास में दिनभर चुस्त रखेगा पौष्टिक फलाहारी मखाना सूप, घर पर ऐसे करें तैयारसमस्तीपुर में कंटेनर के गुप्त तहखाने से निकली स्कॉर्पियो, 40 लाख रुपये की 2610 लीटर विदेशी शराब जब्तउत्तराखंड में सौहार्द और आजादी के तराने गाती नैनीताल की सवा सदी पुरानी रामलीलाउत्तराखंड पुलिस ने अंकिता भंडारी प्रकरण की जांच पर रखा ब्योरा, 88 दिनों में दायर हुआ था 500 पन्नों का आरोपपत्रएशियाई खेलों में दोहरे स्वर्ण पदक के बाद प्रधानमंत्री से मिले भारतीय क्रिकेटर, सौंपी हस्ताक्षरित जर्सीनेटफ्लिक्स में बड़े पुनर्गठन का ऐलान, करीब 1000 कर्मियों पर गिरेगी छंटनी की गाजबिना ओवन और बिना मैदा तवे पर ऐसे तैयार करें कुरकुरे चीजी पिज्जा बॉम्बउत्तराखंड की हसीन वादियों में जाह्नवी कपूर, नैनीताल की झील से लेकर जिम और मंदिर तक दिखा अभिनेत्री का खास अंदाजघर पर चांदी की पायल चमकाने के असरदार नुस्खे
बर्फीले रास्तों पर दोपहिया चलाने जा रहे हैं तो इन सुरक्षा नियमों को अनदेखा न करेंऑटो
15 अक्तू॰ 2026, 7:36 pm (1 घंटे पहले)· 0

बर्फीले रास्तों पर दोपहिया चलाने जा रहे हैं तो इन सुरक्षा नियमों को अनदेखा न करें

बर्फ से ढकी सड़कों पर बाइक चलाना बेहद जोखिम भरा साबित हो सकता है। सही टायर, नियंत्रित रफ्तार, पुख्ता गर्म कपड़े और यात्रा की पूर्व तैयारी से आप हादसों से बच सकते हैं।

सर्दियों के मौसम में जब सड़कों पर बर्फ जम जाती है, तब दोपहिया वाहन चलाना आम दिनों की तुलना में कहीं अधिक खतरनाक हो जाता है। ऐसी परिस्थितियों में सतह बेहद चिकनी हो जाती है, पहियों की पकड़ कमजोर पड़ जाती है और गाड़ी को रोकने के लिए आवश्यक दूरी कई गुना बढ़ जाती है। इसके अलावा कड़ाके की ठंड की वजह से हाथ और पैर सुन्न पड़ने लगते हैं, जिससे अचानक ब्रेक लगाने या संतुलन बनाने की शारीरिक क्षमता पर सीधा असर पड़ता है। अगर मौसम अत्यधिक खराब हो तो सबसे समझदारी भरा फैसला यात्रा को पूरी तरह टाल देना ही होता है। हालांकि, यदि किसी आपात स्थिति या अपरिहार्य काम से बाइक लेकर निकलना ही पड़े, तो पुख्ता सुरक्षा इंतजाम और संयमित ड्राइविंग ही आपको सुरक्षित रख सकती है।

टायर का सही चुनाव और हवा का दबाव

बर्फीली सतह पर बाइक को स्थिर रखने की पूरी जिम्मेदारी टायरों पर टिकी होती है। साधारण डामर वाली सड़कों के लिए बने टायर बर्फ पर तुरंत फिसल जाते हैं, इसलिए ऐसे मौसम में विंटर टायर या गहरे खांचों वाले नॉबी टायरों का ही इस्तेमाल करना चाहिए। ये खास टायर फिसलन भरी जमीन पर मजबूत पकड़ तैयार करते हैं। इसके साथ ही टायरों में हवा का दबाव सामान्य स्तर से थोड़ा कम रखना फायदेमंद रहता है, क्योंकि इससे टायर का सड़क के साथ संपर्क क्षेत्र बढ़ जाता है। सफर शुरू करने से पहले टायरों की स्थिति की बारीक जांच करें और घिसे हुए टायरों के साथ बिल्कुल भी यात्रा न करें।

ये भी पढ़ें

रफ्तार पर अंकुश और थ्रॉटल का संतुलन

बर्फबारी के बीच तेज रफ्तार चलाना जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे रास्तों पर वाहन की गति सामान्य से कम से कम आधी रखनी चाहिए ताकि अचानक आई बाधा पर संभलने का पूरा समय मिले। थ्रॉटल को झटके से कभी न बढ़ाएं और ब्रेक का इस्तेमाल बहुत आहिस्ता करें। अचानक अगला या पिछला ब्रेक दबाने के बजाय दोनों ब्रेक्स का एक साथ संतुलित प्रयोग करना चाहिए। मोड़ों पर बाइक को सामान्य दिनों की तरह झुकाने की गलती न करें, बल्कि वाहन को जितना संभव हो सीधा रखकर ही गति धीमी करें। किसी भी प्रकार के अचानक झटके से बचते हुए स्मूद ड्राइविंग शैली अपनाना ही नियंत्रण बनाए रखता है।

कपड़ों की परतें और सुरक्षात्मक गियर

भीषण ठंड से शरीर को सुरक्षित रखने के लिए कपड़ों की कई परतें पहनना अनिवार्य है। सबसे अंदर थर्मल इनर, फिर गर्म कपड़े और ऊपर से मजबूत वॉटरप्रूफ जैकेट पहनना सबसे प्रभावी तरीका है। हाथों को सुन्न होने से बचाने के लिए वाटरप्रूफ दस्ताने और पैरों के लिए ऊंचे राइडिंग बूट बेहद जरूरी हैं। हेलमेट का शीशा पूरी तरह साफ होना चाहिए और उस पर अंदर से भाप जमने से रोकने के लिए एंटी-फॉग स्प्रे का इस्तेमाल करें। इसके अलावा गहरे या रिफ्लेक्टिव रंग वाले कपड़े पहनें, ताकि कोहरे या बर्फबारी में सामने और पीछे से आ रहे अन्य वाहन चालकों को आप दूर से ही साफ नजर आ सकें।

अदृश्य काली बर्फ और जोखिम भरे इलाके

सड़क पर जमी काली बर्फ जिसे ब्लैक आइस कहा जाता है, राइडर्स के लिए सबसे बड़ा खतरा मानी जाती है। यह पारदर्शी होने की वजह से सड़क की सतह जैसी ही दिखाई देती है, लेकिन इस पर शून्य ग्रिप होती है। खासतौर पर पुलों, छायादार रास्तों और चौराहों पर यह परत सबसे ज्यादा जमती है, इसलिए इन जगहों पर अतिरिक्त सावधानी बरतें। गड्ढों और ढीली बर्फ के ढेरों से बचकर निकलें। लगातार आगे की सड़क पर नजर गड़ाए रखें और आगे चल रहे वाहनों से पर्याप्त दूरी बनाकर रखें ताकि उनके अचानक रुकने या फिसलने पर आपको संभलने का फासला मिल सके।

रवाना होने से पहले योजना और वैकल्पिक उपाय

घर से बाहर कदम रखने से पहले उस पूरे रास्ते के मौसम का सटीक पूर्वानुमान अवश्य देख लें। अपने बैग में पूरी तरह चार्ज फोन, पावर बैंक, बेसिक टूल किट और अतिरिक्त सूखे कपड़े जरूर रखें। किसी करीबी परिजन या मित्र को अपने यात्रा मार्ग और संभावित समय की जानकारी पहले से देकर निकलें। यदि रास्ते में मौसम तेजी से बिगड़ने लगे या बर्फबारी बढ़ जाए, तो जबरन आगे बढ़ने की जिद न करें और किसी सुरक्षित ठिकाने पर रुक जाएं। सुनियोजित तैयारी और संयम ही बर्फीले रास्तों पर सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करते हैं।

सवाल-जवाब

बर्फ में बाइक चलाते समय रफ्तार कितनी रखनी चाहिए?
बर्फ से ढके रास्तों पर गाड़ी की गति सामान्य दिनों की तुलना में कम से कम आधी रखनी चाहिए ताकि रुकने का पर्याप्त समय मिल सके।
बर्फीले मौसम के लिए कौन से टायर सबसे उपयुक्त होते हैं?
इस मौसम में साधारण टायरों के बजाय विंटर टायर या नॉब वाले गहरे खांचे वाले टायरों का ही उपयोग करना चाहिए।
सड़क पर काली बर्फ क्या होती है और यह क्यों खतरनाक है?
काली बर्फ पारदर्शी और अदृश्य बर्फ की परत होती है जो डामर जैसी दिखती है, जिस पर शून्य पकड़ होने से वाहन तुरंत फिसल जाता है।
बर्फ पर ब्रेक लगाते समय क्या सावधानी रखनी चाहिए?
ब्रेक को अचानक या झटके से नहीं दबाना चाहिए, बल्कि दोनों ब्रेक्स को आहिस्ता और संतुलित तरीके से एक साथ इस्तेमाल करना चाहिए।
ठंड के मौसम में हेलमेट के वाइजर पर धुंध जमने से कैसे रोकें?
हेलमेट के शीशे को अच्छी तरह साफ रखें और अंदरूनी सतह पर एंटी-फॉग स्प्रे का इस्तेमाल करें।
सफर पर निकलने से पहले कौन से आपातकालीन उपकरण साथ रखने चाहिए?
चालक को पूरी तरह चार्ज फोन, पावर बैंक, टूल किट और अतिरिक्त गर्म कपड़े अपने साथ जरूर रखने चाहिए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp