इलेक्ट्रिक वाहन को सही तरीके से चार्ज करना केवल गाड़ी की ड्राइविंग रेंज बढ़ाने से नहीं जुड़ा है, बल्कि यह बैटरी की सेहत, सुरक्षा और आपकी जेब पर पड़ने वाले भारी खर्च को नियंत्रित करने का मुख्य आधार है। वाहन जगत में नए ईवी मालिक अक्सर ऐसी अनजानी गलतियां कर बैठते हैं, जो बैटरी के खराब होने की प्रक्रिया को तेज कर देती हैं। इसके अलावा गलत आदतों से आग लगने का खतरा बढ़ता है और सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों पर अन्य चालकों को भी समस्या का सामना करना पड़ता है। अध्ययनों और व्यावहारिक डेटा के अनुसार, चार्जिंग की अनुचित आदतों से महज कुछ वर्षों में बैटरी की कुल क्षमता 10% से 20% तक घट सकती है। इसके विपरीत, सही और अनुशासित तरीके अपनाने से यही बैटरी 8 से 10 साल या उससे अधिक समय तक बिना किसी परेशानी के स्वस्थ बनी रहती है।
बाजार में आज डीसी फास्ट चार्जर, होम वॉलबॉक्स और स्मार्ट मोबाइल ऐप्स की सुलभता बढ़ गई है। फिर भी दैनिक इस्तेमाल में कई बुनियादी गलतियां दोहराई जाती हैं। इनसे बचकर न केवल गाड़ी की ड्राइविंग परफॉर्मेंस बेहतर रखी जा सकती है, बल्कि दूसरों के लिए भी चार्जिंग प्वाइंट आसानी से उपलब्ध कराए जा सकते हैं। आइए उन 5 मुख्य आदतों के बारे में विस्तार से समझें, जिनसे हर ईवी ड्राइवर को दूरी बनाकर रखनी चाहिए।
1. क्षतिग्रस्त या अनसर्टिफाइड केबल का प्रयोग
अक्सर देखा जाता है कि लोग टूटी-फूटी केबल, क्रैक वाली बाहरी जैकेट या बाजार से खरीदे गए सस्ते अनसर्टिफाइड चार्जर का इस्तेमाल करते हैं। यह आदत बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। गुणवत्ताहीन उपकरण इलेक्ट्रिक वाहन के उच्च वोल्टेज को संभालने में असमर्थ होते हैं। इससे ओवरहीटिंग, शॉर्ट सर्किट और गाड़ियों में गंभीर आग लगने का जोखिम रहता है। हमेशा वाहन निर्माता द्वारा अनुमोदित और प्रामाणिक सर्टिफाइड उपकरणों का ही चयन करना चाहिए।
2. डीसी फास्ट चार्जिंग पर अत्यधिक निर्भरता
रोजमर्रा के काम के लिए लगातार हाई-पावर डीसी फास्ट चार्जर से गाड़ी जोड़ना बैटरी के आंतरिक सेल्स में अत्यधिक गर्मी पैदा करता है। यह थर्मल स्ट्रेस बैटरी की क्षमता को तेजी से कम कर देता है। नियमित उपयोग के लिए लेवल-2 या होम वॉलबॉक्स चार्जिंग सबसे मुफीद होती है। फास्ट चार्जिंग का विकल्प केवल लंबी राजमार्ग यात्राओं या आपातकालीन स्थितियों के लिए ही संभालकर रखना चाहिए।
3. रोज सुबह 100% तक चार्ज करने की जिद
इलेक्ट्रिक कार की बैटरी को प्रतिदिन 100 प्रतिशत क्षमता तक चार्ज करने से उसके लिथियम-आयन सेल्स पर लगातार तनाव बना रहता है। जब तक किसी लंबी दूरी के सफर पर न निकलना हो, गाड़ी को रोजाना 20% से 80% की रेंज में रखना सबसे सुरक्षित माना जाता है। अधिकांश आधुनिक ईवी में ऐप या इंफोटेनमेंट सिस्टम के जरिए चार्जिंग लिमिट सेट करने का विकल्प होता है, जिसका उपयोग करके बैटरी हेल्थ को बचाया जा सकता है।
4. साधारण घरेलू एक्सटेंशन कॉर्ड का इस्तेमाल
ईवी को चार्ज करने के लिए साधारण घरेलू एक्सटेंशन कॉर्ड लगाना एक बड़ी तकनीकी चूक है। सामान्य एक्सटेंशन तार ईवी द्वारा खींचे जाने वाले भारी इलेक्ट्रिक लोड को सहन नहीं कर पाते। इसके परिणामस्वरूप घर की वायरिंग अत्यधिक गर्म हो सकती है और शॉर्ट सर्किट या आग का रूप ले सकती है। गाड़ी को चार्ज करने के लिए हमेशा direct सॉकेट या समर्पित हेवी-ड्यूटी सर्किट का ही प्रयोग करें।
5. बैटरी को पूरी तरह खाली होने देना
गाड़ी को तब तक चलाना जब तक बैटरी पूरी तरह शून्य या बेहद कम न हो जाए, उसके जीवनकाल के लिए घातक है। बैटरी का स्तर नियमित रूप से 10% से 20% के नीचे जाने से डिग्रेडेशन की दर काफी तेज हो जाती है। सबसे बेहतर अभ्यास यही है कि जैसे ही बैटरी का स्तर 20% के करीब पहुंचे, उसे चार्ज पर लगा दें। इन सावधानियों को अपनाकर आपकी इलेक्ट्रिक कार की बैटरी लंबे समय तक बेहतर सर्विस देगी।



















