देश की अग्रणी ऑटोमोबाइल विनिर्माता मारुति सुजुकी इंडिया ने मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान 9 लाख सीएनजी वाहनों की बिक्री का बड़ा और महत्वपूर्ण लक्ष्य तय किया है। कंपनी का साफ तौर पर यह मानना और कहना है कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में छिड़े संघर्ष और जारी युद्ध के बाद से पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार उछाल आया है, जिसके परिणामस्वरूप बाजार में सीएनजी कारों और गाड़ियों की मांग बेहद तेजी के साथ ऊपर गई है। ईंधन की बढ़ती कीमतों से परेशान उपभोक्ता अब अधिक किफायती और पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों की तरफ रुख कर रहे हैं, जिसका सीधा फायदा सीएनजी सेगमेंट को मिल रहा है और वाहन निर्माता कंपनियों की योजनाएं भी इसी बढ़ते रुझान के इर्द-गिर्द बुनी जा रही हैं।
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बेची गईं 2.2 लाख सीएनजी इकाइयां
मारुति सुजुकी इंडिया के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (मार्केटिंग एंड सेल्स) पार्थो बनर्जी ने इस बात की जानकारी साझा की है कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के भीतर ही कंपनी ने विभिन्न मॉडल श्रेणियों में कुल मिलाकर 2.2 लाख सीएनजी वाहनों की बिक्री का आंकड़ा सफलतापूर्वक पार कर लिया है। यह संख्या पिछले वर्ष की समान अवधि के दौरान दर्ज की गई बिक्री के मुकाबले पूरे 58 प्रतिशत अधिक है, जो इस बात का स्पष्ट संकेत देती है कि भारतीय खरीदारों के बीच सीएनजी तकनीक तेजी से अपनी जड़ें मजबूत कर रही है और इसकी लोकप्रियता रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही है।
ईंधन महंगा होने से बढ़ी सीएनजी सेगमेंट की मांग
पार्थो बनर्जी ने विस्तार से समझाते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में उत्पन्न हुए तनाव और युद्ध के हालातों के बाद से वैश्विक और घरेलू स्तर पर पेट्रोल तथा डीजल के दामों में भारी तेजी देखने को मिली है। इसी आर्थिक बदलाव के कारण देश के भीतर सीएनजी आधारित वाहनों की डिमांड में अभूतपूर्व उछाल दर्ज किया जा रहा है। जब उनसे चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कंपनी के कुल बिक्री लक्ष्यों के बारे में सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बहुत स्पष्ट शब्दों में जवाब दिया कि पहली तिमाही के शानदार आंकड़ों और बाजार के मौजूदा रुझानों को भली-भांति परखने के बाद हमें यह पूरा भरोसा है कि हम इस पूरे वित्त वर्ष में लगभग 9 लाख सीएनजी वाहनों की बिक्री का आंकड़ा आसानी से छू लेंगे।
पिछले वित्त वर्ष में बिके थे 7 लाख से अधिक सीएनजी वाहन
यदि पिछले वित्तीय वर्ष के आंकड़ों पर नजर डाली जाए, तो मारुति सुजुकी ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कुल मिलाकर 7 लाख से ज्यादा सीएनजी गाड़ियां ग्राहकों को बेची थीं। इस पुराने रिकॉर्ड की तुलना में इस बार का लक्ष्य काफी बड़ा और आक्रामक है। पार्थो बनर्जी ने यह भी बताया कि शुरुआती दौर में सीएनजी गाड़ियों की मांग केवल छोटी हैचबैक कारों, पैसेंजर वैन और अर्टिगा तक ही सीमित हुआ करती थी, लेकिन समय के साथ उपभोक्ताओं की पसंद बदली है और अब कंपनी की प्रीमियम एसयूवी कैटेगरी में भी सीएनजी मॉडल्स की मांग बहुत तेजी से ऊपर उठ रही है, जो ऑटो बाजार की एक नई और अहम प्रवृत्ति बन चुकी है।
विक्टोरिस और नई ब्रेजा में अंडरबॉडी सीएनजी टैंक की लोकप्रियता
मारुति सुजुकी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर पार्थो बनर्जी के मुताबिक, कंपनी की प्रमुख एसयूवी विक्टोरिस की कुल बिक्री में से 50 प्रतिशत से भी अधिक हिस्सेदारी सिर्फ उस वैरिएंट की है जिसमें सीएनजी टैंक गाड़ी के नीचे यानी अंडरबॉडी फिट किया गया है। इसी सफल और लोकप्रिय ट्रेंड को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने अपनी नई ब्रेजा एस-सीएनजी में भी अंडरबॉडी सीएनजी टैंक की आधुनिक सुविधा को शामिल किया है, ताकि बूट स्पेस से समझौता किए बिना ग्राहकों को बेहतरीन अनुभव मिल सके।
जून 2026 में कुल बिक्री का 42 प्रतिशत हिस्सा सीएनजी वाहनों का रहा
मौजूदा समय में मारुति सुजुकी के पास भारतीय घरेलू कार बाजार के भीतर कुल 15 सीएनजी मॉडल उपलब्ध हैं, जिनके दायरे में हल्के वाणिज्यिक वाहन यानी लाइट कमर्शियल व्हीकल भी पूरी तरह से शामिल हैं। केवल पिछले महीने की बात की जाए, तो कंपनी की कुल घरेलू और अन्य बिक्री में अकेले सीएनजी से चलने वाले वाहनों की हिस्सेदारी 42 प्रतिशत दर्ज की गई थी, जो इस बात का अकाट्य प्रमाण है कि भारतीय वाहन बाजार में इस सेगमेंट का दबदबा किस कदर तेजी से बढ़ रहा है और आम लोग इसे कितनी प्राथमिकता दे रहे हैं।



















