भारतीय वाहन बाजार में सितंबर 2026 का महीना ऐतिहासिक तेजी लेकर आया। त्योहारी मौसम के आगमन के साथ ही देश भर के शोरूम्स पर ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ी, जिसके चलते सभी प्रमुख सेगमेंट्स में वाहनों की खरीदारी में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर महीने के दौरान कुल 25,36,920 वाहनों की खुदरा बिक्री पूरी हुई। यह आंकड़ा पिछले वर्ष इसी अवधि की तुलना में 31.82 प्रतिशत अधिक है। इसके अलावा अगस्त 2026 के मुकाबले भी मासिक आधार पर बिक्री में 4.69 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है। संस्था के अनुसार यह महीना कुल छह में से पांच प्रमुख श्रेणियों के लिए इतिहास का सबसे सफल सितंबर साबित हुआ है।
कारों और यात्री वाहनों की बिक्री ने बनाया नया कीर्तिमान
पैसेंजर व्हीकल यानी कारों के खंड में इस अवधि के दौरान रिकॉर्ड तोड़ खरीदारी देखने को मिली। सितंबर में कुल 4,27,213 यात्री वाहनों की रिटेल डिलीवरी की गई, जो पिछले साल के मुकाबले 32.1 प्रतिशत की सीधी बढ़ोतरी दर्शाती है। यह पैसेंजर व्हीकल श्रेणी के लिए अब तक का सबसे बेहतरीन सितंबर रहा। इस मांग की सबसे खास बात यह रही कि ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में तेजी की रफ्तार लगभग एक जैसी बनी रही। आंकड़ों के मुताबिक शहरी इलाकों में कारों की बिक्री में 32.11 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि ग्रामीण बाजारों में यह उछाल 32.09 प्रतिशत दर्ज किया गया। इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि चार पहिया वाहनों की मांग अब केवल महानगरों या बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे कस्बों और गांवों में भी तेजी से फैल चुकी है।
दोपहिया और कमर्शियल वाहनों के बाजार में भी मजबूत खरीदारी
दोपहिया बाजार में भी त्योहारी उमंग का सीधा असर देखने को मिला। सितंबर माह के भीतर 17,90,188 दोपहिया गाड़ियां बिकीं, जो पिछले साल की समान अवधि से 33.08 प्रतिशत अधिक रहीं। वहीं तीन पहिया वाहनों का कुल पंजीकरण 1,32,570 यूनिट तक पहुंच गया, जिसमें सालाना आधार पर 22.25 प्रतिशत की वृद्धि हुई। व्यापारिक गतिविधियों और ढुलाई में काम आने वाले कमर्शियल वाहनों ने भी असाधारण प्रदर्शन किया। कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में कुल 1,03,557 यूनिट्स की रिटेल बिक्री दर्ज की गई, जो सालाना आधार पर 37.62 प्रतिशत की तेज छलांग दिखाती है। इन सभी सेगमेंट्स की मजबूत मांग के दम पर वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में कुल ऑटो खुदरा बिक्री 1,55,12,319 यूनिट पर पहुंच गई है, जो पिछले साल की पहली छमाही से 20.77 प्रतिशत अधिक है।
ईंधन विकल्पों में बदलाव: पेट्रोल के साथ सीएनजी और ईवी की बढ़ती हिस्सेदारी
सितंबर के दौरान ग्राहकों की ईंधन प्राथमिकताओं में भी बड़ा संतुलन और बदलाव नजर आया। कुल बिक्री में पेट्रोल चालित वाहनों की हिस्सेदारी 41.27 प्रतिशत रही, जबकि वैकल्पिक ईंधन से चलने वाले वाहनों ने मिलकर करीब 41 प्रतिशत हिस्से पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई। वैकल्पिक ईंधन श्रेणी में सीएनजी चालित वाहनों की हिस्सेदारी 23.11 प्रतिशत दर्ज की गई। वहीं हाइब्रिड मॉडल 9.44 प्रतिशत हिस्सेदारी जुटाने में सफल रहे और पूरी तरह बैटरी चालित इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की हिस्सेदारी 8.45 प्रतिशत रही।
आगामी त्योहारी हफ्तों को लेकर डीलरों की तैयारियां
सितंबर में दर्ज किए गए इन शानदार परिणामों के बाद देशभर के ऑटोमोबाइल डीलर्स अक्टूबर महीने को लेकर सतर्कता बरतते हुए आशावादी रुख अपनाए हुए हैं। जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में प्रमुख पर्वों और शुभ मुहूर्तों पर होने वाली पारंपरिक खरीदारी ऑटोमोबाइल उद्योग की समग्र वृद्धि और बिक्री की अंतिम दिशा तय करने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



















