भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में पर्यावरण अनुकूल सफर को लेकर ग्राहकों की प्राथमिकताओं में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पारंपरिक ईंधन जैसे पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के खर्च और झंझट से दूर होकर वाहन खरीदार अब बैटरी से चलने वाले वाहनों को अपनी पहली पसंद बना रहे हैं। इसी रुझान के चलते बीते सितंबर महीने में देश भर के अंदर इलेक्ट्रिक वाहनों की खुदरा खरीद ने सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। इस दौरान कुल मिलाकर 3.33 लाख यूनिट्स की अभूतपूर्व बिक्री दर्ज की गई, जो सालाना आधार पर 74 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि दर्शाती है।
कारों की खुदरा डिलीवरी में लगभग दोगुना इजाफा
व्यक्तिगत और पारिवारिक इस्तेमाल के लिए खरीदी जाने वाली इलेक्ट्रिक पैसेंजर गाड़ियों के आंकड़े भी बेहद उत्साहजनक रहे हैं। ऑटोमोबाइल डीलरों के प्रमुख संगठन फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस ने बुधवार को इस संबंध में मासिक आंकड़े सार्वजनिक किए। इन आंकड़ों के अनुसार, बीते सितंबर में देश के भीतर कुल 3,33,364 इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण हुआ, जबकि बीते साल के इसी महीने में यह आंकड़ा 1,91,497 यूनिट्स तक ही सीमित था। इस भारी उछाल के बीच इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल्स की खुदरा बिक्री 36,108 यूनिट्स के ऐतिहासिक शिखर पर पहुंच गई। पिछले साल के समान महीने में बिके 18,559 वाहनों की तुलना में यह बिक्री करीब दोगुनी हो चुकी है।
समग्र ऑटो बाजार में इलेक्ट्रिक की हिस्सेदारी 13 प्रतिशत पहुंची
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस के अध्यक्ष सी एस विग्नेश्वर ने बाजार की इस स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सितंबर का यह प्रदर्शन सभी श्रेणियों को मिलाकर अब तक की सर्वोच्च मासिक खुदरा बिक्री है। देश में बिकने वाले कुल वाहनों के अनुपात में इलेक्ट्रिक गाड़ियों का योगदान अब बढ़कर करीब 13 प्रतिशत के स्तर पर जा चुका है, जो ठीक एक वर्ष पहले केवल 10 प्रतिशत के आसपास था। अध्यक्ष के मुताबिक त्योहारी सीजन की मांग, परिचालन में आने वाली कम लागत, बाजार में उपलब्ध ढेरों नए मॉडल्स और साथ ही केंद्र सरकार की पीएम ई-ड्राइव व विभिन्न राज्यों की सहायक नीतियों ने इसे एक वैकल्पिक साधन से बदलकर आम खरीदारों के लिए मुख्य विकल्प बना दिया है।
दुपहिया और तिपहिया वाहनों में मजबूत रफ्तार
सेगमेंटवार प्रदर्शन पर गौर करें तो सबसे बड़ा आधार इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर श्रेणी ने तैयार किया है। सितंबर में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री 88 प्रतिशत की शानदार बढ़त के साथ 2,07,314 यूनिट्स के नए रिकॉर्ड स्तर पर दर्ज हुई। इस विशाल बिक्री के दम पर समूचे दोपहिया बाजार में इलेक्ट्रिक मॉडल्स की हिस्सेदारी 11.6 प्रतिशत रही। दूसरी ओर पैसेंजर गाड़ियों के पूरे बाजार में इलेक्ट्रिक कारों का हिस्सा 8.5 प्रतिशत रहा। कमर्शियल तिपहिया श्रेणी में यह बदलाव सबसे ज्यादा असरदार रहा, जहां बिकने वाले कुल थ्री-व्हीलर्स में इलेक्ट्रिक मॉडल्स की हिस्सेदारी 64.9 प्रतिशत तक दर्ज की गई। इसके अलावा इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों के मासिक आंकड़ों में हल्की नरमी के बावजूद सालाना तुलना में 150 प्रतिशत से अधिक की भारी बढ़ोतरी दर्ज हुई है।



















