बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। भवन निर्माण विभाग में अधीक्षण अभियंता के पद पर तैनात पवन कुमार के छह ठिकानों पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीमों ने एक साथ छापेमारी की है। आरोप है कि उन्होंने अपनी ज्ञात आय से करीब 104 प्रतिशत ज्यादा, यानी 3.89 करोड़ रुपये की संपत्ति जुटा ली। यह पूरी कार्रवाई विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से जारी तलाशी वारंट के आधार पर की जा रही है।
EOU के मुताबिक पवन कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया है। जांच में उन पर ठीक 3 करोड़ 89 लाख 79 हजार रुपये की अवैध संपत्ति बनाने का आरोप लगा है। यह रकम उनकी ज्ञात आय से करीब 103.94 प्रतिशत ज्यादा बताई गई है।
एक साथ छह जगह दबिश
छापेमारी एक ही समय पर छह अलग-अलग स्थानों पर चल रही है। इनमें पटना के उत्तरी श्रीकृष्णापुरी स्थित यमुना निवास अपार्टमेंट का एक फ्लैट, पटना का उनका कार्यालय, भागलपुर के आनंदगढ़ कॉलोनी तिलकामांझी में बना मकान, नोएडा सेक्टर-75 का एक फ्लैट, नोएडा में ही एक और आवासीय ठिकाना और नई दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 का फ्लैट शामिल है। इन सभी जगहों पर EOU की अलग-अलग टीमें एक साथ पहुंचीं।
क्या-क्या खंगाला जा रहा है
तलाशी के दौरान टीमें संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों, निवेश, नकदी, आभूषण और दूसरे वित्तीय रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि तलाशी पूरी होने के बाद ही बरामदगी और बाकी तथ्यों की आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी।
कौन हैं पवन कुमार
पवन कुमार इस समय भवन निर्माण विभाग के भवन निरूपण अंचल-1, पटना में अधीक्षण अभियंता के पद पर कार्यरत हैं। इसके साथ ही वह निदेशक, निरूपण इकाई, पटना भवन प्रमंडल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे हैं।
कार्रवाई के बाद आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल तलाशी अभियान जारी है। जांच एजेंसी ने साफ किया है कि कार्रवाई पूरी होने के बाद एक विस्तृत प्रेस नोट जारी किया जाएगा, जिसमें बरामद दस्तावेजों, नकदी, आभूषण और दूसरी संपत्तियों का पूरा ब्यौरा दिया जाएगा। पूरा मामला किस मोड़ पर पहुंचता है, इस पर अब सभी की नजर टिकी हुई है।













