दृश्यम 3 रिव्यू (2026): सस्पेंस और कोर्टरूम ड्रामा की जबर्दस्त वापसीमेक्सिको में महंगाई दर घटने और आर्थिक विकास तेज होने के आसार, नीतिगत दर 6.50 प्रतिशत पर स्थिर रहने का अनुमानईरानी कप 2026 में जम्मू कश्मीर के तेज गेंदबाजों ने तोड़ी रेस्ट ऑफ इंडिया की कमर, पंत की टीम 237 पर सिमटीडोडा मेडिकल कॉलेज में हिजाब विवाद पर भड़का छात्राओं का गुस्सा, अस्पताल परिसर में पुलिस अधिकारी से तीखी बहसअसम के मानस नेशनल पार्क के दो महावतों को मिला मास्टर महावत का वैश्विक सम्मान, थाईलैंड में देंगे विशेष प्रशिक्षणजापानी मुद्रा में हस्तक्षेप की आहट से अमेरिकी डॉलर की रफ्तार थमीबिजली का करंट लगने से मासूम की मौत, दौसा के ठीकरिया में मुआवजे और कार्रवाई की मांग पर अड़े ग्रामीणमणिपुर में 49 लापता लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की विशेष सहायता राशि देगी सरकारबिहार में रोको-टोको चेकिंग के दौरान महिला सब इंस्पेक्टर से हाथापाई, कैमरे में कैद हुआ हंगामासंतान की लंबी आयु का कठिन पर्व जितिया, मारुआ रोटी और नूनी साग से शुरू होता है यह दो दिवसीय निर्जला अनुष्ठान
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर विपक्ष का तीखा प्रहार, सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका के बीच अधीर रंजन का ममता को पार्टी विलय का न्योताराजनीति
1 अक्तू॰ 2026, 10:52 pm (57 मिनट पहले)· 0

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर विपक्ष का तीखा प्रहार, सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका के बीच अधीर रंजन का ममता को पार्टी विलय का न्योता

मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली को लेकर कानूनी व सियासी घमासान तेज हो गया है। ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा, वहीं अधीर रंजन चौधरी ने तृणमूल कांग्रेस के कांग्रेस में विलय की पेशकश रख दी है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्षी खेमे की नाराजगी अब कानूनी दांवपेच और सड़क पर उतरने की रणनीतियों के रूप में सामने आ रही है। मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को लेकर देश की शीर्ष अदालत में पहले से ही कानूनी चुनौती लंबित है, और इसी बीच आयोग के फैसलों पर सवाल खड़े करती एक नई याचिका भी अदालत के समक्ष पहुंच गई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस ताज़ा अर्जी पर अगले सप्ताह सुनवाई करने की रजामंदी दे दी है, जबकि दूसरी ओर राजनीतिक दलों ने सड़कों पर बड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू करने की रूपरेखा तैयार कर ली है।

सुप्रीम कोर्ट में चुनौती और लगाए गए आरोप

शीर्ष अदालत में दाखिल याचिकाओं में चुनाव आयोग के अंदरूनी कामकाज के तरीकों पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि SIR से संबंधित कई नीतिगत निर्णय आयोग के अन्य सदस्यों की सहमति लिए बिना ही तय कर दिए गए। दायर अर्जी में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध ठोस कदम उठाने की मांग भी शामिल की गई है। अदालत ने इन दलीलों पर विचार करते हुए मामले को अगले सप्ताह सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है, हालांकि ये तमाम बातें याचिकाकर्ताओं की ओर से रखे गए आरोप हैं जिन पर न्यायिक निर्णय आना अभी बाकी है।

ये भी पढ़ें

मुंबई के शिवाजी पार्क से आंदोलन की घोषणा

चुनाव आयोग के वर्तमान रुख के खिलाफ अब अन्य राजनीतिक संगठन भी लामबंद होने लगे हैं। कॉकरोच जनता पार्टी ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ व्यापक जनांदोलन छेड़ने का ऐलान कर दिया है। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष निर्णायक मोड़ तक पहुंचेगा और जब तक ज्ञानेश कुमार पद से नहीं हटते, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन थमेगा नहीं। दीपके ने बताया कि यह आंदोलन मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क से प्रारंभ किया जाएगा। पार्टी की ओर से ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, उनके खिलाफ आपराधिक धाराओं में मामला दर्ज करने, चालू SIR प्रक्रिया को तत्काल रोकने और पुरानी मतदाता सूची के आधार पर ही चुनाव संपन्न कराने की मांग रखी गई है।

ममता बनर्जी के कड़े तेवर और वोट चोरी का आरोप

तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर सीधा हमला बोला है। देश की राजधानी में विपक्षी खेमे के शीर्ष नेताओं के परस्पर विमर्श के दौरान ममता ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार सत्ताधारी दल बीजेपी की 'कठपुतली' बनकर काम कर रहे हैं और सत्तापक्ष 'वोट चोरी' के सहारे चुनावी जीत हासिल कर रहा है। ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र में सत्तारूढ़ व्यवस्था की उल्टी गिनती अब शुरू हो चुकी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के उद्देश्य से सभी विपक्षी दल आपसी मतभेदों को दरकिनार कर एक मंच पर एकजुट हुए हैं। ममता के अनुसार, अब ज्ञानेश कुमार की विदाई आवश्यक हो गई है और केंद्र की मोदी सरकार का सत्ता से बाहर होना भी तय है।

अधीर रंजन चौधरी का चौंकाने वाला सियासी प्रस्ताव

इस तीखी बयानबाजी के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने एक अप्रत्याशित राजनीतिक दांव चलते हुए ममता बनर्जी को मूल दल में लौटने का खुला प्रस्ताव दे दिया। चौधरी ने याद दिलाया कि ममता बनर्जी का राजनीतिक सफर कांग्रेस से ही शुरू हुआ था, लिहाजा अगर वह अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस का विलय कांग्रेस में कर देती हैं तो इससे संयुक्त विपक्ष का आधार बेहद मजबूत होगा। चौधरी ने ममता बनर्जी से आग्रह किया कि वे अपने वर्तमान सांसदों और विधायकों के साथ कांग्रेस में वापस लौट आएं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी पश्चिम बंगाल के भीतर ममता बनर्जी के नेतृत्व को पूरे सम्मान के साथ स्वीकार करने के लिए तैयार है।

सवाल-जवाब

सुप्रीम कोर्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ क्या नया मामला आया है?
सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया गया है कि SIR से जुड़े फैसले अन्य चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए गए, जिस पर अदालत अगले हफ्ते सुनवाई करेगी।
ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर क्या आरोप लगाए हैं?
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार बीजेपी की कठपुतली की तरह काम कर रहे हैं और सत्तापक्ष वोट चोरी के जरिए चुनाव जीत रहा है।
कॉकरोच जनता पार्टी की मुख्य मांगें क्या हैं?
पार्टी ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, आपराधिक कार्रवाई, SIR प्रक्रिया को फ्रीज करने और पुराने SIR के आधार पर चुनाव कराने की मांग की है।
अधीर रंजन चौधरी ने ममता बनर्जी को क्या राजनीतिक प्रस्ताव दिया?
अधीर रंजन चौधरी ने ममता बनर्जी से तृणमूल कांग्रेस का कांग्रेस में विलय करने और अपने सांसदों-विधायकों के साथ कांग्रेस में लौटने का प्रस्ताव रखा है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·14 मिनट पहले

चुनाव आयोग पर ऐसा घमासान मैंने पिछली बार तब देखा था जब हम दिल्ली में लंबी बैठकों के दौरान बाहर चाय की टपरी पर चर्चा किया करते थे।

Vikram Yadav@vikram-yadav·14 मिनट पहले

रविकेश जी, बात तो सही है आपकी। पर ये बताइए कि अगर कोर्ट ने चुनाव आयोग के खिलाफ फैसला दे दिया, तो क्या सच में चुनाव टाले जा सकते हैं?

Karan Malhotra@karan-malhotra·36 मिनट पहले

जब पिछली बार इस तरह के चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठे थे, तब मुझे दिल्ली की एक अदालत के बाहर घंटों खड़े रहना पड़ा था। अंदर कानूनी जंग चल रही थी और बाहर नेता बयान दे रहे थे, माहौल बिल्कुल वैसा ही तनावपूर्ण लग रहा है।

Rohan Verma@rohan-verma·36 मिनट पहले

करण भाई, आपकी बात बिल्कुल सही है, कोर्ट के बाहर का वो तनाव मैंने भी कई बार कवर किया है, माहौल वाकई ऐसा ही हो जाता है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp