बिहार में पर्यटन और तीर्थाटन को नई रफ्तार देने के मकसद से राज्य सरकार ने नदी पार करने और धार्मिक स्थलों तक पहुंचने के लिए बड़े पैमाने पर केबल कार नेटवर्क तैयार करने का खाका पेश किया है। राजधानी के ताज होटल में आयोजित बिहार इन्वेस्टर मीट के मंच से इस योजना का ब्योरा साझा किया गया। इस विशेष कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की मौजूदगी में राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की कि प्रदेश भर में पर्यटन की संभावनाओं को भुनाने के लिए कुल 20 रोपवे विकसित किए जाएंगे। यह पूरा ढांचा पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी पीपीपी मॉडल के तहत निजी क्षेत्र के सहयोग से जमीन पर उतारा जाएगा।
मरीन ड्राइव से हरिहरनाथ मंदिर तक 7 किलोमीटर लंबा सफर
प्रस्तावित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में सबसे प्रमुख पटना और सोनपुर को जोड़ने वाला केबल कार रूट है। यह केबल नेटवर्क गंगा नदी के विशाल जलक्षेत्र के ठीक ऊपर से गुजरेगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य आगामी 5 महीनों के भीतर धरातल पर शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। यह केबल कार रूट पटना के लोकप्रिय गंगा पथ यानी मरीन ड्राइव से अपनी यात्रा शुरू करेगा और सीधे सोनपुर के विश्वप्रसिद्ध हरिहरनाथ मंदिर के प्रांगण तक श्रद्धालुओं व सैलानियों को पहुंचाएगा। लगभग 7 किलोमीटर लंबे इस रूट से यात्रा करने वाले लोगों को न केवल गंगा के मनोरम दृश्य हवा में तैरते हुए देखने को मिलेंगे, बल्कि सड़क मार्ग के लंबे जाम और फेर से भी सीधा छुटकारा मिल सकेगा।
श्रावणी मेले में भी दी गई थी इस महत्वाकांक्षी परियोजना की रूपरेखा
पटना और सोनपुर के बीच प्रस्तावित इस एरियल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क की चर्चा पहले भी सामने आ चुकी है। लगभग दो महीने पहले जब श्रावणी मेले का उद्घाटन हुआ था, तब भी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस परियोजना से जुड़ी प्राथमिक जानकारियों को सार्वजनिक किया था। उन्होंने उस वक्त स्पष्ट किया था कि मरीन ड्राइव से शुरू होकर हरिहरनाथ मंदिर तक जाने वाला यह केबल रूट गंगा के दोनों छोर को सीधी कनेक्टिविटी देगा। इस पूरे प्रयास की मूल योजना यही है कि राजधानी पटना और ऐतिहासिक धार्मिक नगरी सोनपुर के बीच श्रद्धालुओं के साथ-साथ आम पर्यटकों का आवागमन बेहद तेज, सुगम और सुरक्षित बनाया जा सके।
भागलपुर में सुल्तानगंज से अगुवानी घाट के बीच भी बनेगा एरियल रूट
गंगा नदी पर केवल पटना और सोनपुर ही नहीं, बल्कि पूर्वी बिहार के भागलपुर जिले में भी इसी तरह का एक और बड़ा रोपवे नेटवर्क तैयार करने की तैयारी है। भागलपुर जिले से संबंधित इस प्रोजेक्ट के तहत सुल्तानगंज में स्थापित प्रसिद्ध अजगैवीनाथ धाम को सीधे अगुवानी गंगा घाट के साथ जोड़ा जाएगा। यह केबल कार भी गंगा नदी के ऊपर से होकर गुजरेगी, जिससे नदी के दोनों किनारों के बीच जलमार्ग या लंबे पुल पर निर्भर रहने वाले कांवड़ियों, श्रद्धालुओं और आम मुसाफिरों को गंगा पार करने के लिए एक बेहद सुलभ और आधुनिक वैकल्पिक परिवहन साधन मिल जाएगा।
पलायन पर सरकारी नजरिया और नई रोपवे कंपनी को मंजूरी
निवेशक सम्मेलन के मंच से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य से होने वाले पलायन के मुद्दे पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि जो बिहारी नागरिक अच्छा काम करने के सिलसिले में प्रदेश से बाहर गए हैं, वे जहां भी रहें अपनी कर्मभूमि से अपनी जन्मभूमि की सेवा लगातार करते रहें। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट तौर पर यह भी माना कि यदि गरीब नागरिक और दैनिक मजदूर रोजगार न मिलने की विवशता में राज्य छोड़ रहे हैं, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी सरकार के ऊपर होगी। उल्लेखनीय है कि राज्य में धार्मिक और पर्यटन महत्व के स्थानों पर आधुनिक रोपवे के निर्माण व प्रबंधन को औपचारिक रूप देने के लिए इसी साल जुलाई महीने में हुई कैबिनेट बैठक में बिहार स्टेट रोपवेज कंपनी लिमिटेड के गठन की मंजूरी दी जा चुकी है।


















