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बिहार में मानसून की दस्तक: 15 जून को भागलपुर समेत 4 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, जानें पूरे राज्य का हालबिहार
14 जून 2026, 5:03 pm (46 दिन पहले)· 0

बिहार में मानसून की दस्तक: 15 जून को भागलपुर समेत 4 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, जानें पूरे राज्य का हाल

मौसम विज्ञान केंद्र पटना के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा मुजफ्फरपुर और धनबाद से गुजर रही है और अगले 24 से 48 घंटों में राज्य के ज्यादातर हिस्सों में आंधी-बारिश तेज होगी। भागलपुर, कटिहार, किशनगंज और पूर्णिया में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून के पहुंचते ही मौसम का रुख तेजी से बदल गया है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना की ओर से जारी ताजा बुलेटिन बताता है कि इस वक्त मानसून की उत्तरी सीमा मुजफ्फरपुर और धनबाद के ऊपर से होकर गुजर रही है। मौसम वैज्ञानिकों का आकलन है कि आने वाले 4 से 5 दिनों में मानसून को राज्य के बाकी हिस्सों तक फैलने के लिए पूरी तरह माकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। यही वजह है कि अगले 24 से 48 घंटों के दौरान बिहार के अधिकतर इलाकों में आंधी और बारिश की रफ्तार तेज होने के आसार हैं।

इन 4 जिलों में सबसे ज्यादा खतरा

IMD ने राज्य के चार जिलों — भागलपुर, कटिहार, किशनगंज और पूर्णिया — के लिए सबसे सख्त चेतावनी दी है। इन जिलों में एक या दो जगहों पर मेघ गर्जन और वज्रपात के साथ भारी वर्षा होने की आशंका है। साथ ही 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जिसे देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।

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इसके अलावा राज्य के उत्तर-मध्य, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व भाग के दूसरे जिलों में भी कई स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज आंधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है।

पिछले 24 घंटे में कहां बरसा कितना पानी

बीते 24 घंटों के आंकड़े बताते हैं कि किशनगंज और रोहतास जिलों में भारी बारिश हुई। उत्तर-पश्चिम हिस्से को छोड़ दें तो बिहार के बाकी सभी इलाकों में हल्की से मध्यम बौछारें पड़ीं। बारिश के मुख्य आंकड़े इस प्रकार रहे:

  • सासाराम — 76.8 मिमी
  • गलगलिया — 75.8 मिमी
  • डेहरी (रोहतास) — 67.8 मिमी
  • शिवसागर — 56.4 मिमी
  • ओबरा — 55.2 मिमी
  • अकबरपुर — 45.2 मिमी
  • ठाकुरगंज — 41.2 मिमी
  • मधेपुरा — 20.5 मिमी

मौसम विभाग का कहना है कि कल भी इन क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और रुक-रुककर बौछारें गिरती रहेंगी।

कैमूर में पारा 40 के पार, नालंदा में 61 किमी की आंधी

तापमान की बात करें तो पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक पारा कैमूर (भभुआ) में 40.0°C रिकॉर्ड हुआ। राज्य का औसत अधिकतम तापमान 35.1°C से 40.0°C के बीच रहा, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान डेहरी में 23.5°C दर्ज किया गया। आगे के लिए राहत की बात यह है कि कल तापमान में किसी बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना नहीं है और अगले 3-4 दिनों तक अधिकतम व न्यूनतम तापमान लगभग यथावत बना रहेगा।

एक और अहम घटनाक्रम में नालंदा जिले में हवा की अधिकतम गति 61 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई, जिसने अचानक वहां का मौसम काफी सर्द और धूल भरा कर दिया।

किस तरह के नुकसान का अंदेशा

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक तेज आंधी और भारी बारिश से कच्चे मकानों, झुग्गी-झोपड़ियों और टिन की छतों को नुकसान पहुंच सकता है। शहरी इलाकों के निचले स्थानों में जलजमाव हो सकता है और नदियों के जलस्तर में मामूली बढ़ोतरी भी संभव है।

मौसम विभाग की जरूरी सलाह

आसमानी बिजली और खराब मौसम से बचने के लिए मौसम विभाग ने लोगों को कुछ अहम सावधानियां बरतने को कहा है:

  • बिजली कड़कने पर: मेघ गर्जन या बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों या ट्रांसफार्मर के पास खड़े होने से बचें और इनसे दूरी बनाए रखें।
  • तुरंत क्या करें: मौसम अचानक बिगड़ने पर बिना समय गंवाए किसी पक्के मकान, मजबूत इमारत या सुरक्षित आश्रय के अंदर चले जाएं।
  • बिजली के उपकरण: वज्रपात के खतरे को देखते हुए घर के सभी संवेदनशील बिजली उपकरणों और इलेक्ट्रॉनिक प्लग को मुख्य बोर्ड से निकाल दें, ताकि शॉर्ट-सर्किट या बड़े नुकसान से बचा जा सके।
  • जलभराव और बाढ़: अचानक बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों और भारी जलजमाव वाले रास्तों या गड्ढों की ओर जाने से पूरी तरह बचें, क्योंकि वहां दुर्घटना का खतरा सबसे अधिक रहता है।
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