चित्रकूट जिले में स्थित चित्रकूट इंटर कॉलेज (सीआईसी) परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब बीती रात दूसरे गेट के पास एक विशालकाय अजगर दिखाई दिया। लगभग 10 से 15 फीट लंबे इस अजगर को देखते ही वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी फैल गई। रात करीब 8:30 बजे हुई इस घटना के बाद देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। परिसर में मौजूद लोग भयभीत होने के साथ-साथ अपने मोबाइल कैमरों से अजगर का वीडियो भी बनाने लगे। मामले की सूचना तुरंत वन विभाग को दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद अजगर को सुरक्षित पकड़कर जंगल में छोड़ दिया।
कॉलेज परिसर में भीड़ और बढ़ता हड़कंप
बीती रात सीआईसी के दूसरे गेट के करीब से गुजर रहे लोगों की नजर अचानक जमीन पर रेंगते विशालकाय जीव पर पड़ी। जब लोगों ने पास जाकर ध्यान से देखा तो वहां करीब 15 फीट लंबा इंडियन रॉक पाइथन मौजूद था। विशाल अजगर की मौजूदगी की खबर जंगल की आग की तरह पूरे कॉलेज परिसर और आसपास के इलाकों में फैल गई। खबर सुनते ही स्थानीय निवासियों और राहगीरों की बड़ी तादाद मौके पर एकत्रित होने लगी।
घटनास्थल पर जमा हुए लोग एक तरफ जहां अजगर के आकार को देखकर सहमे हुए थे, वहीं दूसरी तरफ कई लोग अपने स्मार्टफोन निकालकर अजगर की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड करने में व्यस्त हो गए। भीड़ के दबाव और अजगर की संभावित आक्रामकता को देखते हुए वहां मौजूद प्रबुद्ध नागरिकों ने स्थिति की गंभीरता को समझा और तत्काल प्रभाव से वन विभाग के कंट्रोल रूम को फोन कर सहायता मांगी।
वन विभाग का रेस्क्यू ऑपरेशन और जंगल में सुरक्षित वापसी
सूचना प्राप्त होते ही वन विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया टीम हरकत में आई। स्नेक रेस्क्यू टीम के इंचार्ज शेषधर और कर्वी रेंजर अपनी विशेषज्ञ टीम के साथ बिना किसी विलंब के कॉलेज परिसर में पहुंचे। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सबसे पहला काम भीड़ को नियंत्रित करने का किया। वनकर्मियों ने सुरक्षा घेरा बनाते हुए आम जनता को अजगर से सुरक्षित दूरी पर हटाया ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके और रेस्क्यू के दौरान सांप भड़क न उठे।
सुरक्षा इंतजाम पुख्ता करने के पश्चात स्नेक रेस्क्यू टीम ने अत्यधिक सावधानी के साथ अजगर को काबू में करने का अभियान शुरू किया। अजगर के भारी वजन और उसकी ताकत के कारण वनकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। लगभग घंटों चले इस मैराथन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद टीम अजगर को सुरक्षित बोरे में रेस्क्यू करने में सफल रही। इसके बाद राहत की सांस लेते हुए वन विभाग ने अजगर को आबादी वाले इलाके से दूर घने प्राकृतिक जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया।
डीएफओ प्रत्यूष कुमार कटियार का बयान और मौसमी कारण
इस पूरी कार्रवाई और स्थिति के संदर्भ में डीएफओ चित्रकूट प्रत्यूष कुमार कटियार ने आधिकारिक जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि सीआईसी के दूसरे गेट के समीप अजगर दिखाई देने का संदेश रात लगभग 8:30 बजे प्राप्त हुआ था। सूचना मिलते ही स्नेक रेस्क्यू टीम के इंचार्ज शेषधर और कर्वी रेंजर की टीम को मौके पर रवाना किया गया था। जांच में पाया गया कि पकड़ा गया जीव करीब 10 से 15 फीट लंबा इंडियन रॉक पाइथन था।
डीएफओ प्रत्यूष कुमार कटियार ने स्पष्ट किया कि इंडियन रॉक पाइथन एक ऐसी प्रजाति है जो मुख्य रूप से घने जंगलों, प्राकृतिक पत्थरों और दूरदराज के वन्य क्षेत्रों में पाई जाती है। वर्तमान समय में जिले के विभिन्न हिस्सों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है और कई जगह बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। बारिश के पानी से सांपों के प्राकृतिक बिल और आश्रय स्थल जलमग्न हो चुके हैं। यही वजह है कि वन्यजीव सुरक्षित व सूखे ठिकानों की तलाश में रिहायशी इलाकों का रुख कर रहे हैं। जिले के अन्य क्षेत्रों से भी सांप निकलने की लगातार खबरें आ रही हैं।
नागरिकों के लिए चेतावनी और सर्पदंश पर प्राथमिक उपचार
वन विभाग ने रिहायशी इलाकों में बढ़ते सांपों के खतरे को देखते हुए आम जनता से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। डीएफओ ने नागरिकों को सलाह दी है कि यदि वे अपने खेतों, बाड़ों, या घरों के आसपास जमा घास-फूस, लकड़ी या पुराने सामान के ढेरों के पास काम करने जाएं तो बेहद सतर्क रहें। किसी भी अंधेरी जगह या सामान के नीचे बिना जांचे-परखे हाथ न डालें और पहले लाठी से ठोक-ठाक कर स्थिति सुनिश्चित कर लें।
इसके अतिरिक्त सर्पदंश की आपात स्थिति के लिए भी डीएफओ प्रत्यूष कुमार कटियार ने महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले, तो बिल्कुल भी घबराएं नहीं। घबराहट और शरीर में अधिक हलचल होने से रक्त संचार तेज होता है, जिससे शरीर में जहर तेजी से फैलता है। पीड़ित व्यक्ति को शांत व स्थिर रखें और प्रभावित हिस्से को बिल्कुल न हिलाएं। किसी भी प्रकार के ओझा या अंधविश्वास के फेर में पड़े बिना मरीज को अविलंब नजदीकी अस्पताल पहुंचाकर डॉक्टरी इलाज शुरू कराएं।



















