बिहार की राजधानी पटना में बाढ़ की स्थिति दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। गंगा और पुनपुन नदियों का जलस्तर बढ़ने का असर अब सिर्फ निचली बस्तियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कारोबारी प्रतिष्ठानों तक भी पहुंच गया है। दीदारगंज फोरलेन नेशनल हाईवे के पास बने एक ट्रैक्टर वेयरहाउस में बाढ़ का पानी घुस गया, जिससे परिसर में खड़े कई नए ट्रैक्टर पूरी तरह पानी में डूब गए। इन वाहनों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
जिला प्रशासन ने तेज किया राहत अभियान
बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए पटना जिला प्रशासन ने राहत, बचाव और सहायता कार्यों की रफ्तार बढ़ा दी है। जिलाधिकारी और एसपी ने खुद गंगा के अलग-अलग घाटों, सामुदायिक रसोई केंद्रों और बाढ़ प्रभावित पुनपुन इलाके का दौरा किया। इस दौरान अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से सीधे बातचीत कर उनकी दिक्कतें समझीं और मौके पर मौजूद अफसरों को निर्देश दिया कि राहत कार्य पूरी संवेदनशीलता और तेजी के साथ चलाया जाए।
प्रभावित इलाकों में सुरक्षित आवागमन और बचाव कार्यों के लिए 189 नौकाएं तैनात की गई हैं। बीमार और घायल लोगों के इलाज के लिए 34 एम्बुलेंस और 20 मेडिकल कैंप लगातार सक्रिय हैं। इसके साथ ही 34 सामुदायिक रसोई केंद्रों के जरिए बेघर हुए और जरूरतमंद परिवारों तक भोजन पहुंचाया जा रहा है, ताकि किसी को खाली पेट न रहना पड़े।
मवेशियों को बचाने की मुहिम, राहत सामग्री का बंटवारा
बाढ़ में इंसानों के साथ-साथ मवेशी भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, इसलिए प्रशासन ने 15 पशु शिविर बनाए हैं, जहां अब तक करीब 1,680 पशुओं का इलाज किया जा चुका है। सामान्य चारागाह जलमग्न होने से मवेशी भूखे न रहें, इसके लिए इन शिविरों के जरिए एक हजार क्विंटल से ज्यादा पशुचारा बांटा गया है। वहीं बेघर हुए परिवारों को सिर छुपाने के लिए अब तक 6,018 पॉलीथीन शीट्स दी जा चुकी हैं।
SDRF, SSB और वन विभाग की टीमें अलर्ट पर
रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी लाने के लिए SDRF की आठ टीमें और SSB की दो टीमें मौके पर तैनात हैं। दियारा इलाकों में बाढ़ का पानी भर जाने से वन्यजीवों के आबादी वाले क्षेत्रों की तरफ आने का खतरा बढ़ गया है, इसलिए वन विभाग की रेस्क्यू टीम को भी सतर्क रखा गया है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में सावधानी बरतें और कोई जंगली जानवर नजर आए तो उसके करीब जाने के बजाय तुरंत प्रशासन या वन विभाग को इसकी जानकारी दें। गंगा-पुनपुन के जलस्तर, तटबंधों, सड़कों, राहत शिविरों और संवेदनशील इलाकों पर अधिकारियों की नजर लगातार बनी हुई है।
पटना-गया रेल खंड पर भी पड़ा असर
बाढ़ का असर अब रेल यातायात पर भी दिखने लगा है। मध्य पूर्व रेलवे ने अधिसूचना जारी कर बताया कि पटना-गया खंड पर पुनपुन और परसा बाजार स्टेशनों को जोड़ने वाले पुल संख्या 21 पर जलस्तर खतरनाक स्तर तक बढ़ जाने की वजह से कुछ ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है, जबकि कुछ अन्य ट्रेनों का मार्ग बदल दिया गया है।
गांधी सेतु के पास नाव पलटी, दो लोग अब भी लापता
इसी बीच वैशाली जिले के राघोपुर स्थित तेरेसिया में महात्मा गांधी सेतु के पाया नंबर 9 और 10 के पास गंगा नदी में 11 लोगों से भरी एक नाव पलट गई। हादसे में 9 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि दो लोगों की तलाश अब भी जारी है। मंगलवार दोपहर यह नाव राघोपुर से दीघा की तरफ जा रही थी और गांधी सेतु पुल के पास तेज धारा में फंसकर अनियंत्रित हो गई, जिसके बाद यह हादसा हुआ।




















