नई दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय में डाक के जरिए एक धमकी भरा पत्र मिलने के बाद प्रशासनिक और सुरक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है। यह लिफाफा भारत सरकार के केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह के पते पर भेजा गया था, जिसमें गंभीर परिणाम भुगतने और हत्या की साजिश की बात लिखी गई है। घटना की जानकारी मिलते ही बिहार के बेगूसराय जिले के नगर थाने में विभिन्न धाराओं के तहत औपचारिक मामला दर्ज किया गया है। बेगूसराय पुलिस की एक विशेष जांच टीम दिल्ली के लिए रवाना हो चुकी है ताकि डाक भेजने वाले स्थान, लिफाफे पर लिखे फोन नंबरों और इससे जुड़े तार की गहनता से पड़ताल की जा सके।
धमकी भरे पत्र का विवरण और उस पर लिखे दो मोबाइल नंबर
3 सितंबर को नई दिल्ली के नेताजी नगर इलाके में स्थित जीपीओए-3 के कमरा नंबर 5605 में साधारण डाक के जरिए एक लिफाफा प्राप्त हुआ था। लिफाफे के ऊपर स्पष्ट रूप से प्राप्तकर्ता के रूप में 'गिरिराज सिंह, वस्त्र मंत्री, उद्योग भवन, डॉ. मौलाना आजाद रोड, नई दिल्ली-110011' अंकित था। लिफाफे को खोलने पर अंदर अंग्रेजी भाषा में टाइप की गई केवल एक ही पंक्ति का संदेश मिला, जिसमें लिखा था, "You will be killed shortly by hardcore terrorists"।
इस संक्षिप्त लेकिन बेहद संवेदनशील धमकी भरे संदेश के ठीक नीचे दो अलग-अलग मोबाइल नंबर भी टाइप किए गए थे। इनमें पहला नंबर 9666010152 तथा दूसरा नंबर 8074731849 था। प्राथमिक तकनीकी छानबीन में इन दोनों संपर्क नंबरों का सुराग दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक से जुड़ा हुआ पाया गया है। शुरुआती इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के दौरान यह बात सामने आई है कि ये नंबर कर्नाटक राज्य के कोलार जिले के अंतर्गत आने वाले श्रीनिवासपुरा तालुका के इम्बाला गांव निवासी नीतीश रेड्डी से संबंधित हैं, जिनके पिता का नाम रामकृष्ण रेड्डी बताया जा रहा है।
गृह मंत्रालय को आधिकारिक सूचना और बेगूसराय में एफआईआर
पत्र की गंभीरता और उसमें दी गई सीधी चेतावनी को देखते हुए केंद्रीय मंत्री के निजी सचिव और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी (IAS) योगेंद्र सिंह ने तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय के सचिव को आधिकारिक प्रशासनिक माध्यम से एक लिखित पत्र भेजकर पूरे मामले की विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही इस पत्राचार की एक प्रतिलिपि बेगूसराय के पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय को भी प्रेषित की गई ताकि स्थानीय स्तर पर आवश्यक कानूनी कदम उठाए जा सकें।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से निर्देश प्राप्त होने के तुरंत बाद बेगूसराय नगर थाने में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई। नगर थाना प्रभारी सह पुलिस निरीक्षक सतीश कुमार हिमांशु ने 4 सितंबर को स्वयं अपने बयान के आधार पर इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की। दर्ज की गई रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि किसी केंद्रीय मंत्री की हत्या की साजिश रचना और उन्हें जान से मारने की धमकी देना एक अत्यंत गंभीर और संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है।
भारतीय न्याय संहिता की धाराएं और जांच की दिशा
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न प्रासंगिक धाराओं के तहत केस पंजीकृत किया है। दर्ज एफआईआर में मुख्य रूप से साजिश से जुड़ी धारा 55, जान से मारने की धमकी देने से संबंधित धारा 351(3) और आपराधिक षड्यंत्र रचने के आरोप में धारा 61(2) को शामिल किया गया है। इन कानूनी प्रावधानों के तहत मामले की गहराई से विवेचना शुरू कर दी गई है।
मामले की प्रगति की जानकारी देते हुए प्रभारी सदर डीएसपी इमरान अहमद ने बताया कि चूंकि धमकी भरा पत्र नई दिल्ली में प्राप्त हुआ था, इसलिए घटना की तह तक पहुंचने के लिए बेगूसराय पुलिस के जांच अधिकारी दिल्ली भेजे गए हैं। पुलिस टीम वहां पहुंचकर उस डाकघर और स्थान का मुआयना करेगी जहां से इस साधारण पत्र को पोस्ट किया गया था। इसके अलावा दिल्ली पुलिस और स्थानीय एजेंसियों के सहयोग से पत्र पर दर्ज दोनों मोबाइल नंबरों की लोकेशन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स की विस्तृत जांच की जा रही है।
पूर्व में मिली धमकियों का संदर्भ और लंबित मामले
केंद्रीय मंत्री को मिली इस नई धमकी के बाद उनके सुरक्षा तंत्र की समीक्षा भी की जा रही है। बेगूसराय पुलिस के अनुसार यह पहली बार नहीं है जब मंत्री या उनके सहयोगियों को इस तरह की धमकियां मिली हों। इससे पहले सितंबर 2024 में भी इसी तरह का एक मामला सामने आया था, जब केंद्रीय मंत्री के तत्कालीन सांसद प्रतिनिधि अमरेन्द्र कुमार अमर के पास एक अनजान नंबर से संपर्क किया गया था।
उस समय अमरेन्द्र कुमार अमर को पाकिस्तान से एक अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप कॉल प्राप्त हुई थी, जिसमें उन्हें और मंत्री से जुड़े लोगों को जान से मारने की धमकी दी गई थी। हालांकि उस पुरानी घटना के संदर्भ में पुलिस और जांच एजेंसियों द्वारा कार्रवाई की गई थी, लेकिन उस मामले में अब तक कोई ठोस सफलता या सुराग हासिल नहीं हो सका है। वर्तमान मामले में पुलिस हर पहलू, चाहे वह व्यक्तिगत रंजिश हो, तकनीकी फर्जीवाड़ा हो या किसी गिरोह की साजिश, की बारीकी से पड़ताल कर रही है।





















