गोपालगंज में सामने आया हत्याकांड किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है, जहां अपनी साजिश रचने वाला शख्स खुद मौत के जाल में फंस गया। यह हैरान करने वाली घटना विशंभरपुर थाना इलाके के विजयपुर दियर की है। पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए दो लोगों को हिरासत में लिया है, जबकि मामले में शामिल दो अन्य आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है।
शुरुआती जांच और पहचान
इस खौफनाक वारदात का पता तब चला जब 12 जून को गन्ने के खेत में बिना सिर का शव मिला। मृतक के सिर के गायब होने के कारण उसकी पहचान करना चुनौती बन गया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक एसआईटी का गठन किया और वैज्ञानिक तथा तकनीकी तरीकों से पड़ताल शुरू की। पुलिस को मौके से कुछ कपड़े और एक लावारिस मोटरसाइकिल मिली, जिसके आधार पर मृतक की पहचान कुचायकोट थाना क्षेत्र के सिरसिया गांव निवासी मोहम्मद मुस्तफा के रूप में हुई।
अवैध संबंधों का जाल
एसपी विनय तिवारी ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि मोहम्मद मुस्तफा का चरित्र काफी संदिग्ध था और उसके कई महिलाओं से अवैध संबंध थे। वह अक्सर इन महिलाओं का शोषण करता था। इसी क्रम में, उसने एक नाबालिग लड़की को भी अपनी हवस का शिकार बनाया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि मोहम्मद मुस्तफा उस लड़की के पिता और उसके होने वाले पति की हत्या करने की साजिश रच रहा था। अपनी इस मंशा को पूरा करने के लिए उसने लालबाबू यादव के साथ मिलकर तीन शूटरों को 200000 रुपये में सुपारी दी थी।
बदली हुई साजिश
जब शूटरों को मोहम्मद मुस्तफा के आपराधिक चरित्र और उसकी घिनौनी सोच के बारे में पता चला, तो उन्होंने अपना इरादा बदल दिया। उन्होंने दो निर्दोष लोगों की जान लेने के बजाय मोहम्मद मुस्तफा को ही खत्म करने का फैसला किया। वारदात वाले दिन, आरोपियों ने उसे बातों में फंसाकर गन्ने के खेत में बुलाया। वहां तेज धारदार चाकू से उसका गला रेतकर सिर धड़ से अलग कर दिया गया। सबूत मिटाने के लिए उन्होंने उसका सिर और वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू खेत में ही दफना दिया ताकि पुलिस को भ्रमित किया जा सके। हालांकि, पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के जरिए इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझा लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर सिर और हत्या का हथियार बरामद हो चुका है, जबकि बचे हुए दो साथियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है।













