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दुर्गा पूजा पर जरूरी चीजों की किल्लत रोकने के लिए त्रिपुरा प्रशासन ने कसी कमरत्रिपुरा
22 सित॰ 2026, 3:41 pm (1 घंटे पहले)· 0

दुर्गा पूजा पर जरूरी चीजों की किल्लत रोकने के लिए त्रिपुरा प्रशासन ने कसी कमर

दुर्गा पूजा के दौरान आम लोगों को तय दामों पर जरूरी सामान मिलता रहे, इसके लिए त्रिपुरा के खाद्य विभाग ने तेल कंपनियों और व्यापारियों के साथ मिलकर पूरी सप्लाई चेन की समीक्षा की है।

दुर्गा पूजा के त्योहारी सीजन को देखते हुए त्रिपुरा प्रशासन ने राज्य भर में दैनिक उपभोग की आवश्यक वस्तुओं की सुचारू आपूर्ति बनाए रखने की कोशिशें तेज कर दी हैं। त्योहारों के दौरान अचानक बढ़ने वाली मांग को पूरा करने और बाजार में कीमतों को नियंत्रण में रखने के उद्देश्य से खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई। विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में आवश्यक वस्तुओं के भंडारण, परिवहन और अंतिम उपभोक्ता तक वितरण के पूरे तंत्र की गहन समीक्षा की गई।

व्यापारियों और तेल कंपनियों के साथ साझा रणनीति

इस महत्वपूर्ण समन्वय बैठक में बाजार के सभी प्रमुख हितधारकों को शामिल किया गया। बैठक में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) जैसी प्रमुख पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ एलपीजी वितरक भी मौजूद रहे। इसके अलावा राज्य के विभिन्न व्यापारिक संगठनों, मर्चेंट एसोसिएशनों, थोक वितरकों और उचित मूल्य की राशन दुकानों के डीलरों ने भी चर्चा में हिस्सा लिया। जमीनी स्तर पर प्रशासनिक तालमेल बनाए रखने के लिए सभी जिलों के जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी भी सुनिश्चित की गई।

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जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त निगरानी

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक सुमित लोध ने बताया कि प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता त्योहार से पहले और पूजा के दिनों में जनता को किफायती दामों पर बुनियादी सामान उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा, "हमारा प्राथमिक ध्यान यह सुनिश्चित करना है कि पूजा से पहले और उसके दौरान आम जनता को सस्ती दरों पर आवश्यक वस्तुएं मिलती रहें।"

बैठक में मुनाफाखोरी रोकने के उपायों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यापारी को कृत्रिम अभाव पैदा करने, अवैध भंडारण करने या कालाबाजारी करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बाजार में कीमतों की निगरानी के लिए संबंधित एजेंसियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

परिवहन और सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था

पूर्वोत्तर के भौगोलिक हालात को देखते हुए बैठक में रसद और परिवहन व्यवस्था पर विशेष रूप से मंथन हुआ। राज्य के दूरदराज इलाकों तक जरूरी सामान पहुंचाने वाले आपूर्ति वाहनों की आवाजाही, उनके लिए तय किए जाने वाले सुरक्षित मार्ग और सुरक्षा बंदोबस्त की समीक्षा की गई। लोध ने जोर देकर कहा कि इस त्योहारी अवधि में आपूर्ति श्रृंखला को बिना किसी रुकावट के चालू रखने के लिए सरकारी विभागों, सुरक्षा बलों, थोक व्यापारियों और स्थानीय वितरकों के बीच आपसी तालमेल बेहद जरूरी रहेगा। खाद्य विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दुर्गा पूजा के दौरान किसी भी नागरिक को जरूरी सामान के लिए अतिरिक्त पैसे न चुकाने पड़ें।

सवाल-जवाब

त्रिपुरा सरकार ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को लेकर समीक्षा बैठक क्यों बुलाई?
दुर्गा पूजा के दौरान आम जनता को उचित और किफायती दामों पर जरूरी सामान उपलब्ध कराने तथा बाजार में किल्लत रोकने के लिए यह बैठक बुलाई गई।
इस बैठक में कौन-कौन से प्रमुख विभाग और संगठन शामिल हुए?
बैठक में खाद्य विभाग के अधिकारियों के अलावा IOCL, BPCL, एलपीजी वितरक, व्यापारिक संगठन, राशन डीलर, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।
कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए क्या निर्देश दिए गए हैं?
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कृत्रिम कमी पैदा करने या अवैध भंडारण करने वालों के खिलाफ कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि दाम न बढ़ें।
सामान के परिवहन और रसद को लेकर क्या व्यवस्था की गई है?
आपूर्ति वाहनों की निर्बाध आवाजाही के लिए सुरक्षित मार्गों और आवश्यक सुरक्षा बंदोबस्त की समीक्षा की गई है ताकि पूरे राज्य में माल समय पर पहुंचे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·13 मिनट पहले

सुमित लोध का यह कहना सही है कि जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए ऐसी सख्ती हर त्योहार से पहले होनी चाहिए।

Ravikash Gupta@ravikash·12 मिनट पहले

अर्जुन जी, बात तो सही है पर सिर्फ बैठकों और हिदायतों से कालाबाजारी सचमुच रुकती है क्या? धरातल पर तो दाम बढ़ ही जाते हैं।

Karan Malhotra@karan-malhotra·37 मिनट पहले

बैठकें तो हर साल होती हैं, पर त्योहार के वक्त कालाबाजारी रुकती कहां है? जमीनी सख्ती दिखनी चाहिए, कागजी आदेशों से कुछ नहीं होता।

Rohan Verma@rohan-verma·36 मिनट पहले

करण भाई, बात तो सही है आपकी। यूपी में भी त्योहारों पर ऐसे आदेश निकलते हैं, पर गोदामों पर छापेमारी हो तब असली असर दिखता है।

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