दुर्गा पूजा के त्योहारी सीजन को देखते हुए त्रिपुरा प्रशासन ने राज्य भर में दैनिक उपभोग की आवश्यक वस्तुओं की सुचारू आपूर्ति बनाए रखने की कोशिशें तेज कर दी हैं। त्योहारों के दौरान अचानक बढ़ने वाली मांग को पूरा करने और बाजार में कीमतों को नियंत्रण में रखने के उद्देश्य से खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई। विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में आवश्यक वस्तुओं के भंडारण, परिवहन और अंतिम उपभोक्ता तक वितरण के पूरे तंत्र की गहन समीक्षा की गई।
व्यापारियों और तेल कंपनियों के साथ साझा रणनीति
इस महत्वपूर्ण समन्वय बैठक में बाजार के सभी प्रमुख हितधारकों को शामिल किया गया। बैठक में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) जैसी प्रमुख पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ एलपीजी वितरक भी मौजूद रहे। इसके अलावा राज्य के विभिन्न व्यापारिक संगठनों, मर्चेंट एसोसिएशनों, थोक वितरकों और उचित मूल्य की राशन दुकानों के डीलरों ने भी चर्चा में हिस्सा लिया। जमीनी स्तर पर प्रशासनिक तालमेल बनाए रखने के लिए सभी जिलों के जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी भी सुनिश्चित की गई।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त निगरानी
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक सुमित लोध ने बताया कि प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता त्योहार से पहले और पूजा के दिनों में जनता को किफायती दामों पर बुनियादी सामान उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा, "हमारा प्राथमिक ध्यान यह सुनिश्चित करना है कि पूजा से पहले और उसके दौरान आम जनता को सस्ती दरों पर आवश्यक वस्तुएं मिलती रहें।"
बैठक में मुनाफाखोरी रोकने के उपायों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यापारी को कृत्रिम अभाव पैदा करने, अवैध भंडारण करने या कालाबाजारी करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बाजार में कीमतों की निगरानी के लिए संबंधित एजेंसियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
परिवहन और सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था
पूर्वोत्तर के भौगोलिक हालात को देखते हुए बैठक में रसद और परिवहन व्यवस्था पर विशेष रूप से मंथन हुआ। राज्य के दूरदराज इलाकों तक जरूरी सामान पहुंचाने वाले आपूर्ति वाहनों की आवाजाही, उनके लिए तय किए जाने वाले सुरक्षित मार्ग और सुरक्षा बंदोबस्त की समीक्षा की गई। लोध ने जोर देकर कहा कि इस त्योहारी अवधि में आपूर्ति श्रृंखला को बिना किसी रुकावट के चालू रखने के लिए सरकारी विभागों, सुरक्षा बलों, थोक व्यापारियों और स्थानीय वितरकों के बीच आपसी तालमेल बेहद जरूरी रहेगा। खाद्य विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दुर्गा पूजा के दौरान किसी भी नागरिक को जरूरी सामान के लिए अतिरिक्त पैसे न चुकाने पड़ें।






















