बिहार के मुंगेर जिले में एक रोमांचक तस्वीर खींचने की चाहत ने एक बेहद दर्दनाक हादसे का रूप ले लिया। हवेली खड़गपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खूबसूरत दामनकोल झरने पर बुधवार को सेल्फी लेने के प्रयास में एक अठारह वर्षीय युवक की जान चली गई। दोस्तों के साथ शुरू हुई एक खुशनुमा पिकनिक पल भर में मातम में बदल गई, जब एक छोटी सी चूक के कारण किशोर गहरे पानी में समा गया। खतरनाक स्थानों पर सेल्फी लेने की सनक से होने वाली मौतों की बढ़ती सूची में अब एक और नाम जुड़ गया है।
पिकनिक की खुशियां मातम में बदलीं
मृतक की पहचान तारापुर थाना क्षेत्र के सोनडीहा राजगुरु नवटोलिया के रहने वाले करण कुमार के रूप में हुई है। उसके साथियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आठ दोस्तों का यह समूह पिकनिक मनाने के खास मकसद से मधुबन दरियापुर इलाके में स्थित दामनकोल झरने पर पहुंचा था। उसके दोस्त सौरभ कुमार ने बताया कि दिन काफी अच्छा गुजर रहा था। समूह के कुछ सदस्य खाना पकाने में व्यस्त थे, जबकि अन्य लोग बहते पानी में नहाने का आनंद ले रहे थे। भोजन करने के बाद, सभी दोस्तों ने फिर से पानी में उतरने का फैसला किया। इसी दौरान करण एक अलग तस्वीर लेने के लिए बाकी लोगों से अलग हो गया। वह सेल्फी लेने के लिए झरने के एक ऊंचे और फिसलन भरे हिस्से पर चढ़ गया। तभी अचानक उस खतरनाक जगह से उसका पैर फिसल गया और वह सीधे नीचे मौजूद गहरे कुंड में गिर गया।
बचाव का हताश प्रयास
करण को इतनी ऊंचाई से पानी में गिरता देख उसके दोस्तों के होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत उसे बचाने की पूरी कोशिश की। हालांकि, पानी की गहराई और अचानक हुए इस हादसे के कारण उनके सारे प्रयास विफल रहे और वह गहरे कुंड में डूब गया। इसके तुरंत बाद प्रशासन को सूचना दी गई, जिसके बाद खड़गपुर थाना पुलिस की एक टीम तेजी से मौके पर पहुंची। स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर, पुलिस अधिकारियों ने पानी के भीतर एक लंबा और थका देने वाला तलाशी अभियान चलाया। काफी कड़ी मेहनत के बाद आखिरकार वे युवक के शव को पानी से बाहर निकालने में सफल रहे। अधिकारियों को पूरी आशंका है कि नीचे गिरने के दौरान करण का सिर एक बड़े पत्थर से टकरा गया था। इस जोरदार टक्कर की वजह से शायद वह बेहोश हो गया, जिससे वह खुद को बचाने के लिए तैर नहीं सका। इसके अलावा, जांच के दौरान उसके शरीर पर कई जगहों पर चोट के गहरे निशान भी पाए गए, जो चट्टानों से टकराने की बात को सही साबित करते हैं।
अस्पताल में जांच और पुलिस की कार्रवाई
युवक को पानी से बाहर निकालने के तुरंत बाद, उसकी जान बचाने की आखिरी उम्मीद में पुलिस उसे खड़गपुर के नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंची। लेकिन, वहां जांच करने के बाद ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसकी मौत की पुष्टि होते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। आगे की कानूनी प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी देते हुए, थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए मुंगेर सदर अस्पताल भेज दिया गया है। वहां गहन जांच की जाएगी ताकि मौत के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके और शरीर पर मौजूद चोटों को आधिकारिक तौर पर दर्ज किया जा सके।
अचानक हुई मौत से परिवार सदमे में
इस दुखद घटना की खबर जैसे ही करण के परिवार तक पहुंची, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। दो भाइयों में सबसे बड़े होने के नाते, करण की अचानक मौत ने परिवार में एक बहुत बड़ा खालीपन छोड़ दिया है। इस भयानक खबर को सुनकर रोते-बिलखते परिजन फौरन अस्पताल पहुंचे, जहां उनके विलाप से माहौल बेहद गमगीन हो गया। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि करण इस जगह से पहले से वाकिफ था। वह कुछ ही हफ्ते पहले बाइस जून को भी दामनकोल झरना घूमने आया था और उस यात्रा की शानदार तस्वीरें अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा भी की थीं। शायद अपनी पिछली सुरक्षित यात्रा के कारण उसे इन चट्टानी रास्तों के खतरों का सही अंदाजा नहीं रहा।
पर्यटकों के लिए एक सख्त चेतावनी
मुंगेर में हुआ यह दिल दहला देने वाला हादसा एक बार फिर यह साबित करता है कि लापरवाही से तस्वीरें खींचने के कितने गंभीर परिणाम हो सकते हैं। देश भर में, सोशल मीडिया के लिए बेहतरीन तस्वीर पाने के जुनून ने कई लोगों की जान ली है। पर्यटक अक्सर सुरक्षा के सभी नियमों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसके कारण वे खड़ी चट्टानों से गिर जाते हैं या तेज बहाव वाली नदियों में बह जाते हैं। प्रशासन और स्थानीय लोग लगातार पर्यटकों से अपील कर रहे हैं कि वे ऐसे प्राकृतिक स्थलों पर जाते समय अत्यधिक सावधानी बरतें। एक तस्वीर का पल भर का रोमांच किसी की जान से बढ़कर नहीं हो सकता, इसलिए लोगों को आभासी दुनिया की वाहवाही से ज्यादा अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।




















