पाली शहर के नया बस स्टैंड इलाके में बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब जोधपुर की तरफ से आ रही एक निजी बस तेज रफ्तार में आगे चल रहे किसी वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश में पूरी तरह बेकाबू हो गई। बस सड़क किनारे बनी सुरक्षा दीवार को तोड़ते हुए सीधे बांडी नदी की रपट पर जा गिरी। इस भीषण दुर्घटना में बस में सवार करीब एक दर्जन यात्री घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से तुरंत शहर के सरकारी बांगड़ अस्पताल पहुंचाया गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई, वरना नतीजा कहीं ज्यादा गंभीर हो सकता था।
ओवरटेक की हड़बड़ी में गंवाया नियंत्रण
पुलिस को मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक यह बस जोधपुर से सवारियां लेकर पाली के बस स्टैंड की ओर आ रही थी। यह मार्ग शहर के व्यस्ततम रास्तों में गिना जाता है, जहां से रोजाना कई निजी और सरकारी बसें गुजरती हैं, इसलिए यहां ओवरटेक करना आम लेकिन जोखिम भरा माना जाता है। नया बस स्टैंड के करीब पहुंचते ही चालक ने आगे चल रहे किसी अन्य वाहन को पीछे छोड़ने की जल्दबाजी में ओवरटेक करने की कोशिश की। इसी दौरान तेज रफ्तार और गलत तरीके से लिए गए इस फैसले ने बस को पूरी तरह बेकाबू कर दिया, और वाहन सड़क किनारे की सुरक्षा दीवार को तोड़ते हुए बांडी नदी की रपट से नीचे जा गिरा। रपट यानी नदी पर बना वह निचला और सपाट पुल जहां से आमतौर पर वाहन आसानी से गुजर जाते हैं, लेकिन दीवार तोड़कर सीधे उस पर गिरने से बस को भारी नुकसान पहुंचा।
चीख-पुकार के बीच स्थानीय लोगों ने संभाला मोर्चा
बस के रपट में गिरते ही अंदर बैठे यात्रियों में हड़कंप मच गया और चीख-पुकार शुरू हो गई। तेज आवाज सुनकर आसपास मौजूद दुकानदार और राहगीर बिना देर किए मौके की ओर दौड़ पड़े। किसी ने पल भर की देरी किए बगैर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया और बस की खिड़कियों तथा दरवाजों को तोड़कर अंदर फंसे यात्रियों को एक-एक कर बाहर निकालना शुरू किया। अचानक लगे इस तेज झटके से कई यात्री बुरी तरह सहम गए थे और कुछ देर तक बस के भीतर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा, लेकिन स्थानीय लोगों की फुर्ती और सूझबूझ की वजह से समय रहते सभी फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
बांगड़ अस्पताल में घायलों का इलाज जारी
हादसे की खबर मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और स्थिति का जायजा लेने के बाद एम्बुलेंस की मदद से सभी घायलों को राजकीय बांगड़ अस्पताल भिजवाया। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों की टीम फिलहाल घायलों का उपचार कर रही है। चिकित्सकों के मुताबिक घायल हुए करीब एक दर्जन यात्रियों में से ज्यादातर को हाथ-पैर और सिर पर चोटें आई हैं, हालांकि राहत की बात यह है कि सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। हादसे की खबर फैलते ही घायलों के परिजन भी बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचने लगे और वार्ड के बाहर उनकी भीड़ जुट गई।
क्रेन से निकाली गई बस, चालक पर मामला दर्ज
घटनास्थल का मुआयना करने के बाद कोतवाल और उनकी टीम ने क्षतिग्रस्त बस को क्रेन की मदद से नदी की रपट से बाहर निकलवाने का काम शुरू करवाया, ताकि इस रास्ते पर आवागमन जल्द से जल्द सामान्य हो सके। पुलिस ने बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी लापरवाही के सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती पड़ताल में ओवरस्पीड और गलत ढंग से ओवरटेक करने की बात प्रमुखता से सामने आ रही है। इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कहीं बस में कोई तकनीकी खराबी तो नहीं थी, या पूरा मामला पूरी तरह चालक की लापरवाही का ही नतीजा था। इस हादसे के बाद शहर के मुख्य मार्गों और बस स्टैंड के आसपास तेज रफ्तार से वाहन चलाने वाले चालकों पर नकेल कसने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है, ताकि आगे इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।



















