बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में उत्पाद विभाग ने अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ एक बड़ी और सफल कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अभियान के दौरान पुलिस और उत्पाद विभाग की टीमों ने नकली शराब बनाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक महिला तस्कर भी शामिल है। लगातार मिल रही गुप्त सूचनाओं के आधार पर की गई इन छापेमारी में भारी मात्रा में अवैध सामग्री और प्रतिबंधित शराब हाथ लगी है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
कांटी और सरैया समेत कई इलाकों में छापेमारी
उत्पाद विभाग की टीमों ने जिले के अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ कई जगहों पर दबिश दी। पहली बड़ी कार्रवाई कांटी थाना क्षेत्र के वीरपुर गांव में अंजाम दी गई। यहां इंस्पेक्टर प्रकाश कुमार और सब-इंस्पेक्टर अभिमन्यु सिंह के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर शत्रुघ्न महतो को धर दबोचा। तलाशी के दौरान उसके घर के पास बने भूसा घर में चार बड़े ड्रमों के अंदर छिपाकर रखी गई 800 लीटर स्पिरिट और पानी के कई जार बरामद किए गए। पूछताछ और शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि यह आरोपी पश्चिम बंगाल और अन्य पड़ोसी राज्यों से स्पिरिट मंगाकर स्थानीय स्तर पर नकली शराब बनाने का धंधा चलाता था।
किराना दुकान की आड़ में चल रहा था अवैध धंधा
दूसरी ओर, सरैया थाना क्षेत्र के अबूचक इलाके में एक और सनसनीखेज मामला सामने आया, जहां शातिर तस्करों द्वारा एक सामान्य किराना दुकान की आड़ में अवैध शराब का काला कारोबार चलाया जा रहा था। उत्पाद विभाग की टीम ने इस दुकान के संचालक मो. मुस्तकीम को मौके से गिरफ्तार कर लिया। दुकान की गहन तलाशी ली गई तो उत्तर प्रदेश में बनी अंग्रेजी शराब के कुल 35 कार्टन और इसके अलावा 80 खुली बोतलें बरामद हुईं, जिनका इस्तेमाल अवैध बिक्री के लिए किया जा रहा था।
रामदयालु नगर में बस से पकड़ी गई महिला तस्कर
तीसरी कार्रवाई रामदयालु नगर क्षेत्र में की गई, जहां अधिकारियों को एक बस से सफर कर रही महिला यात्री पर संदेह हुआ। जब अधिकारियों ने उसके पास मौजूद पिट्ठू बैग की जांच की, तो उसमें से अंग्रेजी शराब की 10 बोतलें बरामद हुईं। इसके बाद उसे तुरंत मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया। उत्पाद विभाग की ओर से इन तीनों ही मामलों में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आगे की कानूनी कार्यवाही तेजी से की जा रही है। उत्पाद इंस्पेक्टर प्रकाश कुमार राम ने साफ शब्दों में कहा है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।
बिहार में शराबबंदी के बीच लगातार जारी है सख्ती
गौरतलब है कि बिहार राज्य में शराब की खरीद-फरोख्त और सेवन पर पूरी तरह से प्रतिबंध है और इसे लेकर प्रशासनिक स्तर पर भारी सख्ती बरती जाती है। इसके बावजूद अवैध कारोबार से जुड़े लोग नए-नए हथकंडे अपनाकर कानून को चकमा देने की कोशिश करते रहते हैं। इससे पहले सीतामढ़ी में एक मीट हाउस के अंदर अवैध रूप से शराब परोसी जा रही थी, जिस मामले में कार्रवाई करते हुए मैनेजर समेत कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। वहीं दूसरी तरफ, गोपालगंज जिले में भी शराब तस्करी का एक बेहद अनोखा और अजब-गजब तरीका सामने आया था, जहां तस्करों ने स्कॉर्पियो गाड़ी के इंजन, उसकी मुख्य बॉडी और स्टेपनी में गुप्त तहखाने बना रखे थे जिसे देखकर पुलिस भी हैरान रह गई थी।





















