उत्तर प्रदेश के संभल स्थित श्री कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम को जान से से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। उन्हें दो ऑडियो कॉल्स के माध्यम से यह धमकी कुलबीर सिंह सिद्धू नामक व्यक्ति द्वारा दी गई है। जांच में सामने आया है कि यह आरोपी बब्बर खालसा इंटरनेशनल नामक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन से ताल्लुक रखता है, जिसके नेटवर्क उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सहित देश के कई अन्य राज्यों में भी फैले हुए बताए जाते हैं। इस गंभीर स्थिति के सामने आने के बाद आचार्य प्रमोद कृष्णम ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की और मीडिया के सामने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी सार्वजनिक की।
आतंकी धमकी पर आचार्य प्रमोद कृष्णम का कड़ा रुख
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए आचार्य प्रमोद कृष्णम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह इन धमकियों से डरने वाले नहीं हैं और उनका कोई भी कदम रुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि वह अपना नियमित काम पूरी निष्ठा से जारी रखेंगे। चूंकि यह एक बेहद संवेदनशील मामला था, इसलिए उन्होंने इस बात को देश के सभी नागरिकों के साथ साझा करना उचित समझा। उन्होंने देश भर के करोड़ों हिंदुओं और सिख भाइयों को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदू और सिख समुदाय के बीच कोई भेद नहीं है और दोनों एक ही मां की संतान हैं। उन्होंने सिखों को हिंदुओं का शिरोमणि बताते हुए कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी महाराज हम सभी के लिए अत्यंत पूजनीय हैं।
शहादत की स्थिति में ट्रस्ट को टेकओवर करने की अपील
श्री कल्कि धाम के पीठाधीश्वर ने आगे कहा कि उनका पूरा जीवन श्री कल्कि धाम के निर्माण के लिए समर्पित है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी अनहोनी में उनकी शहादत हो जाती है, तो वह भारत सरकार से विशेष अनुरोध करते हैं कि वह आगे आकर कल्कि धाम ट्रस्ट को अपने अधिकार में ले ले और मंदिर का निर्माण कार्य पूरा कराए। उनकी यह प्रबल इच्छा और अपेक्षा है कि श्री कल्कि धाम में भगवान कल्कि के साथ-साथ भगवान महावीर, भगवान बुद्ध और गुरु गोविंद सिंह जी महाराज को भी पूरे मान-सम्मान के साथ स्थान प्राप्त हो, जैसा कि उनका मूल संकल्प रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों और गृह मंत्रालय को दी गई सूचना
घटना के विस्तार से जानकारी देते हुए आचार्य प्रमोद कृष्णम ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उन्हें लगातार अंतरराष्ट्रीय और अनट्रेसेबल नंबरों से फोन आ रहे थे, जिन्हें वे आम तौर पर उठाते नहीं थे। इस तरह की धमकी भरी कॉल्स को वह नजरअंदाज करते आए हैं क्योंकि इनसे बेवजह का मानसिक तनाव उत्पन्न होता है। हालांकि, दो-तीन दिन पहले उन्हें एक ऑडियो संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें पंजाबी भाषा में धमकियां दी गईं। कॉलर ने अपना नाम कुलबीर सिंह सिद्धू बताया था। उन्होंने इस ऑडियो रिकॉर्डिंग और संबंधित नंबर को उत्तर प्रदेश पुलिस, पंजाब पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी ईमेल के माध्यम से भेज दिया है ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
बम से उड़ाने की धमकी और देश विरोधी ताकतों का जिक्र
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने खुलासा किया कि धमकी देने वाले शख्स ने ऑडियो मैसेज के जरिए उन्हें बम से उड़ाने की धमकी दी है और यहां तक कहा है कि वे रॉकेट लॉन्चर का इस्तेमाल करके सबको खत्म कर देंगे। उनका मानना है कि कुछ देश विरोधी ताकतें देश के भीतर अस्थिरता पैदा करना चाहती हैं और इसे खालिस्तान के रूप में देखना चाहती हैं। ऐसे तत्व हिंदू और सिख समुदायों के बीच दरार डालना चाहते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐतिहासिक साक्ष्य इस बात गवाह हैं कि सिख और हिंदू मूल रूप से एक ही हैं और सिख वास्तव में हिंदू ही हैं।



















