पटना: मोकामा विधानसभा क्षेत्र से जनता दल यूनाइटेड यानी जेडीयू के विधायक अनंत सिंह ने एक बार फिर मीडिया के सामने आकर अपने तीखे बयानों से सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। पार्टी प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार के अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने और अस्पताल में भर्ती होने की खबर पर अनंत सिंह ने तंज कसते हुए इसे उनकी पुरानी आदत करार दिया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान दावा किया कि जब भी चुनाव के दौरान बूथ पर पैसे भेजने की बारी आती है, तो वह बीमार पड़ने का नाटक कर अस्पताल में भर्ती हो जाते हैं और कुछ घंटों बाद ठीक होकर बाहर आ जाते हैं।
मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं नीरज कुमार
बता दें कि जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता और एमएलसी नीरज कुमार को हाल ही में दिल का दौरा यानी हार्ट अटैक आया था, जिसके बाद उन्हें तुरंत इलाज के लिए राजधानी पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जब संवाददाताओं ने इसी घटनाक्रम को लेकर अनंत सिंह से सवाल किया, तो उन्होंने किसी भी तरह की संवेदना जताने के बजाय अपनी पुरानी बातों को दोहराया और कहा कि यह उनका रोज का नाटक है। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीतिक पार्टियों के बीच बयानबाजी का दौर एक बार फिर तेज हो गया है और विपक्षी दल भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया देने लगे हैं।
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का राजनीतिक समीकरण
मौजूदा विवाद के पीछे पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का विधान परिषद चुनाव है, जहां अनंत सिंह अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ खड़े नजर आ रहे हैं। उन्होंने जेडीयू उम्मीदवार का खुलकर विरोध करते हुए विपक्षी दल जनसुराज के प्रत्याशी डॉक्टर अनुज सिंह को अपना समर्थन देने का ऐलान किया है। अनंत सिंह इस चुनाव में डॉक्टर अनुज सिंह के पक्ष में लगातार सक्रिय प्रचार कर रहे हैं और विभिन्न सभाओं के जरिए अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर कर रहे हैं। इस अंदरूनी कलह को सुलझाने के लिए केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के कद्दावर नेता ललन सिंह ने भी पूरी कोशिश की थी, लेकिन अनंत सिंह ने अपनी जिद नहीं छोड़ी और नीरज कुमार के खिलाफ अपना अभियान जारी रखा।
आचार संहिता उल्लंघन और दर्ज मुकदमों पर प्रतिक्रिया
चुनाव प्रचार के दौरान नियमों की अनदेखी करने और आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में अनंत सिंह और जनसुराज प्रत्याशी डॉक्टर अनुज सिंह के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा गया है। बाढ़ और मोकामा थानों में कुल मिलाकर तीन एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। जब पत्रकारों ने इन मुकदमों और कानूनी कार्रवाई को लेकर अनंत सिंह से सवाल किया, तो उन्होंने बेहद बेपरवाह अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि क्या होगा, अगर एफआईआर दर्ज हो गई है तो वे अदालत से जमानत यानी बेल करवा लेंगे।
रोड शो के दौरान नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई
प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार, पटना के बाढ़ इलाके में अनंत सिंह द्वारा निकाले गए रोड शो और जन अधिकार यात्रा के लिए जिला प्रशासन ने केवल 10 गाड़ियों के इस्तेमाल की ही अनुमति दी थी। इसके बावजूद, रोड शो के दौरान निर्धारित सीमा का उल्लंघन करते हुए 15 से अधिक वाहनों और जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल किया गया, जिनके जरिए फूलों की वर्षा भी कराई गई थी। इस मामले में न केवल नेताओं पर बल्कि अनंत सिंह के एक रिश्तेदार पर भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है, जिसकी प्रशासनिक स्तर पर लगातार जांच की जा रही है।



















