मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET में कथित पेपर लीक को लेकर बिहार की राजधानी पटना में भड़का छात्रों का आक्रोश बुधवार को हिंसक हो गया। राजधानी की सड़कों पर न्याय की मांग कर रहे अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के उग्र रूप लेने और बड़े पैमाने पर हुई पुलिस वाहनों की तोड़फोड़ के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को कड़ा रुख अपनाना पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप अब तक 40 संदिग्ध उपद्रवियों को हिरासत में लिया जा चुका है। इसके अलावा, कोतवाली, गांधी मैदान और सचिवालय थानों में कुल मिलाकर 500 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
NEET अभ्यर्थियों के शांतिपूर्ण मार्च ने लिया उग्र रूप
NEET परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं और धांधली के खिलाफ बुधवार की सुबह बड़ी संख्या में परीक्षार्थी और छात्र संगठन सड़कों पर उतर आए थे। शुरुआत में यह एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन लग रहा था, जिसमें छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे थे। हालांकि, जैसे-जैसे दिन चढ़ा, भीड़ का गुस्सा बढ़ता गया। प्रदर्शनकारियों का हुजूम जब शहर के मुख्य रास्तों से गुजर रहा था, तब हालात धीरे-धीरे नियंत्रण से बाहर होने लगे। जो आंदोलन केवल नारेबाजी और बैनर-पोस्टर तक सीमित था, वह कुछ ही घंटों में एक बड़े बवाल में तब्दील हो गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
प्रतिबंधित इलाकों में घुसपैठ और लाठीचार्ज
स्थितियां तब पूरी तरह से बेकाबू हो गईं, जब उग्र भीड़ ने शहर के उन संवेदनशील और प्रतिबंधित क्षेत्रों में जबरन घुसने का प्रयास किया, जहां किसी भी प्रकार के प्रदर्शन की सख्त मनाही है। बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हुई। भीड़ ने आक्रामक रूप अख्तियार करते हुए पुलिस प्रशासन की कई गाड़ियों को निशाना बनाया और उन पर जमकर पथराव किया। इस हिंसक भीड़ को तितर-बितर करने और कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए पुलिस को मजबूरन लाठीचार्ज करना पड़ा। अचानक हुए इस बल प्रयोग से मौके पर भगदड़ मच गई, जिसके कारण कई प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ-साथ ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी भी गंभीर रूप से चोटिल हो गए।
असामाजिक तत्वों की घुसपैठ: पटना एसएसपी
इस पूरी घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए पटना के एसएसपी ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों का मूल प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन कुछ बाहरी और असामाजिक तत्वों ने इस मौके का फायदा उठाया। एसएसपी के अनुसार, इन उपद्रवियों ने जानबूझकर भीड़ में घुसपैठ की और सीधे तौर पर हिंसा भड़काने का काम किया, जिसका खामियाजा निर्दोष छात्रों को उठाना पड़ा। पुलिस फिलहाल घटनास्थल के आसपास लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और मीडिया द्वारा की गई वीडियोग्राफी को खंगाल रही है, ताकि उन चेहरों की सटीक पहचान की जा सके जिन्होंने पुलिस पर पत्थरबाजी की और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।
यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स राडार पर
हिंसा की इस घटना के बाद जांच का दायरा केवल सड़क पर मौजूद लोगों तक ही सीमित नहीं है। पुलिस इस बात की भी गहन जांच कर रही है कि क्या इस पूरे बवाल के पीछे कोई सुनियोजित साजिश थी। इसके तहत, कई प्रमुख यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स पुलिस के राडार पर आ गए हैं। प्रशासन को शक है कि इन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल भ्रामक जानकारी फैलाने, अफवाहें उड़ाने और युवाओं की भीड़ को उकसाने के लिए किया गया होगा। पुलिस अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि इस हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही डिजिटल सबूतों के आधार पर अन्य दोषियों की भी गिरफ्तारी होगी।




















