घर या कारोबार के लिए सोलर प्लांट लगवाने की सोच रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर आ रही है। सरकार जल्द ही सौर ऊर्जा से जुड़े उपकरण और सेवाओं पर लगने वाले टैक्स में कटौती करने की तैयारी में है, जिससे आने वाले महीनों में सोलर प्लांट लगवाना पहले से काफी किफायती हो सकता है।
जीएसटी परिषद की अक्टूबर बैठक में क्या होगा
खबरों के मुताबिक जीएसटी परिषद अक्टूबर में होने वाली अपनी बैठक में रिन्यूवेबल एनर्जी से जुड़े इंजीनियरिंग, सरकारी खरीद और निर्माण यानी ईपीसी कॉन्ट्रैक्ट पर बड़ी टैक्स छूट देने पर विचार कर रही है। इस प्रस्ताव के तहत मौजूदा दर में सीधे 4 फीसदी की कटौती की तैयारी बताई जा रही है। अगर परिषद इस पर मुहर लगाती है, तो सोलर प्लांट खड़ा करने में लगने वाले निर्माण और इंस्टॉलेशन खर्च में सीधी बचत होगी।
टैक्स में कटौती क्यों जरूरी मानी जा रही है
सोलर प्लांट की कुल लागत में एक बड़ा हिस्सा ईपीसी कॉन्ट्रैक्ट यानी इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण के काम का होता है, और इस पर लगने वाला टैक्स ही प्लांट को महंगा बना देता है। सरकार का मकसद नवीकरणीय एनर्जी को बढ़ावा देना है, इसलिए इस बड़े खर्चे पर टैक्स घटाकर सोलर एनर्जी की तरफ लोगों और कंपनियों को आकर्षित करने की कोशिश की जा रही है।
पहले से चल रही हैं कई सोलर योजनाएं
यह कदम ऐसे समय आ रहा है जब देश में पहले से कई सोलर योजनाएं चल रही हैं। खबरों के मुताबिक दिल्ली सरकार 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वालों को मुफ्त सोलर प्लांट देने की योजना ला चुकी है, वहीं बिहार के करीब 2 हजार घरों में भी सोलर पैनल लगाने की तैयारी चल रही है। पीएम सूर्य घर योजना के तहत भी घरों में मुफ्त सोलर पैनल लगाने का काम जारी है, और मध्य प्रदेश के उमरिया में पानी पर एक नया फ्लोटिंग सोलर प्लांट बनाया जा रहा है। जीएसटी में यह संभावित कटौती इसी बड़ी कोशिश का अगला कदम मानी जा रही है।
आम लोगों और कंपनियों को कैसे मिलेगा फायदा
अगर टैक्स में यह कटौती लागू होती है, तो घर, दुकान, फैक्ट्री या किसी भी संस्थान में सोलर प्लांट लगवाने की लागत घट जाएगी। इससे शुरुआती निवेश कम होगा और लोग जल्दी सोलर एनर्जी अपनाने के लिए तैयार होंगे, जिससे बिजली के बिल में लंबे समय में बचत होगी।



















