कर्नाटक के बेंगलुरु ग्रामीण जिले में सामाजिक कल्याण विभाग के जनसेवा कार्यक्रम में उस वक्त हंगामा मच गया जब मंच के ठीक सामने बैठी एक महिला ने अपनी शिकायतों को लेकर तीखा विरोध जताया. देवनहल्ली तालुक के विजयपुरा कस्बे में आयोजित इस कार्यक्रम में सामाजिक कल्याण मंत्री केएच मुनियप्पा मौजूद थे, तभी तस्लीमा नाम की महिला ने खुलकर नाराजगी जाहिर करते हुए कह दिया कि अगर अधिकारियों का यही रवैया रहा तो वह आने वाले चुनाव में कांग्रेस पार्टी को अपना वोट नहीं देगी. कार्यक्रम का मकसद लोगों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना था, लेकिन महिला के इस विरोध ने पूरे आयोजन की पोल खोल दी.
सुबह से इंतजार, फिर फूटा गुस्सा
तस्लीमा का कहना था कि वह सुबह से ही अपनी समस्या लेकर कार्यक्रम स्थल पर मौजूद थी, लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी किसी अधिकारी ने उसकी बात सुनने की जहमत नहीं उठाई. जब उसका नंबर नहीं आया और सामने सिर्फ चुनिंदा लोगों को ही मंच पर बुलाया जाने लगा, तो उसका सब्र जवाब दे गया. गुस्से में उसने अपना भरा हुआ आवेदन फॉर्म वहीं फाड़ डाला और अधिकारियों के साथ ही सरकार के खिलाफ भी खुलकर नाराजगी जताई. तस्लीमा ने साफ शब्दों में कहा, "अगर अधिकारी इसी तरह परेशान करते रहे तो मैं अगली बार कांग्रेस को वोट नहीं दूंगी."
जाति प्रमाण पत्र और राशन कार्ड को लेकर शिकायत
तस्लीमा के मुताबिक उसे जाति प्रमाण पत्र और राशन कार्ड बनवाने के लिए आवेदन करना था, लेकिन अधिकारी बार-बार उसका आवेदन लौटा रहे थे. उसका कहना था कि उसके पास आधार कार्ड और वोटर आईडी के अलावा कोई और दस्तावेज मौजूद नहीं है, फिर भी अधिकारी उसका आवेदन स्वीकार करने से इनकार कर रहे थे. महिला का आरोप था कि सुनवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही थी और आम लोगों की परेशानी की किसी को परवाह नहीं थी.
कार्यक्रम का मकसद ही रह गया अधूरा
सामाजिक कल्याण विभाग ने यह जनसेवा कार्यक्रम इसलिए आयोजित किया था ताकि लोगों की शिकायतों का मौके पर ही निपटारा हो सके और उन्हें सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें. लेकिन तस्लीमा की नाराजगी ने पूरी व्यवस्था पर ही सवाल खड़े कर दिए. उसका कहना था कि जब कार्यक्रम जनता की समस्याएं सुनने के लिए रखा गया है तो अधिकारियों को हर व्यक्ति की बात सुननी चाहिए थी, न कि सिर्फ कुछ चुनिंदा लोगों को मंच पर बुलाकर औपचारिकता निभानी चाहिए थी.
विधायक धीरज मुनिराज ने भी जताई नाराजगी
डोड्डाबल्लापुर के विधायक धीरज मुनिराज ने भी इस मामले में अधिकारियों को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की जानकारी जनता को पर्याप्त रूप से नहीं दी गई, जिसकी वजह से लोगों को असुविधा हुई. उन्होंने तालुक प्रशासन के कामकाज पर सवाल उठाते हुए मंच से ही तालुक मजिस्ट्रेट की आलोचना कर दी. विधायक ने कहा कि जब तक जनता की राय और भागीदारी शामिल नहीं होगी, तब तक ऐसे कार्यक्रमों का असली मकसद पूरा नहीं हो सकता. उन्होंने यह भी जोड़ा कि जनसेवा कार्यक्रम में जनता की मौजूदगी और उनकी समस्याएं ही सबसे ज्यादा अहमियत रखनी चाहिए, न कि सिर्फ कागजी खानापूर्ति. विधायक ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को ऐसी पहल शुरू करने के लिए बधाई भी दी और कहा कि इस तरह के आयोजन सरकारी योजनाओं को सीधे जनता तक पहुंचाने में मददगार साबित हो सकते हैं.
हाईवे पर बाइक में लगी आग, कुछ देर रहा हड़कंप
इस घटना से अलग, होसकोटे तालुक के चिक्कनहल्ली गेट के पास एनएच-75 पर एक और वाकया सामने आया जब चलती मोटरसाइकिल में अचानक आग लग गई. यह बाइक बेंगलुरु से विशाखापत्तनम की तरफ जा रही थी. जानकारी के मुताबिक तकनीकी खराबी के चलते आग लगी और देखते ही देखते बाइक पूरी तरह लपटों की चपेट में आ गई. इस घटना के बाद हाईवे पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और वाहन चालकों को सतर्क होकर गुजरना पड़ा.




















