कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में एनडीए का जलवा, कांग्रेस को मात देकर भाजपा उम्मीदवार एस.वी. संकानूर जीतेसूर्य की राशि में मंगल का प्रवेश, नवंबर में 4 राशियों को करियर और धन में बड़ा लाभरामलीला मैदान की रैली पर उलझन, व्यापारियों ने राहुल गांधी के सामने रखी अजीब शर्तथेनी जेल ब्रेक के बाद तमिलनाडु का बड़ा फैसला, भागने की कोशिश पर कैदियों को गोली मारने के आदेशइजरायल चुनाव में एग्जिट पोल से त्रिशंकु संसद के संकेत, नेतन्याहू और ईसेनकोट दोनों ने किया जीत का दावापटना स्नातक सीट पर जदयू प्रत्याशी नीरज की जीत, निष्कासित विधायक अनंत ने स्वीकारी पराजयबूंदी के ठिकरदा गाँव में दीपोत्सव की रौनक, मिट्टी के दीये गढ़ रहा कुम्हार समाजरांची की मनीषा ने महामारी के दौर में शुरू किया कॉटन का कारोबार, आज 25 से ज्यादा उत्पादों की है धूमराजनाथ सिंह ने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से की मुलाकात, रक्षा सहयोग और टेक्नोलॉजी पर हुई चर्चाराजनीति की दीवारें हुईं पार, भाजपा के शाहनवाज हुसैन और कांग्रेस के अकरम खान बने समधी
पटना स्नातक सीट पर जदयू प्रत्याशी नीरज की जीत, निष्कासित विधायक अनंत ने स्वीकारी पराजयबिहार
28 अक्तू॰ 2026, 9:32 am (1 घंटे पहले)· 5

पटना स्नातक सीट पर जदयू प्रत्याशी नीरज की जीत, निष्कासित विधायक अनंत ने स्वीकारी पराजय

बिहार विधान परिषद के पटना स्नातक चुनाव में जदयू के नीरज कुमार ने जीत दर्ज की है, जिसके बाद निष्कासित विधायक अनंत सिंह ने अपनी हार स्वीकार करते हुए नीरज को बधाई देने से साफ इनकार कर दिया।

बिहार विधान परिषद चुनाव में पटना स्नातक सीट के चुनावी मुकाबले में जनता दल यूनाइटेड के प्रत्याशी नीरज कुमार ने बाजी मार ली है। हालांकि इस जीत की आधिकारिक औपचारिक घोषणा होना अभी शेष है, लेकिन नतीजों की तस्वीर साफ होते ही दोनों पक्षों की तरफ से तीखी सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है। चुनावी सफलता के बाद नीरज कुमार ने इस जीत का श्रेय कार्यकर्ताओं की जमीनी मेहनत को दिया, साथ ही अपनी पार्टी के मुखिया नीतीश कुमार और निशांत कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया।

जमानत और बाहुबल पर तीखा सियासी वार

चुनावी मैदान में सफलता हासिल करने के तुरंत बाद नीरज कुमार ने जदयू से निष्कासित विधायक अनंत सिंह के बयानों पर पलटवार किया। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जो व्यक्ति खुद जमानत पर बाहर है, वह दूसरों की जमानत जब्त कराने की बातें कर रहा था। अपने प्रतिद्वंद्वी के अंदाज में चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि मिठाई ले जाओ। इसके साथ ही उन्होंने तंज कसा कि विरोधियों द्वारा तैयार कराई गई मिठाइयों में नमक था।

ये भी पढ़ें

अपनी पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए नीरज कुमार ने कहा कि एक इंसान को ईर्ष्या का पात्र बनना चाहिए, दया का नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे एक साधारण और गरीब परिवार में पैदा हुए हैं। उनके पास न तो अकूत धनबल है और न ही बाहुबल, लेकिन निष्ठावान कार्यकर्ताओं की ताकत के मामले में उनका मुकाबला कोई दूसरा नहीं कर सकता।

कम समय मिलने को बताया हार की वजह

चुनावी परिणाम स्पष्ट होने के पश्चात निष्कासित विधायक अनंत सिंह ने अपनी पराजय स्वीकार कर ली। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता ही असली मालिक और भगवान स्वरूप होती है, इसलिए उनका निर्णय सर्वोपरि है। चुनावी राजनीति में जय और पराजय का सिलसिला चलता रहता है। उन्होंने अपनी हार का मुख्य कारण बताते हुए कहा कि उन्हें मतदाताओं के नाम जुड़वाने और वोट बनवाने के लिए पर्याप्त वक्त नहीं मिल सका, जिसके चलते यह नतीजा सामने आया।

अनंत सिंह ने यह भी साफ किया कि पूरे बिहार की जनता उनसे स्नेह करती है और वे पार्टी का आदर करते हैं तथा भविष्य में भी करते रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी किसी भी तरह की नाराजगी अपनी पार्टी से बिल्कुल नहीं है, बल्कि उनका व्यक्तिगत विरोध केवल नीरज कुमार से है। इसी वजह से उन्होंने यह साफ कर दिया कि वे नीरज कुमार को इस जीत की कोई बधाई नहीं देंगे।

सवाल-जवाब

पटना स्नातक विधान परिषद सीट पर किसकी जीत हुई है?
इस सीट पर जनता दल यूनाइटेड के प्रत्याशी नीरज कुमार ने जीत हासिल की है।
नीरज कुमार ने अपनी जीत का श्रेय किसे दिया है?
नीरज कुमार ने अपनी जीत का श्रेय पार्टी कार्यकर्ताओं को दिया और नीतीश कुमार व निशांत कुमार का धन्यवाद किया।
अनंत सिंह ने अपनी हार का मुख्य कारण क्या बताया?
अनंत सिंह ने कहा कि उन्हें वोट बनवाने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला, जिसके कारण उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
क्या अनंत सिंह की जदयू पार्टी से कोई नाराजगी है?
अनंत सिंह ने स्पष्ट किया कि उन्हें पार्टी से कोई नाराजगी नहीं है और वे पार्टी का सम्मान करते हैं, उनकी नाराजगी केवल नीरज कुमार से है।
नीरज कुमार को बधाई देने पर अनंत सिंह ने क्या कहा?
अनंत सिंह ने साफ तौर पर कहा कि वे अपनी हार स्वीकार करते हैं लेकिन नीरज कुमार को बधाई नहीं देंगे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Priya Sharma@priya-sharma·15 मिनट पहले

राजनीति में हार के बाद बधाई न देने की यह जिद भी अजीब है। अनंत सिंह ने भले ही हार मान ली, पर व्यक्तिगत खुन्नस इतनी गहरी क्यों है? क्या सच में सिर्फ समय की कमी ही वजह थी या कुछ और?

Arjun Mehta@arjun-mehta·35 मिनट पहले

हार के लिए सिर्फ वक्त की कमी का बहाना बनाना थोड़ा अजीब लगा, मैदान में तो सब अपनी तैयारी से ही उतरते हैं।

Ravikash Gupta@ravikash·35 मिनट पहले

अर्जुन जी, बात तो सही है, लेकिन अनंत सिंह ने जिस तरह हार के बाद भी बधाई देने से मना किया, उससे साफ है कि सियासी दुश्मनी अभी खत्म नहीं हुई।

Karan Malhotra@karan-malhotra·44 मिनट पहले

जमानत पर बाहर रहने वाले और बाहुबलियों की राजनीति करने वालों को जनता ऐसा ही सबक सिखाती है।

Rohan Verma@rohan-verma·43 मिनट पहले

करण भाई, बिल्कुल सही कहा आपने। पिछली बार जब मैं पटना गया था, तो वहां के एक चाय वाले ने भी यही बात कही थी कि बाहुबलियों का दौर अब सचमुच खत्म हो रहा है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp