अमेरिकी डॉलर की मजबूती से टूटा यूरो, तकनीकी स्तर पर 1.1113 का अहम सपोर्ट क्षेत्र बेहद संवेदनशीलजीमेल और ड्राइव के डेटा से गूगल दिखा रहा विज्ञापन, ऐसे रोकेंचक्रवाती तूफान अर्नब की आहट से सहमा रेल यातायात, 6 राज्यों में दर्जनों एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनें रद्दसर्दियों में गैस संकट गहराने का जोखिम, यूरोप में कीमतें ऊंचे स्तर पर टिके रहने का अनुमानकरवा चौथ पर चंद्रदेव को जल चढ़ाते समय जरूर करें इन प्रभावशाली मंत्रों का जाप, मिलेगा अखंड सौभाग्य का वरदानमंगल की कक्षा में दशकों से डटे नासा के ओडिसी और MRO ऑर्बिटर, जानिए कैसे काम कर रही इनकी तकनीक और क्या है आगे का भविष्यवैश्विक तकनीक और AI क्रांति का नेतृत्व करे भारत, ESTIC 2026 में बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीअमेरिका में 'सॉवरेन बेबी' ट्रेंड का बढ़ता क्रेज, सरकारी कागजातों के बिना बच्चों को पालने के दावे और इसके गहरे कानूनी खतरेएजिस लॉजिस्टिक्स के शेयरों में 340 प्रतिशत का उछाल, मजबूत नतीजों और ब्रेकआउट के बाद ब्रोकरेज ने दिया नया टारगेटराजधानी में मोबाइल ऐप से शराब की एडवांस बुकिंग शुरू, 48 घंटे में काउंटर से खुद उठानी होंगी बोतलें
बिहार में सूखे नशे के बढ़ते जाल पर सम्राट चौधरी की चिंता, बोले- शराबबंदी के बाद तलाश रहे दूसरे रास्तेबिहार
27 अक्तू॰ 2026, 7:08 pm (7 घंटे पहले)· 1

बिहार में सूखे नशे के बढ़ते जाल पर सम्राट चौधरी की चिंता, बोले- शराबबंदी के बाद तलाश रहे दूसरे रास्ते

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में तेजी से फैल रहे सूखे नशे के कारोबार पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के लागू होने के बाद लोग इसके वैकल्पिक रास्ते ढूंढ रहे हैं, जिसके खिलाफ अब एक बड़ा अभियान चलाना होगा।

बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में पैर पसार रहे सूखे नशे के बढ़ते मामलों को लेकर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की है। एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि जब से सूबे में शराबबंदी की गई है, तब से नशा करने वाले लोग और अवैध कारोबार से जुड़े लोग इसके विकल्प के रूप में अन्य नशीले पदार्थों की तलाश करने लगे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरकार अब इसके खिलाफ एक व्यापक अभियान शुरू करने जा रही है, ताकि युवाओं और समाज को इस दलदल से बचाया जा सके।

नशामुक्त बिहार अभियान 2026 की शुरुआत

इस समस्या से निपटने के उद्देश्य से मंगलवार को सम्राट चौधरी ने नशामुक्त बिहार के संकल्प को जन-जन तक पहुँचाने के लिए नशामुक्त बिहार अभियान 2026 का आधिकारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य में विभिन्न एजेंसियों द्वारा हाल के वर्षों में पकड़े गए नशीले पदार्थों के आधिकारिक आंकड़े भी सार्वजनिक किए। इन आंकड़ों से साफ पता चलता है कि किस प्रकार से राज्य में प्रतिबंधित और मादक पदार्थों की तस्करी और खपत में लगातार उछाल आ रहा है, जो प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

ये भी पढ़ें

बरामदगी के चौंकाने वाले आंकड़े

कार्यक्रम के दौरान साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, बिहार में साल 2024 के दौरान कुल 282 किलोग्राम चरस जब्त की गई थी, जो अगले साल यानी 2025 में बढ़कर सीधे 400 किलोग्राम तक पहुँच गई। इसी तरह, जब्त की गई हेरोइन की मात्रा भी 42 किलोग्राम से बढ़कर 65 किलोग्राम हो गई। इसके अलावा, अफीम की जब्ती में सबसे बड़ी छलांग देखने को मिली है, जहाँ यह आंकड़ा महज 10 किलोग्राम से बढ़कर उछलकर 77 किलोग्राम तक पहुँच गया। इन बढ़ते आंकड़ों ने यह साबित कर दिया है कि तस्कर लगातार अपनी जड़ें मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।

निशाने पर हैं ये खास जिले

राज्य में नशे के इस कारोबार पर नकेल कसने के लिए प्रशासन ने खास रणनीति तैयार की है। सम्राट चौधरी ने जानकारी दी कि सरकार ने कुल 8 जिलों की पहचान की है जहाँ सूखे नशे का प्रभाव सबसे अधिक है। इनमें से कुछ जिले दूसरे राज्यों या अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से सटे हुए सीमावर्ती जिले हैं, जबकि विशेष रूप से पटना, वैशाली, आरा और समस्तीपुर जैसे इलाकों को इस विशेष अभियान के तहत मुख्य रूप से टारगेट किया गया है, जहाँ पुलिस और प्रशासन मिलकर कड़ी कार्रवाई करेंगे।

सवाल-जवाब

बिहार में 'नशामुक्त बिहार अभियान 2026' की शुरुआत किसने की?
इस अभियान की शुरुआत बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की है।
वर्ष 2024 से 2025 के बीच चरस की जब्ती में कितनी बढ़ोतरी हुई?
वर्ष 2024 में जब्त की गई 282 किलोग्राम चरस बढ़कर 2025 में 400 किलोग्राम हो गई।
बिहार में हेरोइन की जब्ती का आंकड़ा कितना दर्ज किया गया?
जब्त की गई हेरोइन की मात्रा 42 किलोग्राम से बढ़कर 65 किलोग्राम हो गई है।
अफीम की जब्ती में कितना इजाफा देखने को मिला?
अफीम का जब्त आंकड़ा 10 किलोग्राम से बढ़कर 77 किलोग्राम पर पहुँच गया है।
सरकार ने सूखे नशे के खिलाफ किन प्रमुख जिलों को टारगेट किया है?
सरकार ने पटना, वैशाली, आरा और समस्तीपुर समेत कुल 8 जिलों की पहचान कर उन्हें टारगेट किया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp