बिहार की राजनीति में उस वक्त एक नया मोड़ आ गया जब शासन व्यवस्था का हिस्सा रहे एक जिम्मेदार मंत्री ने ही अपनी सरकार की व्यवस्थाओं पर सवालिया निशान लगा दिए। राज्य में गरीबों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी पीडीएस के माध्यम से मिलने वाले खाद्यान्न की गुणवत्ता को लेकर तीखा असंतोष जताया गया है। मंत्री लखेंद्र पासवान ने खुले तौर पर कहा कि राशन में मिलने वाला चावल बेहद घटिया स्तर का है और इसे कोई सामान्य इंसान तो क्या, कबूतर भी नहीं खा सकता है। इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ा हुआ एक वीडियो भी सार्वजनिक तौर पर सामने आया है, जिसमें इस तीखी प्रतिक्रिया को रिकॉर्ड किया गया है।
समारोह में मौजूद थे कई अन्य वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी
हैरानी की बात यह रही कि जब चावल की गुणवत्ता को लेकर यह बड़ा बयान सामने आया, उस समय मंच पर और आसपास कई अन्य प्रमुख विभाग के मंत्री और अधिकारी भी मौजूद थे। इस मौके पर खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंत्री अशोक चौधरी के साथ-साथ पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश भी वहां उपस्थित थे। इसके अलावा संबंधित विभाग के कई वरीय अधिकारी भी इस पूरी स्थिति के गवाह बने। इस तरह के बयानों ने प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है और राशन वितरण व्यवस्था की निगरानी पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।
























