कानपुर के ग्रामीण इलाके में एक बाग की मिल्कियत और उस पर खेती शुरू करने को लेकर उठा विवाद अचानक हिंसक टकराव में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच शुरू हुई तीखी तकरार देखते ही देखते लाठी-डंडों और हाथापाई तक जा पहुंची, जिसके बाद लाइसेंसी हथियार से कई राउंड गोलियां दागी गईं। बंदूक से छूटे छर्रों की चपेट में आने से तीन लोगों के पैर छलनी हो गए, जबकि एक अन्य व्यक्ति संघर्ष के दौरान गंभीर रूप से चोटिल हुआ है। सरेआम हुई इस गोलीबारी से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार चल रहा है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
नए खरीदे गए बाग में जुताई करने पहुंचे थे ग्रामीण
यह पूरा खूनी संघर्ष कानपुर जनपद के बिधनू थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उजागर गांव में बुधवार दोपहर को पेश आया। विवाद के केंद्र में एक बाग की जमीन है, जिसे एक पक्ष ने लगभग 15 दिन पहले ही खरीदा था। बुधवार के दिन इस नई जमीन पर खेती का काम शुरू करने और खेत की जुताई करने के इरादे से खरीदार पक्ष के लोग ट्रैक्टर और कृषि उपकरण लेकर पहुंचे थे। जैसे ही उन्होंने जमीन जोतना शुरू किया, दूसरे पक्ष के लोगों ने वहां पहुंचकर कड़ा ऐतराज जताया और काम तुरंत रोकने का दबाव बनाने लगे।
खेती के अधिकार को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले काफी देर तक जुबानी बहस चलती रही। देखते ही देखते दोनों ओर से तनाव भड़क गया और लोग आपस में उलझ पड़े। दोनों तरफ से मारपीट शुरू हो गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दोनों पक्षों के अड़ियल रुख के कारण बातचीत का रास्ता बंद हो गया और खेत जंग के मैदान में तब्दील हो गया।
12 बोर की लाइसेंसी बंदूक से चलाई गईं कई गोलियां
मारपीट के दौरान ही दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति ने अपना आपा खो दिया और घर से अपनी 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक निकाल लाया। उसने सामने खड़े लोगों को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ कई राउंड फायरिंग कर दी। अचानक हुए धमाकों की आवाज से पूरा गांव दहल उठा। फायरिंग के दौरान बंदूक की नाल से निकले छर्रे सीधे तीन ग्रामीणों के पैरों में जा धंसे, जिससे वे लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। वहीं, चौथे व्यक्ति को भी संघर्ष के दौरान अंदरूनी और बाहरी चोटें आईं।
गोलीबारी की सूचना मिलते ही बिधनू थाने की पुलिस तुरंत हरकत में आई और भारी बल के साथ उजागर गांव पहुंची। पुलिस कर्मियों ने खून से लथपथ पड़े घायलों को संभाला और आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों की निगरानी में चौथे व्यक्ति की चोट की प्रकृति की भी गहन जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उसे भी छर्रे लगे हैं या वह मारपीट में जख्मी हुआ है। डॉक्टरों के अनुसार, सभी चारों घायलों की हालत स्थिर है और किसी की जान को कोई खतरा नहीं है।
मुख्य हमलावर हथियार सहित गिरफ्तार, कानूनी प्रक्रिया शुरू
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने इलाके की घेराबंदी करते हुए फायरिंग करने वाले मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक भी अपने कब्जे में ले ली है। घाटमपुर के एसीपी कृष्णकांत ने बताया कि पुलिस दोनों पक्षों से जुड़े लोगों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर रही है।
शुरुआती पड़ताल में यह तथ्य पुख्ता हुआ है कि विवादित बाग की रजिस्ट्री या खरीद-फरोख्त महज 15 दिन पहले ही अंजाम दी गई थी। अब तक की जांच में इस टुकड़े को लेकर किसी बहुत पुराने पारिवारिक या जमीनी विवाद की बात सामने नहीं आई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़ितों की तरफ से लिखित तहरीर मिलने का इंतजार किया जा रहा है। औपचारिक शिकायत दर्ज होते ही सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की दंडात्मक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल पूरी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।
























