डेटिंग की दुनिया में पसीने और महक का अजीब ट्रेंड, जानिए क्यों पसंद आ रही है यह गंधबगहा में गंडक बराज से फिर निकला शव, नेपाल त्रासदी से जुड़ा आंकड़ा 15 तक पहुंचाएचएसबीसी की रिपोर्ट: एआई की तेजी और आय पर निवेशकों का फोकसआईसीसी सेमिनार में भारत-पाकिस्तान द्विपक्षीय सीरीज पर चर्चा की उम्मीद, पीसीबी ने रखा यह प्रस्तावमोहसिन नकवी के फिर से ट्रॉफी देने की चर्चा, भारत और पाकिस्तान के बीच बन सकता है नया विवादमिर्जापुर द मूवी और हनुमान अंश का बॉक्स ऑफिस पर धमाल, फिल्मों ने की ताबड़तोड़ कमाईजयपुर के एलिमेंट मॉल में युवक ने 7वीं मंजिल से कूदकर दी जान, बनीपार्क का निजी स्कूल चलाता था अभिनव राजनशरा संधू की घातक गेंदबाजी के दम पर पाकिस्तान ने एशिया कप के सेमीफाइनल में बनाई जगहपसूरी ने रचा इतिहास, 100 करोड़ व्यूज पाने वाला पहला पाकिस्तानी गाना बनाजैकलीन फर्नांडिस पर मकोका के तहत केस दर्ज करने की मांग, दिल्ली पुलिस को अदालत का नोटिस
बिहार के मुजफ्फरपुर में पकड़ा गया राजस्थान नंबर का कंटेनर, छिपाकर लाई गई पंजाब की शराब और दो गिरफ्तारबिहार
8 सित॰ 2026, 12:03 am (59 मिनट पहले)· 2

बिहार के मुजफ्फरपुर में पकड़ा गया राजस्थान नंबर का कंटेनर, छिपाकर लाई गई पंजाब की शराब और दो गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर में उत्पाद विभाग ने मैथी टोल प्लाजा के पास कार्रवाई करते हुए राजस्थान नंबर के कंटेनर से पंजाब निर्मित 375 कार्टन अवैध शराब बरामद की है। इस दौरान हरियाणा के रहने वाले चालक और कंडक्टर को भी गिरफ्तार किया गया है।

बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद अवैध शराब के कारोबार पर पूरी तरह रोक नहीं लग पा रही है। तस्कर कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए आए दिन परिवहन के नए और अनोखे हथकंडे अपनाते रहते हैं। आंकड़ों के मुताबिक, बीते 10 सालों में राज्य के भीतर 5.13 करोड़ लीटर से ज्यादा अवैध शराब जब्त की जा चुकी है और 17 लाख से अधिक लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। ताजा मामले में, उत्पाद विभाग की टीम ने मुजफ्फरपुर जिले में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। मैथी टोल प्लाजा के पास पकड़े गए एक राजस्थान रजिस्टर्ड कंटेनर से भारी मात्रा में पंजाब निर्मित शराब जब्त की गई है।

लोहे की चादर और खाली कैरेट की आड़ में खेल

तस्करों ने जांच एजेंसियों और स्कैनर मशीनों को धोखा देने के लिए इस वाहन में खास इंतजाम कर रखे थे। उत्पाद अधिकारियों की जांच में यह बात सामने आई कि कंटेनर के पिछले हिस्से के दोनों किनारों पर मोटी लोहे की चादरें वेल्ड की गई थीं। इसका मुख्य उद्देश्य यह था कि बॉर्डर पर लगाई जाने वाली हैंड स्कैनर मशीनों की पकड़ से अंदर छिपाई गई खेप बच सके। इसके अलावा, अवैध शराब के 375 कार्टनों को ऊपर से खाली कैरेटों की आड़ में छिपाकर रखा गया था। इन कार्टनों को खाली कैरेटों के नीचे एक विशेष चैंबर बनाकर इस तरह व्यवस्थित किया गया था कि वाहन के चलने पर किसी भी तरह की संदिग्ध आवाज न आए और किसी को भी शक न हो सके।

ये भी पढ़ें

टोल प्लाजा के पास संदिग्ध हालत में खड़ा था वाहन

उत्पाद विभाग को पहले ही गुप्त सूचना मिल चुकी थी कि पंजाब से भारी मात्रा में अवैध शराब की खेप उत्तर प्रदेश के रास्ते बलिया, सिवान और छपरा होते हुए मुजफ्फरपुर पहुंचने वाली है। इस पुख्ता सूचना के आधार पर एएसआई रंजन कुमार सिंह और अजीत कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने मैथी टोल प्लाजा के पास घेराबंदी की। अधिकारियों के मुताबिक, यह कंटेनर टोल प्लाजा से लगभग 100 मीटर की दूरी पर पहले से ही खड़ा था। चालक लगातार मोबाइल फोन पर किसी से बात कर रहा था और किसी स्थानीय संपर्क के आने का इंतजार कर रहा था। जब तय समय तक कोई व्यक्ति वहां नहीं पहुंचा और काफी देर तक वाहन वहीं खड़ा रहा, तो उत्पाद विभाग की टीम ने उसकी तलाशी लेने का फैसला किया।

रात में होनी थी स्थानीय तस्करों को डिलीवरी

उत्पाद इंस्पेक्टर प्रकाश कुमार राम ने जानकारी दी कि इस खेप की डिलीवरी रात के अंधेरे में स्थानीय स्तर के तस्करों को की जानी थी। चालक को स्पष्ट निर्देश मिले थे कि वह पूरे दिन कंटेनर को उसी स्थान पर खड़ा रखे। इस पूरी कार्रवाई के दौरान वाहन के चालक और कंडक्टर को मौके से ही हिरासत में ले लिया गया। पकड़े गए दोनों आरोपियों की पहचान हरियाणा के रहने वाले कुलदीप (चालक) और रामचरण (कंडक्टर) के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान कुछ स्थानीय तस्करों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की गहराई से जांच की जा रही है और उनके संभावित ठिकानों पर दबिश देने की तैयारी चल रही है।

उत्पाद अधिनियम के तहत कानूनी शिकंजा

विभाग ने गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बिहार में पिछले एक दशक में शराबबंदी कानूनों के तहत व्यापक स्तर पर जब्ती और गिरफ्तारियां हुई हैं। पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त टीमें अब इस पूरे तस्करी नेटवर्क की तह तक जाने के लिए काम कर रही हैं ताकि इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों को भी कानून के दायरे में लाया जा सके।

सवाल-जवाब

मुजफ्फरपुर में शराब की यह खेप कहाँ पकड़ी गई?
यह खेप मैथी टोल प्लाजा के पास पकड़ी गई।
कंटेनर से कुल कितने कार्टन अवैध शराब बरामद हुई?
कंटेनर से पंजाब निर्मित अवैध शराब के 375 कार्टन बरामद किए गए।
गिरफ्तार किए गए चालक और कंडक्टर कहाँ के रहने वाले हैं?
गिरफ्तार चालक कुलदीप और कंडक्टर रामचरण दोनों हरियाणा के रहने वाले हैं।
तस्करों ने शराब छिपाने के लिए क्या तरीका अपनाया था?
शराब को कंटेनर में लोहे की चादरों की आड़ और खाली कैरेटों के नीचे विशेष चैंबर बनाकर छिपाया गया था।
इस मामले में कार्रवाई किसने की?
यह कार्रवाई उत्पाद विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर की।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·26 मिनट पहले

बिहार में शराबबंदी के बीच तस्करों द्वारा पंजाब से राजस्थान नंबर के कंटेनर में स्कैनर और चेकिंग को चकमा देने के लिए लोहे की चादरें वेल्डिंग कराना और गुप्त चैंबर बनाना यह दर्शाता है कि यह संगठিত अंतर-राज्यीय गिरोह का काम है। उत्पाद विभाग और पुलिस को अब सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित न रहकर इस सिंडिकेट के उन स्थानीय मास्टरमाइंडों पर शिकंजा कसना होगा जो रात के अंधेरे में डिलीवरी लेने वाले थे। यदि वित्तीय जांच कर इनकी संपत्ति जब्त नहीं की गई, तो यह नेटवर्क नए तरीकों से सक्रिय रहेगा।

Rohan Verma@rohan-verma·26 मिनट पहले

बिहार में शराबबंदी के बीच इस तरह की अंतर-राज्यीय तस्करी यह साबित करती है कि पंजाब से लेकर उत्तर प्रदेश और बिहार तक सक्रिय अपराधियों का नेटवर्क काफी मजबूत है। जिस प्रकार से इस कंटेनर में स्कैनर को धोखा देने के लिए लोहे की चादरें वेल्ड की गईं और विशेष चैंबर बनाए गए, वह पेशेवर अपराधियों की संलिप्तता को उजागर करता है। जब तक इस सिंडिकेट के वित्तीय और स्थानीय संपर्कों की तह तक जाकर सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक तस्कर नए तरीकों से कानून को चुनौती देते रहेंगे।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR