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पटना में घरेलू उपभोक्ता को थमाया 2.33 करोड़ रुपये का बिजली बिल, सदमे से बिगड़ी तबीयतबिहार
1 अक्तू॰ 2026, 9:14 am (8 मिनट पहले)· 0

पटना में घरेलू उपभोक्ता को थमाया 2.33 करोड़ रुपये का बिजली बिल, सदमे से बिगड़ी तबीयत

पटना के गुलजारबाग में एक घरेलू उपभोक्ता के खाते में अचानक 2 करोड़ 33 लाख रुपये से अधिक का बिजली बिल दिखने से हड़कंप मच गया। बिल देखकर उपभोक्ता की तबीयत बिगड़ गई, हालांकि शिकायत के बाद विभाग ने राशि को घटाकर 333 रुपये 45 पैसे कर दिया।

बिहार की राजधानी पटना के आलमगंज थाना क्षेत्र से बिजली विभाग की बिलिंग प्रणाली में भारी चूक का मामला सामने आया है। गुलजारबाग स्थित जय हिंद गली के निवासी कृष्णा प्रसाद सिंह के घरेलू बिजली खाते में अचानक 2,33,24,112 रुपये की भारी-भरकम राशि दर्ज हो गई। एक साधारण आवासीय परिसर के लिए 2 करोड़ 33 लाख 24 हजार 112 रुपये का बकाया देखकर उपभोक्ता हक्के-बक्के रह गए। इस भारी रकम को देखकर उन्हें गहरा झटका लगा, जिससे वह अचानक जमीन पर गिर पड़े। अचेत होने के बाद परिजनों ने आनन-फानन में उनके चेहरे पर पानी के छींटे मारे, उन्हें संभाला और दवा देकर स्थिति को नियंत्रित किया।

अचानक करोड़ों में बदला सामान्य घरेलू खाता

कृष्णा प्रसाद सिंह के अनुसार, उन्होंने अपने आवास के लिए सामान्य घरेलू बिजली कनेक्शन ले रखा है। 30 सितंबर 2026 को जब उन्होंने अपने बिजली खाते की ताजा स्थिति की जांच की, तो उनके होश उड़ गए। खाते में सीधे 2 करोड़ 33 लाख से अधिक की देनदारी दिखाई जा रही थी। उन्हें यह समझ ही नहीं आ रहा था कि आखिर किसी सामान्य घर में बिजली खपत का आकलन किस आधार पर करोड़ों रुपये में कर दिया गया।

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इससे पहले उनके मोबाइल फोन पर दिख रहे बिजली खाते में महज 206 रुपये का बकाया शेष प्रदर्शित हो रहा था। मामूली रकम के स्थान पर एकाएक करोड़ों रुपये का आंकड़ा स्क्रीन पर उभरने से वह मानसिक तनाव में आ गए। इसी मानसिक दबाव के कारण उनकी शारीरिक स्थिति बिगड़ी और परिजनों को तुरंत प्राथमिक उपचार देना पड़ा।

लापरवाही और बिलिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल

इस अप्रत्याशित घटना के बाद कृष्णा प्रसाद सिंह ने बिजली विभाग के कामकाज और सॉफ्टवेयर की विश्वसनीयता पर कड़े सवाल उठाए। उनका कहना था कि घरेलू उपभोक्ताओं के खातों में ऐसी भयंकर त्रुटियां होना विभाग की भारी लापरवाही को दर्शाता है। एक साधारण परिवार के लिए इस तरह का आंकड़ा जानलेवा साबित हो सकता है, क्योंकि अचानक करोड़ों का बोझ दिखने पर किसी को भी गहरा आघात या दिल का दौरा पड़ सकता है। आम इंसान के लिए इस तरह की लापरवाही किसी बड़े सदमे से कम नहीं होती।

कार्यालय में शिकायत के बाद सुधारी गई तकनीकी गड़बड़ी

समस्या के समाधान के लिए कृष्णा प्रसाद सिंह ने बिना देर किए अपने बेटे को संबंधित बिजली विभाग के दफ्तर भेजा। वहां मौजूद कर्मचारियों ने स्वीकार किया कि बिल में यह भारी अंतर तकनीकी त्रुटि की वजह से हुआ है। विभागीय कर्मियों ने तुरंत भरोसा दिलाया कि रिकॉर्ड को दुरुस्त कर दिया जाएगा। इस आश्वासन के बाद भी परिवार में डर और बेचैनी का माहौल बना रहा, क्योंकि करोड़ों रुपये की प्रविष्टि आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज थी।

बाद में विभाग द्वारा बिलिंग डाटा में सुधार की प्रक्रिया पूरी की गई। संशोधन के पश्चात कृष्णा प्रसाद सिंह के बिजली खाते का वास्तविक बकाया 333 रुपये 45 पैसे तय हुआ। जब यह राशि करोड़ों से घटकर चंद रुपयों पर लौटी, तब जाकर पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली।

प्रणाली की समीक्षा की मांग

तकनीकी त्रुटि ठीक होने के बावजूद उपभोक्ता का मानना है कि विभाग को अपनी पूरी व्यवस्था की गहन पड़ताल करनी चाहिए। ऐसे मामलों में सर्वर या बिलिंग ऑपरेटर की एक छोटी सी चूक किसी भी परिवार को मानसिक अवसाद में धकेल सकती है। उपभोक्ताओं का कहना है कि भविष्य में किसी अन्य नागरिक को इस तरह की मानसिक प्रताड़ना न झेलनी पड़े, इसके लिए बिलिंग सॉफ्टवेयर में ऑटोमेटेड सुरक्षा सीमाएं लागू होनी चाहिए।

सवाल-जवाब

यह घटना बिहार के किस इलाके की है?
यह घटना पटना के आलमगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत गुलजारबाग स्थित जय हिंद गली की है।
उपभोक्ता के खाते में कुल कितना बिजली बिल आया था?
उपभोक्ता कृष्णा प्रसाद सिंह के बिजली खाते में 2 करोड़ 33 लाख 24 हजार 112 रुपये का बिल दर्ज हुआ था।
करोड़ों का बिल दिखने से पहले उपभोक्ता का बकाया कितना था?
करोड़ों का बिल दिखने से ठीक पहले उपभोक्ता के खाते में महज 206 रुपये का बैलेंस दिखाई दे रहा था।
बिजली विभाग में शिकायत के बाद बिल कितना रह गया?
विभाग द्वारा त्रुटि सुधारने के बाद उपभोक्ता का वास्तविक बिजली बिल घटकर 333 रुपये 45 पैसे हो गया।
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