आमतौर पर किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीदारी करने का मतलब होता है जेब से पैसे जाना। लेकिन सासाराम के पांच युवकों ने पूरी कहानी ही उलट दी थी — वे सुबह-शाम Flipkart पर खरीदारी करते और उल्टा कमाई कर लेते। महीनों तक चले इसी अनोखे फर्जीवाड़े ने कंपनी को लाखों रुपये की चपत लगा दी, और जब तक भांडा फूटा, ये युवक हर ऑर्डर पर फायदे में रहते आए।
क्या था पूरा मामला
डेहरी थाना पुलिस ने इस बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए समस्तीपुर जिले के पांच शातिर युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये युवक ई-कॉमर्स कंपनी Flipkart से महंगे इलेक्ट्रॉनिक और दूसरे कीमती उत्पाद मंगाते थे और फिर एक सोची-समझी चाल के जरिए कंपनी को नुकसान पहुंचाते थे। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि इस पूरे खेल में एक डिलीवरी बॉय की भी मिलीभगत थी, जो दरअसल इन्हीं का दोस्त था।
कैसे काम करता था यह खेल
तरीका सीधा-सा था, लेकिन शातिराना। आरोपी पहले Flipkart पर मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और दूसरे महंगे प्रोडक्ट का ऑर्डर करते। सामान घर पहुंचने के बाद वे उसे रिटर्न करने की प्रक्रिया शुरू कर देते। पेच यहीं था — रिटर्न के समय असली उत्पाद की जगह नकली या बेहद कम कीमत का सामान पैक करके लौटा दिया जाता।
डिलीवरी बॉय की साठगांठ ने इस गड़बड़ी को लंबे समय तक छिपाए रखा। कंपनी के रिकॉर्ड में तो सामान वापस लौट आने की एंट्री दर्ज हो जाती, मगर असली महंगा प्रोडक्ट आरोपियों के पास ही रह जाता। नतीजा यह कि वे एक साथ दो फायदे उठाते — कीमती सामान भी अपने पास रख लेते और रिफंड का पूरा पैसा भी वसूल कर लेते।
कैसे पकड़ में आया फर्जीवाड़ा
यह सिलसिला कई महीनों तक बेरोकटोक चलता रहा और इसी दौरान कंपनी को लाखों रुपये का नुकसान हो गया। लेकिन जब एक ही दिशा से लगातार संदिग्ध रिटर्न और शिकायतें आने लगीं, तो कंपनी ने अपने स्तर पर आंतरिक जांच शुरू कर दी। इस जांच में गड़बड़ी के साफ संकेत मिले, जिसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही डेहरी थाना पुलिस हरकत में आई और कार्रवाई करते हुए पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से कई महंगे मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दूसरा सामान भी बरामद किया है। बरामद की गई इन वस्तुओं की कुल कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।













