बिहार की राजधानी पटना से सटे बख्तियारपुर इलाके में बुधवार को उस समय भारी अफरा-तफरी मच गई, जब गंगा आरती में हिस्सा लेकर अपने घर लौट रहे दो नवयुवकों पर अज्ञात हमलावरों ने अचानक गोलियां चला दीं। यह वारदात पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पैतृक आवास के सामने से गुजरने वाली मुख्य सड़क पर हुई। बाइक सवार बदमाशों ने घात लगाकर इस वारदात को अंजाम दिया और ताबड़तोड़ गोलियां बरसाते हुए मौके से फरार हो गए। अचानक हुई इस गोलीबारी से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
गंगा आरती से वापसी के दौरान हमला और घायलों की स्थिति
मिली जानकारी के अनुसार, बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के देदौर गांव निवासी विशाल कुमार और अभिषेक कुमार बुधवार की शाम गंगा नदी के किनारे सीढ़ी घाट पर आयोजित पवित्र गंगा आरती में शामिल होने गए थे। धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होने के बाद दोनों दोस्त अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर वापस घर लौट रहे थे। जैसे ही वे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास के सामने वाली सड़क पर पहुंचे, पहले से घात लगाकर बैठे हथियारबंद अपराधियों ने उन पर अचानक हमला कर दिया। हमलावरों ने बिना किसी चेतावनी के सीधे गोलियां चलानी शुरू कर दीं।
फायरिंग के दौरान एक गोली विशाल कुमार की पीठ में जा लगी, जबकि दूसरी गोली अभिषेक कुमार के पेट में धंस गई। अचानक हुए इस जानलेवा हमले में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हो गए। इसके बावजूद दोनों दोस्तों ने अद्भुत साहस और हिम्मत का परिचय दिया। वे अपनी बाइक को घटनास्थल पर ही छोड़कर किसी तरह पैदल भागते हुए निकट स्थित बख्तियारपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। वहां डॉक्टरों की टीम ने तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू किया, परंतु उनकी बिगड़ती हुई स्थिति और गंभीर चोटों को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर और आपातकालीन इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (PMCH) रेफर कर दिया।
घटनास्थल से कारतूस बरामद और क्षेत्र में सुरक्षा चाक-चौबंद
हाई-प्रोफाइल आवास के बेहद करीब हुई इस दुस्साहसिक वारदात की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। बख्तियारपुर थाने की पुलिस तुरंत हरकत में आई और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस बल ने पूरे इलाके को सील कर सघन छानबीन शुरू कर दी है। फोरेंसिक जांच और साक्ष्य जुटाने के दौरान पुलिस की टीम को घटनास्थल से एक खोखा तथा दो गोलियां बरामद हुई हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास के पास सड़क पर दिनदहाड़े हुई इस गोलीबारी की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे परिसर और आसपास के रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और आने-जाने वाले वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है। इसके अलावा, पुलिस आसपास की दुकानों और इमारतों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि गोलीबारी में शामिल अपराधियों और उनकी बाइक का सुराग मिल सके। पुलिस की अलग-अलग टीमें हमलावरों की पहचान करने तथा उनकी संभावित ठिकानों पर छापेमारी में जुटी हुई हैं।
स्थानीय विधायक का अस्पताल दौरा और प्रशासनिक कार्रवाई का आश्वासन
वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय विधायक अरुण कुमार शाह तुरंत अस्पताल पहुंचे और घायलों के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने डॉक्टरों से घायलों की स्वास्थ्य स्थिति की विस्तृत जानकारी ली और बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विधायक अरुण कुमार शाह ने इस हिंसक वारदात की कड़े शब्दों में निंदा की और कहा कि बख्तियारपुर में इस तरह की घटना अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों की जल्द से जल्द पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
बख्तियारपुर में सार्वजनिक स्थान पर हुई इस भीषण गोलीबारी की घटना से स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश और भय का माहौल है। आम जनता अब पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का इंतजार कर रही है, जिससे क्षेत्र में कानून का इकबाल कायम हो सके।



















