प्रिंस यादव की मौत का रहस्य अभी नहीं सुलझा, पोस्टमॉर्टम में हत्या के साफ संकेत नहीं, काठमांडू से विसरा रिपोर्ट का इंतजारbihar
3 घंटे पहले· 2

प्रिंस यादव की मौत का रहस्य अभी नहीं सुलझा, पोस्टमॉर्टम में हत्या के साफ संकेत नहीं, काठमांडू से विसरा रिपोर्ट का इंतजार

पटना के KGS सेंटर हिंसा मामले में नामित 24 वर्षीय प्रिंस यादव की नेपाल के बिराटनगर में हुई मौत के प्रारंभिक पोस्टमॉर्टम में बाहरी चोट या हत्या के कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं. विसरा के नमूने फॉरेंसिक जांच के लिए काठमांडू भेजे गए हैं और उसी रिपोर्ट से मौत की असल वजह का पता चलने की उम्मीद है.

पोस्टमॉर्टम में सामने आई ये बातें

नेपाल के बिराटनगर अस्पताल में 24 वर्षीय प्रिंस यादव का प्रारंभिक पोस्टमॉर्टम किया गया. TrendKia को नेपाल पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस जांच में मृतक के शरीर पर किसी तरह की बाहरी चोट या हत्या जैसे स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं. हालांकि डॉक्टरों को प्रिंस यादव के हृदय से जुड़ी कुछ स्वास्थ्य समस्याओं की जानकारी जरूर मिली है. लेकिन यह अभी तक तय नहीं हो पाया है कि मौत का सीधा संबंध उन्हीं समस्याओं से था या नहीं. इसीलिए विसरा सैंपल को आगे की फॉरेंसिक जांच के लिए काठमांडू भेजा गया है और अंतिम निष्कर्ष उसी रिपोर्ट पर निर्भर करेगा.

कौन हैं प्रिंस यादव और क्यों थे वे नेपाल में?

प्रिंस यादव, पटना के चर्चित ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान के डायरेक्टर रौशन आनंद के भाई थे. उनका नाम 2 जून को पटना में खान ग्लोबल स्टडीज (KGS) सेंटर के बाहर हुई हिंसा की घटना से जुड़ा था और उनके खिलाफ FIR भी दर्ज की गई थी. पुलिस की कार्रवाई से बचने के मकसद से वे अपने चार दोस्तों के साथ नेपाल के बिराटनगर पहुंचे और वहां एक होटल में ठहर गए.

बिराटनगर होटल में अचानक बिगड़ी तबीयत, हुई मौत

होटल में रहने के दौरान प्रिंस यादव की तबीयत अचानक खराब हो गई. उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. उनके साथ बिराटनगर गए सभी चारों दोस्तों से नेपाल पुलिस ने पूछताछ की है. बताया जा रहा है कि ये चारों बिहार के सहरसा जिले के निवासी हैं. जांच एजेंसियां इस मामले के हर पहलू को बारीकी से खंगाल रही हैं.

रौशन आनंद ने जमानत के बाद लगाए गंभीर आरोप

जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद रौशन आनंद ने इस पूरे मामले में कई संगीन आरोप सार्वजनिक किए. उन्होंने कहा कि जेल में रहने के दौरान उन पर समझौता करने का दबाव डाला गया था. इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि उनके भाई की सुरक्षा को लेकर उन्हें पहले से ही आगाह किया गया था. उनका मानना है कि इस पूरे प्रकरण में किसी गहरी साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. बावजूद इसके, अब तक की शुरुआती मेडिकल जांच में ऐसा कोई भी संकेत सामने नहीं आया जो इन आशंकाओं की पुष्टि करता हो.

विसरा रिपोर्ट से सुलझेगी मौत की पहेली

पुलिस और फॉरेंसिक टीम दोनों काठमांडू से आने वाली विसरा रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं. जानकारों का मानना है कि जब यह रिपोर्ट सामने आएगी, तब ही प्रिंस यादव की मौत की असली वजह पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी और यह भी पता चलेगा कि उनकी मृत्यु के पीछे कोई और कारण था या नहीं.

सवाल-जवाब

प्रिंस यादव कौन थे और वे नेपाल क्यों गए थे?
प्रिंस यादव 24 साल के थे और पटना के ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद के भाई थे. 2 जून को KGS सेंटर के बाहर हुई हिंसा में नाम आने और FIR दर्ज होने के बाद वे पुलिस से बचने के लिए चार दोस्तों के साथ नेपाल के बिराटनगर में एक होटल में रहने लगे थे.
पोस्टमॉर्टम में क्या सामने आया?
बिराटनगर में हुए प्रारंभिक पोस्टमॉर्टम में बाहरी चोट या हत्या के स्पष्ट संकेत नहीं मिले. हालांकि हृदय से जुड़ी कुछ स्वास्थ्य समस्याएं जरूर सामने आईं, लेकिन मौत की पक्की वजह अभी तय नहीं हो पाई है.
विसरा सैंपल कहां भेजे गए हैं?
बिराटनगर अस्पताल ने मौत की सटीक वजह जानने के लिए विसरा के नमूने फॉरेंसिक जांच हेतु काठमांडू भेज दिए हैं.
रौशन आनंद ने क्या आरोप लगाए हैं?
जमानत पर रिहा होने के बाद रौशन आनंद ने कहा कि जेल में उन पर समझौते का दबाव बनाया गया था, उन्हें भाई को लेकर पहले से चेतावनी दी गई थी और उन्होंने पूरे मामले में साजिश की आशंका जताई है.
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