बिहार के वैशाली जिले अंतर्गत हाजीपुर में हुए बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड मामले में स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने कड़ी सख्त कार्रवाई की है। बिदुपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत रजासन गांव में 1 अगस्त को पुलिस टीम बुलडोजर के साथ मुख्य आरोपी के आवास पर पहुंची। वहां पुलिस कर्मियों ने अदालत के आदेश पर संपत्ति कुर्की जब्ती की पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया। कार्रवाई के दौरान आरोपी के मकान में लगे खिड़की और दरवाजे तक उखाड़ दिए गए तथा घरेलू इस्तेमाल की सभी वस्तुएं जब्त कर ली गईं। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा।
रास्ते के विवाद में हुई थी दोहरी हत्या
यह पूरा मामला बिदुपुर थाना क्षेत्र के रजासन गांव का है, जहां 12 जुलाई 2026 को रास्ते की जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच गंभीर विवाद उत्पन्न हो गया था। इसी रंजिश के चलते हमलावरों ने सेना में तैनात जवान जितेंद्र कुमार और उनके पिता मुरारी राय को निशाना बनाकर अंधाधुंध गोलीबारी की थी। गोली लगने से पिता और पुत्र दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया था और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे। स्थानीय स्तर पर जनाक्रोश को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच में तेजी लाई।
एनकाउंटर में जख्मी हुआ था मुख्य आरोपी
दोहरे हत्याकांड के बाद पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए विभिन्न स्थानों पर छापेमारी शुरू की थी। घटना के अगले ही दिन यानी 13 जुलाई 2026 को पुलिस ने मुख्य अभियुक्त जगदीश राय को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की थी। हालांकि, हिरासत में ले जाने के दौरान जगदीश राय ने पुलिस टीम का हथियार छीनकर भागने का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों ने त्वरित जवाबी कार्रवाई करते हुए आत्मरक्षा में एनकाउंटर किया। इस दौरान जगदीश राय के दोनों पैरों में गोली लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराकर दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया।
साजिश और शरण देने वालों पर भी पुलिस का शिकंजा
पुलिस जांच में यह बात उजागर हुई कि इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए 10 जुलाई 2026 को ही पूरी साजिश रच ली गई थी। वारदात के बाद आरोपियों की मदद करने वालों के खिलाफ भी पुलिस ने अभियान चलाया। इसी क्रम में 15 जुलाई 2026 को पुलिस ने दो और अभियुक्तों को दबोचा। इनमें से एक अभियुक्त पटना का रहने वाला पंकज राय था, जिसने घटना के बाद मुख्य आरोपी जगदीश राय को छुपाने और सुरक्षित जगह पर भेजने का जिम्मा संभाला था। दूसरा आरोपी एक नाबालिग लड़का था, जो जगदीश राय के दोस्त का बेटा है और पटना के एक हॉस्टल में रहता था। वारदात के बाद जगदीश राय को इसी नाबालिग के हॉस्टल में ठहराया गया था।
मामले में अब तक छह आरोपी भेजे गए जेल
हाजीपुर सदर एसडीपीओ सुबोध कुमार के नेतृत्व में आरोपी के घर पर बुलडोजर से कुर्की और जब्ती की कार्रवाई को पूरा कराया गया। पूरे घटनाक्रम पर जानकारी देते हुए हाजीपुर सदर एसडीपीओ सुबोध कुमार ने स्पष्ट किया कि दोहरे हत्याकांड की इस पूरी वारदात में शामिल कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि गंभीर अपराधों में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध इस प्रकार की कठोर दंडात्मक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी ताकि कानून व्यवस्था पर आम जनता का विश्वास कायम रहे।



















