उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में गंगा नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। गाजीपुर जिले में नदी का जलस्तर प्रतिदिन तेजी से ऊपर चढ़ रहा है, जिससे तटीय इलाकों और घाटों पर खतरे की घंटी बज चुकी है। हालांकि स्थानीय प्रशासन की ओर से कुछ शुरुआती कदम उठाए गए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि कई महत्वपूर्ण स्थानों पर लोगों की जान की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। सबसे अधिक चिंताजनक स्थिति नवापुरा साईं मंदिर घाट की बनी हुई है, जहां हर रोज सैकड़ों श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों का आना-जाना लगा रहता है।
नदी में हर दिन 10 से 12 इंच पानी का इजाफा
गाजीपुर के विभिन्न तटों पर काम करने वाले स्थानीय नाविकों के अनुसार, गंगा का जलस्तर रोज लगभग 10 से 12 इंच की दर से बढ़ रहा है। पानी की यह तेज रफ्तार तटीय बस्तियों और स्नान करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने कुछ प्रमुख घाटों पर फ्लोटिंग जेट्टी स्थापित की थी। हालांकि, पानी का स्तर इतनी तेजी से बढ़ा है कि अब कई जगहों पर नदी का पानी फ्लोटिंग जेट्टी के ऊपर तक पहुंचने लगा है, जिससे उनके इस्तेमाल पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रशासनिक निरीक्षण केवल औपचारिकता तक सीमित
घाटों की सुरक्षा स्थिति पर स्थानीय लोगों और नाविकों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। स्टीमर बोट का संचालन करने वाले भूपेंद्र ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारी निरीक्षण के नाम पर घाटों पर पहुंचते जरूर हैं, लेकिन वे महज कुछ मिनट रुककर वापस लौट जाते हैं। उन्होंने कहा कि घाटों की मरम्मत और देखरेख के नाम पर निर्माण सामग्री तो लाकर रख दी गई है, लेकिन बाढ़ या डूबने की घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी उपकरण और बचाव संसाधन अभी भी बहुत कम हैं। अधिकारियों के इस ढुलमुल रवैये से स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
नाविक खुद बरत रहे सावधानी, एक बार में केवल 6 सवारी
प्रशासनिक कमियों के बावजूद स्थानीय नाविक अपनी तरफ से सुरक्षा नियमों का पालन कर रहे हैं। भूपेंद्र ने जानकारी दी कि वह बढ़ते जलस्तर को ध्यान में रखते हुए स्टीमर में क्षमता से बहुत कम लोगों को बैठा रहे हैं। सुरक्षा के कड़े उपाय अपनाते हुए एक समय में केवल 6 यात्रियों को ही नाव में सवार होने दिया जा रहा है। इसके साथ ही, नदी में उतरने से पहले प्रत्येक व्यक्ति को लाइफ जैकेट पहनाना अनिवार्य किया गया है। नाविकों का कहना है कि वे अपने स्तर पर किसी भी हादसे को रोकने के लिए पूरी सतर्कता बरत रहे हैं।
नवापुरा साईं मंदिर घाट पर सुरक्षा बैरिकेडिंग गायब
गाजीपुर शहर के चार प्रमुख घाटों पर बाढ़ पुलिस और जिला प्रशासन ने स्नान करने वालों की सुरक्षा के लिए पानी में बैरिकेडिंग और डिवाइडर लगाए हैं। इसके बावजूद, शहर का प्रमुख केंद्र माने जाने वाले नवापुरा साईं मंदिर घाट पर ऐसी कोई व्यवस्था अब तक देखने को नहीं मिली है। इस घाट पर रोजाना भारी भीड़ उमड़ती है, लेकिन बिना बैरिकेडिंग के लोग सीधे गहरे पानी के संपर्क में आ सकते हैं। भूपेंद्र और अन्य स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि नवापुरा साईं मंदिर घाट पर तुरंत बैरिकेडिंग और सुरक्षा बल तैनात किए जाएं ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को समय रहते रोका जा सके।



















