भीलवाड़ा जिले के बनेड़ा थाना अंतर्गत आने वाले आमली गांव में शुक्रवार के दिन घरेलू विवाद के चलते एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई। आपसी कहासुनी और पारिवारिक कलह के दौरान एक व्यक्ति ने अपनी ही साली पर बंदूक से गोली चला दी। गोली सीधे लगने के कारण युवती ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। अचानक हुई इस वारदात से पूरे गांव में अफरा तफरी मच गई और घटना स्थल के आसपास भारी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद हमलावर मौके से फरार होने में कामयाब रहा, लेकिन सतर्क हुई पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज दो घंटे के भीतर आरोपी को हिरासत में ले लिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और आरोपी की घेराबंदी
वारदात की सूचना प्राप्त होते ही बनेड़ा थाना प्रभारी ओमप्रकाश पुलिस बल के साथ बिना किसी देरी के आमली गांव पहुंचे। पुलिस टीम ने सबसे पहले अपराध स्थल को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित किया ताकि वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो सके। इसके बाद पुलिस ने आसपास के इलाके की नाकेबंदी करते हुए आरोपी की तलाश तेज कर दी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उच्च अधिकारियों को भी तुरंत अवगत कराया गया। पुलिस अधीक्षक सागर राणा ने मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए एक विशेष जांच दल का गठन किया। इस विशेष टीम ने स्थानीय इनपुट और तकनीकी निगरानी का सहारा लेकर संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने महज दो घंटे के अंदर आरोपी किशन कालबेलिया को हिरासत में ले लिया।
वारदात में प्रयुक्त हथियार और फॉरेंसिक जांच
हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस ने आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की। आरोपी की निशानदेही के आधार पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई बंदूक को भी सफलतापूर्वक बरामद कर लिया है। पुलिस प्रशासन अब इस पहलू की गहराई से पड़ताल कर रहा है कि यह हथियार वैध लाइसेंस वाला था अथवा अवैध, और आरोपी के पास यह बंदूक कहां से आई थी। इसके साथ ही साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की मोबाइल यूनिट को तुरंत मौके पर बुलाया गया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट, बैलिस्टिक नमूने और अन्य महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए हैं, जिससे पूरे घटनाक्रम की तकनीकी आधार पर पुष्टि की जा सके।
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया और गांव में सुरक्षा व्यवस्था
पुलिस ने मृतका के शव को अपने अधिकार में लेकर आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी की और उसे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए अस्पताल भिजवाया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम की औपचारिकताएं पूरी होने और चिकित्सकों की रिपोर्ट आने के पश्चात शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से गोली लगने की सटीक दिशा और दूरी का पता चलेगा, जो कानूनी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण साबित होगा। इस दुखद घटना के बाद आमली गांव में माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है। गांव की शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल ने एहतियाती तौर पर निगरानी बढ़ा दी है और लगातार गश्त की जा रही है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो सके।
पारिवारिक विवाद के कोण की विस्तृत पड़ताल
शुरुआती जांच और परिजनों से बातचीत के आधार पर पुलिस इस नतीजे पर पहुंची है कि वारदात की मुख्य वजह पारिवारिक विवाद ही था। हालांकि पुलिस अधिकारी अभी किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रहे हैं और मामले के हर एक पहलू का गहराई से विश्लेषण कर रहे हैं। पुलिस की ओर से मृतका के परिजनों, आरोपी के रिश्तेदारों तथा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि झगड़े का वास्तविक कारण स्पष्ट हो सके। पुलिस प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि यदि जांच के दौरान कोई नया तथ्य या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके अनुसार सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।



















