बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी कानून को अमल में लाने निकली उत्पाद विभाग की एक टीम मुजफ्फरपुर जिले में स्थानीय धंधेबाजों के उग्र विरोध का शिकार हो गई। छापेमारी के दौरान हिरासत में लिए गए आरोपी को भीड़ ने जबरन छुड़ा लिया और मौके से फरार हो गई। पूरा घटनाक्रम सकरा थाना क्षेत्र के रूपनपट्टी चौक पर हुआ, जहां टीम के पहुंचते ही माहौल बिगड़ गया।
कैसे शुरू हुई छापेमारी
उत्पाद विभाग के एएसआई उपेंद्र मंडल के नेतृत्व में चल रही इस टीम को पुख्ता सूचना मिली थी कि सकरा इलाके में बड़े स्तर पर शराब बेची जा रही है और कुछ लोग तो घर-घर तक इसकी डिलीवरी भी कर रहे हैं। सूचना की तस्दीक करने के बाद टीम मौके के लिए रवाना हुई और चिकनौटा चेक पोस्ट के पास दबिश देकर संदिग्धों को पकड़ने की तैयारी में जुट गई।
पंकज ठाकुर की गिरफ्तारी और बाजार का कनेक्शन
कार्रवाई के दौरान टीम के हत्थे विशनपुर बघनगरी के रहने वाले पंकज कुमार ठाकुर चढ़े, जिन पर बाइक के जरिए शराब की सप्लाई करने का आरोप है। उन्हें पकड़ते ही आसपास हलचल तेज हो गई। बताया जाता है कि जिस बाजार में यह पूरी कार्रवाई चल रही थी, वह रूपनपट्टी निवासी अरविंद मिश्रा से जुड़ा हुआ है। अरविंद मिश्रा इन दिनों दरभंगा जिले में पुलिस की आपातकालीन सेवा डायल 112 की गाड़ी में चालक के तौर पर तैनात हैं।
प्रवर्तन एजेंसियों के सामने सुरक्षा की चुनौती
यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि शराबबंदी वाले इलाकों में छापेमारी करने गई टीमों की सुरक्षा किस हद तक पुख्ता है। घटना के वक्त उत्पाद विभाग की टीम के पास सीमित संख्या में कर्मी मौजूद थे, जबकि भीड़ अचानक और बड़ी संख्या में जमा हो गई, जिससे कार्रवाई करने वाले अधिकारियों के लिए हालात संभालना मुश्किल हो गया।
भीड़ ने घेरा, गाड़ी में तोड़फोड़ की कोशिश
आरोप है कि अरविंद मिश्रा खुद मौके पर मौजूद थे और उन्हीं के उकसावे पर देखते ही देखते आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। कुछ ही मिनटों में हालात तनावपूर्ण हो गए। जुटी भीड़ ने उत्पाद विभाग की टीम को चारों तरफ से घेर लिया, धक्का-मुक्की शुरू कर दी और सरकारी वाहन को क्षतिग्रस्त करने की कोशिश की। इसी अफरातफरी का फायदा उठाकर कुछ उपद्रवी वाहन तक पहुंचे और हिरासत में बैठाए गए पंकज ठाकुर को खींचकर बाहर निकाल लिया, फिर उसे साथ लेकर मौके से फरार हो गए। टीम के सदस्यों ने किसी तरह खुद को संभाला और तुरंत सकरा थाने को पूरी घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही थाने से पुलिस बल मौके के लिए रवाना हुआ, लेकिन तब तक हमलावर और छुड़ाया गया आरोपी दोनों वहां से निकल चुके थे। इसके बाद पुलिस ने पंकज ठाकुर समेत अन्य संदिग्धों के ठिकानों पर भी दबिश दी, मगर घर बंद मिले और कोई बरामदगी नहीं हो सकी। राहत की बात यह रही कि हमले का सीसीटीवी फुटेज पुलिस के हाथ लग गया है, जिसकी मदद से अब हमलावरों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
डीएसपी बोले, पांच नामजद पर मामला दर्ज
डीएसपी (पूर्वी-2) मनोज कुमार सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि टीम चिकनौटा चेक पोस्ट के आसपास शराब बिक्री की सूचना पर पहुंची थी। उन्होंने कहा, "पंकज ठाकुर को रोकने पर भीड़ जुट गई और धक्का-मुक्की कर आरोपी को छुड़ा लिया गया।" उनके अनुसार एएसआई उपेंद्र मंडल के आवेदन पर सकरा थाने में पांच नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा चुका है। घटना के बाद पुलिस पंकज ठाकुर सहित अन्य आरोपियों के घर तक पहुंची, लेकिन सभी फरार मिले। डीएसपी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावरों की शिनाख्त कर आगे कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।


















