परीक्षा में सेंधमारी की एक बड़ी साजिश शुरू होने से पहले ही नाकाम कर दी गई। केंद्रीय चयन पर्षद (Central Selection Board) की मद्य निषेध विभाग एवं कारा विभाग की सिपाही व कक्षपाल भर्ती परीक्षा के दिन समस्तीपुर पुलिस ने सॉल्वर गैंग की पूरी योजना को धरातल पर उतरने से पहले ही ध्वस्त कर दिया और इस नेटवर्क से जुड़े 4 लोगों को हिरासत में ले लिया।
कैसे खुली साजिश की परत
इस पूरी कार्रवाई की नींव बेगूसराय पुलिस से मिली एक सूचना ने रखी। पड़ोसी जिले की पुलिस से इनपुट मिला कि भर्ती परीक्षा के दौरान गड़बड़ी फैलाने के मकसद से सॉल्वर गैंग के कुछ सदस्य सक्रिय हो चुके हैं। इशारा मिलते ही समस्तीपुर पुलिस की DIU और SIT की टीमें हरकत में आईं और अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू कर दी। नतीजा यह रहा कि गिरोह से जुड़े 4 लोग पुलिस के शिकंजे में आ गए।
खास बात यह रही कि पुलिस ने यह दबिश परीक्षा का पर्चा खुलने से पहले ही दे दी, जिससे गैंग को अपनी चाल चलने का मौका ही नहीं मिला। आरोपियों के पास से कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, दूसरे उपकरण और अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड बरामद किए गए हैं।
केंद्र पर मौजूद वीडियोग्राफर भी जाल में
इस छापेमारी का एक चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि गिरफ्तार लोगों में एक वीडियोग्राफर भी शामिल है। यह शख्स परीक्षा के दौरान केंद्र पर वीडियोग्राफी की जिम्मेदारी संभाल रहा था। पुलिस अब यह खंगाल रही है कि भीतर तक पहुंच रखने वाला यह वीडियोग्राफर आखिर सॉल्वर गैंग के साथ किस तरह जुड़ा था और परीक्षा में गड़बड़ी कराने में उसकी असल भूमिका क्या थी।
कौन हैं पकड़े गए आरोपी
समस्तीपुर पुलिस के मुताबिक, सलाखों के पीछे पहुंचे सॉल्वर गैंग के इन सदस्यों की शिनाख्त बेगूसराय जिले के गढ़पुरा निवासी अमित कुमार और नीतीश कुमार, समस्तीपुर के विथान निवासी दीपक कुमार यादव तथा खानपुर थाना क्षेत्र के इलमास नगर निवासी पंकज कुमार सहनी के रूप में हुई है।
ASP सदर 1 समस्तीपुर संजय कुमार पांडे ने बताया कि सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और इन्होंने अपनी संलिप्तता भी कबूल कर ली है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ये लोग इससे पहले भी परीक्षाओं में इसी तरह की गड़बड़ी में सक्रिय रहे हैं, यानी मामला किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं है।
समय पर दबिश, शांति से निपटी परीक्षा
ASP संजय कुमार पांडे ने कहा कि समस्तीपुर पुलिस की समय रहते की गई इस कार्रवाई का सीधा असर परीक्षा पर पड़ा — गिरोह आज की परीक्षा में कुछ भी नहीं कर सका और पूरी परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। दिलचस्प यह है कि जिन परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड इन आरोपियों के पास से मिले, वे भी आज परीक्षा में बैठे थे। पुलिस ने साफ किया कि पूछताछ में सामने आ रही जानकारियों के आधार पर जांच को और आगे बढ़ाया जा रहा है।













