सुपौल के सदर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। नगर परिषद के कृष्णापुरी वार्ड-4 में एक नाबालिग बच्ची को कथित तौर पर करीब एक साल तक एक कमरे में बंद करके रखा गया। जब 30 जून की शाम परिजनों ने उसे उस कमरे से बरामद किया, तो उसके चेहरे पर पिटाई के स्पष्ट निशान मिले। बच्ची ने पुलिस और अपने परिवार के सामने आरोप लगाया कि कैद के दौरान लगातार उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और उसकी मां को किसी के हाथों बेच दिया गया। इस मामले ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है और पुलिस ने एक महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
जुलाई 2025 में अचानक लापता हो गया था पूरा परिवार
पीड़ित बच्ची के पिता मनीष कुमार यादव ने बताया कि जुलाई 2025 में उनकी पत्नी और दोनों बेटियां अचानक गायब हो गई थीं। उन्होंने पुलिस से शिकायत करने की कोशिश की, लेकिन उनका आरोप है कि उनकी शिकायत पर कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। बिना किसी सरकारी मदद के परिवार करीब पूरे एक साल तक अपनी लापता पत्नी और बेटियों को ढूंढता रहा।
किसी तरह कैद तोड़कर घर पहुंची बड़ी बेटी
करीब एक साल बाद बड़ी बेटी किसी तरह कैद से निकलने में कामयाब रही और अपने घर वापस पहुंची। उसने परिवार को बताया कि उसकी छोटी बहन अभी भी कहीं बंद है। इस जानकारी के मिलते ही परिजनों ने तुरंत छोटी बेटी की तलाश शुरू की। लंबी कोशिश के बाद मंगलवार, 30 जून की शाम कृष्णापुरी वार्ड-4 में एक कमरे से छोटी बच्ची को बरामद किया गया।
बच्ची ने सुनाई कैद की दर्दनाक दास्तान
बरामद नाबालिग बच्ची ने पुलिस और परिजनों के सामने बताया कि उसे करीब एक साल तक उस कमरे में बंद रखा गया और इस पूरे दौरान लगातार बेरहमी से मारा-पीटा जाता रहा। उसके चेहरे पर पिटाई के निशान साफ दिखाई दे रहे थे। बच्ची ने यह भी खुलासा किया कि उसकी मां को बेच दिया गया है। इस गंभीर बयान के बाद पुलिस ने मामले को उच्च प्राथमिकता देते हुए जांच तेज कर दी।
एक महिला हिरासत में, दोनों बच्चियों के बयान दर्ज
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने तत्काल कदम उठाते हुए दोनों बच्चियों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की। मामले में एक महिला को हिरासत में लिया गया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है। सदर थानाध्यक्ष रामसेवक रावत ने जनता से अपील की कि जब तक जांच पूरी न हो जाए, किसी भी निष्कर्ष पर न पहुंचें। उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और हर पहलू की गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बयान, सबूत और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इलाके में आक्रोश, निष्पक्ष जांच की मांग
इस मामले के उजागर होने के बाद कृष्णापुरी वार्ड और आसपास के इलाकों में लोगों में रोष की लहर दौड़ गई है। स्थानीय निवासी पुलिस से मांग कर रहे हैं कि मामले की पूरी तरह निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। बच्ची के लगाए आरोपों की सत्यता की भी जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की तफ्तीश में जुटी है।













